10 अगस्त 2026
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भारत-मोरक्को आतंकवाद-रोधी बैठक नई दिल्ली में, पहलगाम और लाल किला हमले की संयुक्त निंदा

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भारत-मोरक्को आतंकवाद-रोधी बैठक नई दिल्ली में, पहलगाम और लाल किला हमले की संयुक्त निंदा

सारांश

नई दिल्ली में भारत-मोरक्को आतंकवाद-रोधी JWG की दूसरी बैठक में पहलगाम और लाल किला हमलों की संयुक्त निंदा हुई। सूचना-साझाकरण, कट्टरपंथ की रोकथाम और FATF जैसे मंचों पर सहयोग की प्रतिबद्धता — यह बैठक पहलगाम के बाद भारत की कूटनीतिक सक्रियता का ताज़ा उदाहरण है।

मुख्य बातें

नई दिल्ली में 22 जून 2026 को भारत-मोरक्को आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह (JWG) की दूसरी बैठक आयोजित हुई।
बैठक की सह-अध्यक्षता डॉ.
विनोद बहाडे (भारत, विदेश मंत्रालय) और हिचाम बाली (मोरक्को, राष्ट्रीय न्यायिक पुलिस ब्रिगेड) ने की।
22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले और 10 नवंबर 2025 के लाल किला के पास की आतंकी घटना की संयुक्त निंदा की गई।
हिंसक कट्टरपंथ, आतंकी वित्तपोषण, तकनीक के दुरुपयोग और आतंकवादियों की वैश्विक आवाजाही पर विस्तृत चर्चा हुई।
संयुक्त राष्ट्र , FATF और GCTF जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
अगली JWG बैठक मोरक्को में आपसी सहमति से तय तिथि पर होगी।

नई दिल्ली में 22 जून 2026 को भारत-मोरक्को आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह (JWG) की दूसरी बैठक आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद सहित आतंक के हर स्वरूप की कड़ी निंदा की और द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊँचाई देने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में लाल किले के निकट हुई आतंकवादी घटना की विशेष रूप से भर्त्सना की गई।

बैठक का नेतृत्व और संरचना

इस उच्चस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (काउंटर टेररिज्म) डॉ. विनोद बहाडे और मोरक्को साम्राज्य के राष्ट्रीय पुलिस महानिदेशालय के अंतर्गत राष्ट्रीय न्यायिक पुलिस ब्रिगेड के प्रमुख हिचाम बाली ने की। यह JWG का दूसरा सत्र था, जो दोनों देशों के बीच संस्थागत आतंकवाद-विरोधी तंत्र को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम और चर्चा के विषय

बैठक में दोनों पक्षों ने वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों से उत्पन्न खतरों का विस्तृत मूल्यांकन किया। चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में हिंसक कट्टरपंथ और उग्रवाद की रोकथाम, आतंकवाद के वित्तपोषण पर अंकुश, आतंकी गतिविधियों में तकनीक के दुरुपयोग को रोकना, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और आतंकवाद के परस्पर संबंध, तथा आतंकवादियों की वैश्विक आवाजाही पर निगरानी जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल रहे।

सहयोग के नए आयाम

दोनों देशों ने सूचना-साझाकरण, क्षमता-निर्माण और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के ज़रिए आतंकवाद-रोधी साझेदारी को और प्रभावी बनाने पर सहमति व्यक्त की। इसके अतिरिक्त, संयुक्त राष्ट्र, FATF (वित्तीय कार्रवाई कार्यबल) और GCTF (वैश्विक आतंकवाद-रोधी मंच) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। यह ऐसे समय में आया है जब भारत पहलगाम हमले के बाद कूटनीतिक मोर्चे पर आतंकवाद के विरुद्ध व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में सक्रिय है।

अगली बैठक की रूपरेखा

दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तय की जाने वाली तिथि पर मोरक्को में JWG की अगली बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई। गौरतलब है कि यह JWG भारत-मोरक्को के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों का हिस्सा है, और इस द्विपक्षीय तंत्र का विस्तार आने वाले समय में और अधिक क्षेत्रों में सहयोग का आधार बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मोरक्को के साथ यह JWG बैठक उसी रणनीति की एक कड़ी है। उल्लेखनीय है कि मोरक्को अफ्रीका और मध्य-पूर्व के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कड़ी है, जहाँ से आतंकी नेटवर्क और वित्तपोषण के मार्ग गुज़रते हैं। लाल किला घटना का इस बैठक में उल्लेख यह संकेत देता है कि भारत घरेलू आतंकी घटनाओं को भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दर्ज कराने की नीति पर चल रहा है। असली परीक्षा यह होगी कि सूचना-साझाकरण और क्षमता-निर्माण के ये वादे व्यावहारिक खुफिया सहयोग में कितनी जल्दी तब्दील होते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-मोरक्को आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह (JWG) क्या है?
यह भारत और मोरक्को के बीच आतंकवाद से निपटने के लिए स्थापित एक द्विपक्षीय संस्थागत तंत्र है। इसकी दूसरी बैठक 22 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया।
इस बैठक में पहलगाम हमले का उल्लेख क्यों किया गया?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की मोरक्को ने भी कड़ी निंदा की। भारत इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध समर्थन जुटाने में सक्रिय है, और यह बैठक उसी प्रयास का हिस्सा है।
बैठक में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में हिंसक कट्टरपंथ की रोकथाम, आतंकी वित्तपोषण पर अंकुश, आतंकवाद में तकनीक के दुरुपयोग, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और आतंकवाद के संबंध, तथा आतंकवादियों की वैश्विक आवाजाही पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
अगली भारत-मोरक्को JWG बैठक कब और कहाँ होगी?
दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तय की जाने वाली तिथि पर मोरक्को में अगली बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई है। अभी तक कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।
FATF और GCTF में भारत-मोरक्को सहयोग का क्या महत्व है?
FATF (वित्तीय कार्रवाई कार्यबल) आतंकी वित्तपोषण पर नज़र रखता है, जबकि GCTF (वैश्विक आतंकवाद-रोधी मंच) सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का मंच है। इन मंचों पर दोनों देशों का समन्वित रुख आतंकवाद के वित्तीय और परिचालन नेटवर्क को कमज़ोर करने में सहायक हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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