7 अक्टूबर 2026
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भारत-इटली आतंकवाद रोधी बैठक: सिबी जॉर्ज ने पाओलो मारी से की मुलाकात, आतंक-वित्तपोषण पर चर्चा

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भारत-इटली आतंकवाद रोधी बैठक: सिबी जॉर्ज ने पाओलो मारी से की मुलाकात, आतंक-वित्तपोषण पर चर्चा

सारांश

नई दिल्ली में भारत-इटली आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह की छठी बैठक हुई। सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और इटली के निदेशक पाओलो मारी ने आतंक-वित्तपोषण, क्रिप्टो निगरानी और साइबर कट्टरपंथ जैसे उभरते खतरों पर चर्चा की — यह भारत-इटली सुरक्षा सहयोग की बढ़ती गहराई का संकेत है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में इटली के निदेशक पाओलो मारी से मुलाकात की।
भारत-इटली JWG-CT की छठी बैठक नई दिल्ली में आयोजित; दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की।
चर्चा के मुख्य विषय: आतंकवाद का वित्तपोषण , क्रिप्टोकरेंसी निगरानी, ऑनलाइन कट्टरपंथ और साइबर दुष्प्रचार।
बहुपक्षीय मंचों — संयुक्त राष्ट्र , FATF , ग्लोबल काउंटरटेररिज्म फोरम — पर समन्वय बढ़ाने पर सहमति।
पिछली (5वीं) बैठक 16-17 जनवरी 2025 को रोम में हुई थी।

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में इटली के वरिष्ठ राजनयिक पाओलो मारी से मुलाकात की। यह भेंट भारत-इटली आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह (JWG-CT) की छठी बैठक के अवसर पर हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की कड़ी निंदा की तथा द्विपक्षीय आतंकवाद-रोधी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने पर सहमति जताई।

बैठक का संदर्भ और महत्व

पाओलो मारी इटली के विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय में जी7-जी20, ट्रांसनेशनल थ्रेट्स और इंटीग्रेटेड स्ट्रैटेजी के निदेशक हैं। वे इस बैठक की सह-अध्यक्षता करने के लिए भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तस्वीरें साझा करते हुए इस बैठक की जानकारी दी।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के नए-नए तरीकों — विशेषकर साइबरस्पेस और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से वित्तपोषण — को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं।

मुख्य एजेंडे और चर्चा के विषय

बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने (CFT) पर संयुक्त पहल को आगे बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया। प्रवक्ता के अनुसार, चर्चा में यह भी शामिल था कि किस प्रकार ऑनलाइन कट्टरपंथ, साइबरस्पेस में दुष्प्रचार और सरकार-प्रायोजित गलत सूचना के प्रसार को रोका जाए।

इसके अलावा, क्रिप्टोकरेंसी और अन्य डिजिटल माध्यमों से आतंकी संगठनों को मिलने वाली फंडिंग पर निगरानी बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र, ग्लोबल काउंटरटेररिज्म फोरम और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर समन्वय को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।

पिछली बैठकों की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि JWG-CT की पाँचवीं बैठक और संगठित अपराध पर वार्ता 16-17 जनवरी 2025 को रोम में आयोजित हुई थी। उस बैठक का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद के लिए फंडिंग और क्रिप्टो पर निगरानी रखना, प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग को रोकने हेतु सूचना साझा करना, और बहुपक्षीय तालमेल को बढ़ावा देना था। विदेश मंत्रालय (MEA) की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह ब्यौरा दर्ज है।

यह छठी बैठक इस सातत्यपूर्ण कूटनीतिक ढाँचे की अगली कड़ी है और दर्शाती है कि भारत-इटली सुरक्षा सहयोग नियमित एवं संस्थागत स्वरूप ले चुका है।

भारत-इटली संबंधों के व्यापक परिप्रेक्ष्य में

भारत और इटली दोनों ही G20 के सदस्य हैं और वैश्विक आतंकवाद-रोधी अभियानों में साझेदार की भूमिका निभाते रहे हैं। यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों को केवल व्यापार और सांस्कृतिक क्षेत्र से आगे ले जाकर रणनीतिक सुरक्षा के आयाम में विस्तार देने की दोनों देशों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

आगामी बैठकों और इस द्विपक्षीय ढाँचे के अंतर्गत होने वाली पहलों पर नज़र रहेगी, क्योंकि वैश्विक आतंकी खतरे तेज़ी से बदल रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

इन बैठकों का असली मूल्यांकन तब होगा जब क्रिप्टो-वित्तपोषण और ऑनलाइन कट्टरपंथ जैसे एजेंडे ठोस परिचालन सहयोग में बदलें। FATF के ढाँचे में भारत और इटली दोनों की सक्रिय भागीदारी इस दिशा में सकारात्मक संकेत है, लेकिन इन बैठकों के परिणामों की पारदर्शी रिपोर्टिंग अभी भी अपर्याप्त है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-इटली आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह (JWG-CT) क्या है?
यह भारत और इटली के बीच आतंकवाद-रोधी सहयोग के लिए एक द्विपक्षीय संस्थागत ढाँचा है, जिसमें नियमित बैठकों के ज़रिए आतंकवाद, उसके वित्तपोषण और संगठित अपराध पर जानकारी साझा की जाती है। इस समूह की छठी बैठक 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई।
सिबी जॉर्ज और पाओलो मारी की बैठक में क्या चर्चा हुई?
दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की, द्विपक्षीय आतंकवाद-रोधी सहयोग को मज़बूत करने के उपायों और 'आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने' (CFT) पर संयुक्त पहल को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए फंडिंग और साइबर कट्टरपंथ भी एजेंडे में शामिल रहे।
पिछली JWG-CT बैठक कब और कहाँ हुई थी?
JWG-CT की पाँचवीं बैठक 16-17 जनवरी 2025 को रोम में आयोजित की गई थी। उसमें आतंकवाद के लिए फंडिंग, क्रिप्टो निगरानी और तकनीक के दुरुपयोग को रोकने पर विचार-विमर्श हुआ था।
इस बैठक में FATF और संयुक्त राष्ट्र की क्या भूमिका है?
दोनों देशों ने FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स), संयुक्त राष्ट्र और ग्लोबल काउंटरटेररिज्म फोरम जैसे बहुपक्षीय मंचों पर आपसी तालमेल को और गहरा करने पर सहमति जताई। ये संस्थाएँ आतंकवाद के वित्तपोषण पर वैश्विक निगरानी का मुख्य आधार हैं।
पाओलो मारी इटली में किस पद पर हैं?
पाओलो मारी इटली के विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय में जी7-जी20, ट्रांसनेशनल थ्रेट्स और इंटीग्रेटेड स्ट्रैटेजी के निदेशक हैं। वे JWG-CT की छठी बैठक की सह-अध्यक्षता के लिए नई दिल्ली आए।
राष्ट्र प्रेस
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