UP जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का अल्टीमेटम: परियोजना देरी पर अधिकारियों को नोटिस से निलंबन तक की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को लखनऊ स्थित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वीकृत एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध नोटिस से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
उदयगंज स्थित विभागीय मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में जलशक्ति मंत्री ने परियोजनावार भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, स्वीकृत लागत, बजट आवंटन और व्यय की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। कई परियोजनाओं में धीमी प्रगति और उपलब्ध बजट के सापेक्ष कम खर्च की स्थिति सामने आने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।
स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सरकार जनहित और प्रदेश के विकास को ध्यान में रखकर परियोजनाओं के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराती है। ऐसे में निर्धारित समय-सीमा के भीतर धनराशि का प्रभावी उपयोग और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
मंत्री ने विभागाध्यक्ष को निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों की वजह से परियोजनाओं में देरी हो रही है या बजट का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी कर जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि शासन की प्राथमिकताओं से जुड़े विकास कार्यों में उदासीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी।
स्वतंत्र देव सिंह ने सभी मुख्य अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें तथा तकनीकी, प्रशासनिक अथवा अन्य बाधाओं का समय रहते समाधान कर कार्यों में तेजी लाएं। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर निलंबन भी किया जाएगा।
परिसंपत्तियों के रखरखाव पर जोर
बैठक में जलशक्ति मंत्री ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की परिसंपत्तियों के रखरखाव पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने पुल, पुलियों, साइफन और अन्य विभागीय संरचनाओं का सर्वेक्षण कर उनकी मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही विशेष अभियान चलाकर विभागीय परिसंपत्तियों की डेंटिंग, पेंटिंग और सौंदर्यीकरण का कार्य आगामी दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा कराने का आदेश दिया।
आगे क्या होगा
स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट किया कि अगली समीक्षा बैठक में प्रत्येक परियोजना की दोबारा समीक्षा की जाएगी और निर्धारित लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह बैठक उत्तर प्रदेश सरकार की उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें विकास परियोजनाओं में जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।