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भारत-अमेरिका संबंध दोनों देशों के लिए लाभकारी: अमिताभ कांत, ट्रंप की भारत यात्रा के संकेत

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भारत-अमेरिका संबंध दोनों देशों के लिए लाभकारी: अमिताभ कांत, ट्रंप की भारत यात्रा के संकेत

सारांश

पूर्व जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने भारत-अमेरिका संबंधों को दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से अनिवार्य बताया — अमेरिका के वैश्विक GDP में 26% हिस्से और भारत की 30 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की महत्वाकांक्षा को जोड़ते हुए। पृष्ठभूमि में ट्रंप की संभावित भारत यात्रा और द्विपक्षीय व्यापार वार्ता की हलचल है।

मुख्य बातें

पूर्व नीति आयोग CEO अमिताभ कांत ने 29 जून को कहा कि भारत-अमेरिका मजबूत संबंध दोनों देशों के लिए फायदेमंद होंगे।
अमेरिका वैश्विक GDP का लगभग 26 प्रतिशत और वैश्विक बाजार पूंजीकरण का लगभग आधा हिस्सा रखता है।
भारत 4 ट्रिलियन डॉलर से 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगले वर्ष की शुरुआत में भारत यात्रा के संकेत दिए हैं।
भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत जारी है; रुबियो के इस वर्ष के अंत तक भारत आने की संभावना।

पूर्व जी20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने सोमवार, 29 जून को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच गहरे होते संबंध दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए दीर्घकालिक रूप से फायदेमंद सिद्ध होंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले वर्ष की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं।

कांत का आर्थिक तर्क

अमिताभ कांत ने कहा, "अमेरिका भारत का एक बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। यदि भारत अमेरिका के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करता है तो इसका फायदा दोनों देशों को मिलेगा।" उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिका वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा रखता है और दुनिया के कुल बाजार पूंजीकरण का लगभग आधा हिस्सा भी अमेरिकी बाजारों के पास है। इसके अतिरिक्त, अत्याधुनिक तकनीकों (फ्रंटियर टेक्नोलॉजी) के विकास में भी अमेरिका अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

कांत ने कहा, "भारत की विकास यात्रा को अमेरिकी बाजार के साथ गहरे जुड़ाव से काफी लाभ मिल सकता है।" उनका मानना है कि अमेरिका को भी वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को पहचानना होगा।

भारत की विकास संभावनाएँ

अमिताभ कांत ने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से बढ़कर 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने इसे 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर एक निर्णायक कदम बताया। गौरतलब है कि भारत वर्तमान में दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और शीर्ष तीन में जगह बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

लोकतंत्र और आर्थिक सुधारों की सराहना

कांत ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और पिछले कुछ वर्षों में किए गए आर्थिक सुधारों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे जीवंत लोकतंत्रों में से एक है और देश ने हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव किए हैं जिन्होंने इसे वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया है।

ट्रंप की संभावित भारत यात्रा और द्विपक्षीय व्यापार वार्ता

कांत की यह टिप्पणी ऐसे राजनयिक माहौल में आई है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले वर्ष की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। रुबियो के स्वयं इस वर्ष के अंत तक भारत आने की संभावना है, जहाँ वे ट्रंप की प्रस्तावित यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट) को लेकर भी लगातार बातचीत जारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर वैश्विक ध्यान केंद्रित है और दोनों देश शुल्क तथा तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस असली तनाव को नज़रअंदाज़ करता है जो भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में बना हुआ है — खासकर टैरिफ और तकनीकी हस्तांतरण के मुद्दों पर। '30 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था' का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसके लिए जिस निरंतर विदेशी निवेश और तकनीकी पहुँच की ज़रूरत है, वह अभी भी अनिश्चित है। ट्रंप की संभावित यात्रा से पहले द्विपक्षीय व्यापार समझौते की रूपरेखा तय होना ज़रूरी है — अन्यथा यह कूटनीतिक गर्मजोशी ठोस आर्थिक नतीजों में नहीं बदलेगी।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमिताभ कांत ने भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या कहा?
अमिताभ कांत ने कहा कि भारत-अमेरिका के मजबूत संबंध दोनों देशों के लिए फायदेमंद होंगे, क्योंकि अमेरिका वैश्विक GDP का 26% और वैश्विक बाजार पूंजीकरण का लगभग आधा हिस्सा रखता है। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा को अमेरिकी बाजार से गहरे जुड़ाव से काफी लाभ मिल सकता है।
क्या डोनाल्ड ट्रंप भारत आने वाले हैं?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले वर्ष की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। रुबियो स्वयं इस वर्ष के अंत तक भारत आकर इस यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।
भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते की स्थिति क्या है?
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट) पर लगातार बातचीत जारी है। अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन ट्रंप की संभावित भारत यात्रा से पहले इस दिशा में प्रगति की उम्मीद है।
अमिताभ कांत कौन हैं और उनकी राय क्यों मायने रखती है?
अमिताभ कांत भारत के पूर्व जी20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं। वे भारत की आर्थिक नीति और वैश्विक कूटनीति के एक प्रमुख जानकार माने जाते हैं, इसलिए भारत-अमेरिका संबंधों पर उनका दृष्टिकोण नीति-निर्माण हलकों में महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारत 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था कब बनेगा?
अमिताभ कांत के अनुसार भारत आने वाले वर्षों में 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से बढ़कर 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे 'विकसित भारत' के दीर्घकालिक लक्ष्य से जोड़ा, हालाँकि इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा उन्होंने नहीं बताई।
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