28 जुलाई 2026
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UP जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का अल्टीमेटम: परियोजना देरी पर अधिकारियों को नोटिस से निलंबन तक की चेतावनी

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UP जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का अल्टीमेटम: परियोजना देरी पर अधिकारियों को नोटिस से निलंबन तक की चेतावनी

सारांश

उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने लखनऊ में सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त अल्टीमेटम दिया — परियोजनाओं में देरी और बजट का कम उपयोग अब बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर नोटिस से सीधे निलंबन तक की कार्रवाई होगी।

मुख्य बातें

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने 28 जुलाई 2026 को लखनऊ में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
कई परियोजनाओं में धीमी भौतिक एवं वित्तीय प्रगति और बजट के कम उपयोग पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई।
लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध नोटिस जारी करने से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
सभी मुख्य अभियंताओं को परियोजनाओं की नियमित निगरानी और बाधाओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए गए।
विभागीय परिसंपत्तियों — पुल, पुलिया, साइफन — की मरम्मत और सौंदर्यीकरण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का आदेश।

उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को लखनऊ स्थित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वीकृत एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध नोटिस से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

समीक्षा बैठक में क्या हुआ

उदयगंज स्थित विभागीय मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में जलशक्ति मंत्री ने परियोजनावार भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, स्वीकृत लागत, बजट आवंटन और व्यय की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। कई परियोजनाओं में धीमी प्रगति और उपलब्ध बजट के सापेक्ष कम खर्च की स्थिति सामने आने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।

स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सरकार जनहित और प्रदेश के विकास को ध्यान में रखकर परियोजनाओं के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराती है। ऐसे में निर्धारित समय-सीमा के भीतर धनराशि का प्रभावी उपयोग और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

मंत्री ने विभागाध्यक्ष को निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों की वजह से परियोजनाओं में देरी हो रही है या बजट का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी कर जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि शासन की प्राथमिकताओं से जुड़े विकास कार्यों में उदासीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी।

स्वतंत्र देव सिंह ने सभी मुख्य अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें तथा तकनीकी, प्रशासनिक अथवा अन्य बाधाओं का समय रहते समाधान कर कार्यों में तेजी लाएं। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर निलंबन भी किया जाएगा।

परिसंपत्तियों के रखरखाव पर जोर

बैठक में जलशक्ति मंत्री ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की परिसंपत्तियों के रखरखाव पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने पुल, पुलियों, साइफन और अन्य विभागीय संरचनाओं का सर्वेक्षण कर उनकी मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही विशेष अभियान चलाकर विभागीय परिसंपत्तियों की डेंटिंग, पेंटिंग और सौंदर्यीकरण का कार्य आगामी दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा कराने का आदेश दिया।

आगे क्या होगा

स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट किया कि अगली समीक्षा बैठक में प्रत्येक परियोजना की दोबारा समीक्षा की जाएगी और निर्धारित लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह बैठक उत्तर प्रदेश सरकार की उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें विकास परियोजनाओं में जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या इस बार कार्रवाई केवल बयानबाजी तक सीमित रहती है या वास्तव में निलंबन होते हैं। सिंचाई परियोजनाओं में देरी का सीधा असर किसानों की फसल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, जो इस मुद्दे को महज प्रशासनिक नहीं, बल्कि जनहित का मामला बनाता है। बजट आवंटन के बावजूद कम व्यय की समस्या केवल लखनऊ की नहीं — यह राज्य की बड़ी बीमारी है जिसका इलाज नोटिस से नहीं, बल्कि संस्थागत सुधार से होगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को क्या चेतावनी दी?
उन्होंने 28 जुलाई 2026 को लखनऊ में समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि परियोजनाओं में देरी करने वाले अधिकारियों को तत्काल नोटिस जारी होगा और आवश्यकता पड़ने पर निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी। शासन की प्राथमिकताओं से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
यह समीक्षा बैठक किस विभाग की थी और कहाँ हुई?
यह बैठक सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक थी, जो लखनऊ के उदयगंज स्थित विभागीय मुख्यालय में आयोजित हुई। बैठक में परियोजनावार भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, बजट आवंटन और व्यय की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य अभियंताओं को क्या निर्देश दिए गए?
जलशक्ति मंत्री ने सभी मुख्य अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें और तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य बाधाओं का समय रहते समाधान कर कार्यों में तेजी लाएं। अगली समीक्षा बैठक में प्रत्येक परियोजना की दोबारा समीक्षा होगी।
विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए क्या आदेश दिए गए?
मंत्री ने पुल, पुलियों, साइफन और अन्य विभागीय संरचनाओं का सर्वेक्षण कर मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही विशेष अभियान चलाकर परिसंपत्तियों की डेंटिंग, पेंटिंग और सौंदर्यीकरण का कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा कराने का आदेश दिया।
इस कार्रवाई का आम जनता और किसानों पर क्या असर होगा?
सिंचाई परियोजनाओं में तेजी आने से किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे फसल उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। परियोजनाओं में देरी सीधे तौर पर उन किसानों को प्रभावित करती है जो सरकारी सिंचाई नेटवर्क पर निर्भर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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