25 अगस्त 2026
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क्वाड विदेश मंत्रियों की नई दिल्ली बैठक: आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक वैश्विक कार्रवाई का आह्वान

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क्वाड विदेश मंत्रियों की नई दिल्ली बैठक: आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक वैश्विक कार्रवाई का आह्वान

सारांश

नई दिल्ली में क्वाड की बैठक महज़ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं थी — पहलगाम और बोंडी बीच हमलों की सीधी निंदा के साथ चारों देशों ने सीमा पार आतंकवाद, दक्षिण-पूर्व एशिया के ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क और दक्षिण चीन सागर में बढ़ते दबाव पर एकजुट रुख अपनाया।

मुख्य बातें

भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने 26 मई 2026 को नई दिल्ली में क्वाड बैठक संपन्न की।
22 अप्रैल 2025 के पहलगाम और 14 दिसंबर 2025 के बोंडी बीच आतंकी हमलों की संयुक्त निंदा की गई।
सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत प्रतिबंधित आतंकियों, संगठनों और फंडिंग नेटवर्क पर कार्रवाई का आह्वान।
दक्षिण-पूर्व एशिया में ऑनलाइन स्कैम सेंटरों से जुड़ी मानव तस्करी, साइबर अपराध और अवैध वित्तीय गतिविधियों पर गहरी चिंता।
पूर्वी और दक्षिण चीन सागर में बल प्रयोग, जहाज़ों को टक्कर और सैन्यकरण का विरोध; यूएनसीएलओएस के पालन पर ज़ोर।
जयशंकर , मार्को रूबियो , पेनी वोंग और तोशिमित्सु मोतेगी ने मुक्त इंडो-पैसिफिक की प्रतिबद्धता दोहराई।

क्वाड देशों — भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया — के विदेश मंत्रियों ने 26 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित बैठक में आतंकवाद के हर रूप और तरीके की कड़ी निंदा की और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से निर्णायक एवं निरंतर प्रयासों की अपील की। संयुक्त बयान में सीमा पार आतंकवाद को विशेष चिंता का विषय बताया गया और दो हालिया हमलों — 22 अप्रैल 2025 को भारत के पहलगाम में और 14 दिसंबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के बोंडी बीच में हुए आतंकी हमलों — की स्पष्ट शब्दों में भर्त्सना की गई।

आतंकवाद पर क्वाड का साझा रुख

विदेश मंत्री एस. जयशंकर (भारत), मार्को रूबियो (अमेरिका), पेनी वोंग (ऑस्ट्रेलिया) और तोशिमित्सु मोतेगी (जापान) ने संयुक्त बयान में कहा, "हम अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक प्रयासों को और निरंतर और निर्णायक बनाने का आह्वान करते हैं।" चारों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित आतंकियों, उनके संगठनों, समर्थकों और फंडिंग नेटवर्क के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पार तनाव चरम पर है और पहलगाम हमले को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक बहस जारी है। गौरतलब है कि क्वाड का यह बयान उन देशों को स्पष्ट संदेश देता है जो आतंकी ढाँचों को पनाह देते हैं।

दक्षिण-पूर्व एशिया में ऑनलाइन ठगी केंद्रों पर चिंता

बैठक में दक्षिण-पूर्व एशिया में तेज़ी से फैल रहे ऑनलाइन स्कैम सेंटरों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। संयुक्त बयान के अनुसार ये नेटवर्क अब किसी एक देश तक सीमित नहीं रहे, बल्कि अन्य देशों में भी फैल चुके हैं। इनसे जुड़े अपराधों में मानव तस्करी, ड्रग्स तस्करी, यौन उत्पीड़न, अवैध वित्तीय गतिविधियाँ और साइबर अपराध शामिल हैं।

क्वाड देशों ने कानून प्रवर्तन और नियामक सहयोग को मज़बूत करने का संकल्प लिया ताकि साझेदार देश इन नेटवर्कों से बेहतर तरीके से निपट सकें। यह पहल इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संगठित अपराध की बढ़ती जड़ों को काटने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

इंडो-पैसिफिक और चीन सागर पर चिंता

मंत्रियों ने मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक की आवश्यकता को दोहराया। संयुक्त बयान में पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई गई। बयान में कहा गया, "हम किसी भी तरह के दबाव, कार्रवाई या बल प्रयोग को क्षेत्रीय अखंडता और शांति के लिए ठीक नहीं मानते।"

बयान में समुद्री संसाधनों में हस्तक्षेप, नौवहन और हवाई उड़ानों को बाधित करने, सैन्य विमानों व तटरक्षक जहाजों के खतरनाक युद्धाभ्यास — जिनमें वाटर कैनन और फ्लेयर का असुरक्षित उपयोग तथा जहाजों को टक्कर मारने जैसी घटनाएँ शामिल हैं — को विशेष रूप से चिंताजनक बताया गया। विवादित क्षेत्रों के सैन्यकरण पर भी आपत्ति दर्ज की गई।

पश्चिम एशिया और समुद्री कानून

विदेश मंत्रियों ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया और कूटनीतिक प्रयासों को ही स्थायी समाधान का मार्ग बताया। उन्होंने यूएनसीएलओएस (संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि) के तहत नेविगेशन अधिकारों के पालन पर ज़ोर दिया और व्यावसायिक जहाजों पर हमलों तथा अवैध टोल वसूली को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है और आतंकवाद के नए तकनीकी रूप उभर रहे हैं। क्वाड का यह साझा रुख संकेत देता है कि चारों लोकतंत्र न केवल सुरक्षा, बल्कि साइबर अपराध और संगठित अपराध के मोर्चे पर भी समन्वित रणनीति की ओर बढ़ रहे हैं। अब नज़रें इस बात पर होंगी कि इन घोषणाओं को ज़मीनी सहयोग में कितनी तेज़ी से बदला जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि यह निंदा ठोस बहुपक्षीय कार्रवाई में कितनी तेज़ी से बदलती है। क्वाड के पिछले बयानों में भी मज़बूत भाषा रही है, पर आतंकी फंडिंग नेटवर्क पर समन्वित कार्रवाई का रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है। दक्षिण चीन सागर पर चिंता जताना और चीन का नाम न लेना — यह परिचित संतुलन-कला है जो गठबंधन की सीमाएँ भी उजागर करती है। ऑनलाइन स्कैम सेंटरों पर फोकस नया और सार्थक है, पर इसके लिए जिन देशों में ये केंद्र हैं उनके साथ कानूनी सहयोग की राजनीतिक इच्छाशक्ति चाहिए — जो अभी अनिश्चित है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्वाड की नई दिल्ली बैठक में मुख्य निर्णय क्या रहे?
26 मई 2026 को नई दिल्ली में हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक वैश्विक कार्रवाई, दक्षिण-पूर्व एशिया के ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क पर अंकुश और मुक्त इंडो-पैसिफिक की प्रतिबद्धता दोहराई गई। पहलगाम और बोंडी बीच हमलों की संयुक्त निंदा भी की गई।
क्वाड ने पहलगाम हमले का उल्लेख क्यों किया?
क्वाड ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए सीमा पार आतंकवाद पर विशेष चिंता जताई। यह भारत की उस माँग को बहुपक्षीय समर्थन देता है कि आतंकी हमलों के स्रोतों के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कार्रवाई हो।
क्वाड दक्षिण-पूर्व एशिया के ऑनलाइन स्कैम सेंटरों पर क्या कदम उठाएगा?
क्वाड देशों ने कानून प्रवर्तन और नियामक सहयोग को मज़बूत करने का संकल्प लिया है ताकि मानव तस्करी, साइबर अपराध और अवैध वित्त से जुड़े इन नेटवर्कों को रोका जा सके। साझेदार देशों की क्षमता बढ़ाना भी इस प्रयास का हिस्सा होगा।
दक्षिण चीन सागर पर क्वाड का रुख क्या है?
क्वाड ने पूर्वी और दक्षिण चीन सागर में बल प्रयोग, जहाज़ों को टक्कर, वाटर कैनन के असुरक्षित उपयोग और विवादित क्षेत्रों के सैन्यकरण का विरोध किया। सभी देशों ने यूएनसीएलओएस के तहत नेविगेशन अधिकारों के पालन पर ज़ोर दिया।
क्वाड बैठक में कौन-से विदेश मंत्री शामिल हुए?
बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
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