भर्ती अनियमितता मामले में ईडी ने पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से कोलकाता में की पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल की पूर्ववर्ती सरकार में मंत्री रहे इंद्रनील सेन से कोलकाता के साल्ट लेक स्थित अपने कार्यालय में पूछताछ शुरू की। यह पूछताछ मुर्शिदाबाद जिले में सिविक वॉलंटियर्स की भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में की जा रही है। एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, सेन से कई घंटों तक पूछताछ किए जाने की संभावना है।
पूछताछ का क्रम
इंद्रनील सेन बुधवार की सुबह करीब 11 बजे साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय पहुँचे, जिसके बाद अधिकारियों ने उनसे पूछताछ आरंभ की। ईडी ने इसी सप्ताह की शुरुआत में उन्हें समन जारी कर पिछले 10 वर्षों के दौरान उनकी सभी संस्थाओं से जुड़े वित्तीय लेनदेन और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज लेकर उपस्थित होने को कहा था।
एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में सेन का मुर्शिदाबाद में सिविक वॉलंटियर्स की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से संबंध उजागर हुआ है। गौरतलब है कि सेन तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मुर्शिदाबाद जिले के पर्यवेक्षक के रूप में भी दायित्व निभा चुके हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी समानांतर जाँच
यह पूछताछ ऐसे समय हो रही है जब ईडी सेन के विरुद्ध एक अन्य मामले में भी जाँच आगे बढ़ा रही है। पिछले महीने एजेंसी ने महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसाइटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सेन और उनकी पत्नी मधुचंदा सेन से पूछताछ की थी।
ईडी इस आरोप की जाँच कर रही है कि उक्त संस्था ने दुर्गा पूजा के दौरान 'प्रीव्यू शो' आयोजित किए, पास बेचे और कथित तौर पर खुद को यूनेस्को से संबद्ध या उसके द्वारा प्रायोजित संस्था के रूप में प्रस्तुत किया। एजेंसी इन आयोजनों से जुटाई गई धनराशि के स्रोत, प्रवाह और उपयोग की भी जाँच कर रही है। हालाँकि, सेन ने इन समस्त आरोपों से इनकार किया है।
सितंबर में 15 परिसरों पर तलाशी
धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही जाँच के क्रम में ईडी ने सितंबर में सेन, उनकी पत्नी और सहयोगियों से जुड़े 15 परिसरों पर छापेमारी की थी। एजेंसी ने तब कहा था कि वह वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जाँच कर धन के प्रवाह का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
न्यायिक जाँच आयोग की भूमिका
इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पूर्ववर्ती TMC सरकार के दौरान कथित संस्थागत भ्रष्टाचार की जाँच के लिए गठित न्यायिक जाँच आयोग ने भी सेन से जुड़े मामलों की जाँच शुरू कर दी है। आयोग सेन के राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में मंत्री रहते हुए कथित टेंडर अनियमितताओं की पड़ताल कर रहा है, साथ ही उनके कार्यकाल के दौरान शुरू की गई 'मोदेर गौरव बांग्ला' परियोजना के तहत दिए गए ठेकों की भी जाँच हो रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में विभिन्न एजेंसियाँ पूर्व सरकार के अनेक विभागों में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जाँच कर रही हैं। यह स्मरणीय है कि ये सभी आरोप अभी तक न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं और जाँच प्रक्रिया जारी है।
आगे क्या होगा
सूत्रों के अनुसार, ईडी सेन के बयानों का मिलान अपने पास मौजूद दस्तावेजों से करेगी और उसके आधार पर अगली कार्रवाई तय की जाएगी। दोनों जाँचों — भर्ती अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग — में एजेंसी का रुख आने वाले हफ्तों में और स्पष्ट होने की उम्मीद है।