जल जीवन मिशन: स्वतंत्र देव सिंह का निर्देश — त्योहारों से पहले लंबित भुगतान निपटाएं, 10 दिन में सड़क मरम्मत पूरी करें
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने 6 नवंबर 2026 को लखनऊ में जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान में हो रही अनावश्यक देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए विभागीय अधिकारियों को आगामी पर्व-त्योहारों से पहले सभी पात्र लंबित देयकों का निपटान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के पुनर्स्थापन का शेष कार्य अगले 10 दिनों में अनिवार्य रूप से पूरा कराने का आदेश दिया।
समीक्षा बैठक में दिए गए मुख्य निर्देश
मंत्री ने शुक्रवार को जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्ण और सत्यापित कार्यों का भुगतान समयबद्ध तरीके से जारी करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए भी पात्र देयकों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित भुगतानों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा की जाए और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं हितधारकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जल निगम (ग्रामीण) की रेट्रोफिटिंग योजना के अंतर्गत भी पूर्ण हो चुके कार्यों के देयकों को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।
आईईसी गतिविधियों के लंबित बिल भी जाँच के दायरे में
मंत्री ने जल जीवन मिशन और जल निगम (ग्रामीण) के तहत सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों से जुड़े लंबित बिलों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इन बिलों की नियमानुसार जाँच कराने और प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र देयकों का शीघ्र भुगतान जारी करने के आदेश दिए।
स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जनजागरूकता गतिविधियाँ जल जीवन मिशन के उद्देश्यों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाती हैं, इसलिए इनसे जुड़े भुगतान प्रकरणों का भी समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य है।
सड़क पुनर्स्थापन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों के पुनर्स्थापन (रोड रेस्टोरेशन) की प्रगति समीक्षा में मंत्री ने पाया कि राज्य में अभी भी उल्लेखनीय कार्य शेष है। उन्होंने प्रदेश के सभी शेष रोड रेस्टोरेशन कार्य अगले 10 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा कराने का सख्त निर्देश दिया।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने के लिए पाइपलाइन विस्तार जितना आवश्यक है, उतना ही आवश्यक निर्माण कार्य के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों को उनकी पूर्ववत स्थिति में बहाल करना भी है। स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क पुनर्स्थापन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जनशिकायतों के निपटारे पर विशेष जोर
पेयजल आपूर्ति से संबंधित जनशिकायतों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रत्येक शिकायत किसी ग्रामीण परिवार की ज़रूरत और अपेक्षा से सीधे जुड़ी होती है। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का समाधान संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने यह भी कहा कि समाधान केवल कागजी राहत तक सीमित न रहे, बल्कि समस्याओं का वास्तविक और स्थायी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने और समाधान की गुणवत्ता का भी परीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
आगे की राह
संबंधित अधिकारियों को शेष कार्यों को 'अभियान' के रूप में पूरा कराने, नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और निर्धारित समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वतंत्र देव सिंह ने रेखांकित किया कि जल जीवन मिशन महज एक पेयजल आपूर्ति योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार का व्यापक अभियान है — और इसके प्रभावी क्रियान्वयन की जवाबदेही हर स्तर पर तय होनी चाहिए।