जल जीवन मिशन: स्वतंत्र देव सिंह का अल्टीमेटम — 24 घंटे में पेयजल शिकायतें निपटाएं, वरना होगी सख्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार, 3 अगस्त को लखनऊ में आयोजित जल जीवन मिशन समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन गांवों में नल से जलापूर्ति चालू हो चुकी है, वहां पेयजल से जुड़ी किसी भी शिकायत का समाधान 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री की मुख्य चेतावनियां
स्वतंत्र देव सिंह ने बैठक में स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल हर घर तक नल कनेक्शन पहुंचाना नहीं, बल्कि निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलास्तरीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह अंतिम चेतावनी है — इसके बाद भी लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया जाएगा।
सड़क पुनर्स्थापन पर भी कड़ा रुख
मंत्री ने पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पुनर्स्थापन (रिस्टोरेशन) कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई जिलों में पाइपलाइन कार्यों के बाद सड़कें महीनों से बदहाल पड़ी हैं और आम नागरिकों में इसे लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
ग्राम भ्रमण और प्रभाव आकलन के निर्देश
स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से गांवों का दौरा करें और जल जीवन मिशन के व्यावहारिक प्रभाव का आकलन करें। उन्होंने कहा कि जलजनित बीमारियों में आई कमी, ग्रामीणों के जीवन स्तर में हुए सुधार और स्वच्छ पेयजल के प्रति बढ़ी जागरूकता का विशेष अध्ययन किया जाए। साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के महत्व के बारे में लगातार जागरूक किया जाए।
जल अर्पण और जल चौपाल कार्यक्रम
जलशक्ति मंत्री ने निर्देश दिया कि जिन गांवों में पेयजल परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, वहां 'जल अर्पण' कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाए, ताकि ग्रामीण योजना के लाभों से जुड़ सकें। प्रत्येक जिले में नियमित रूप से 'जल चौपाल' आयोजित करने और जनप्रतिनिधियों को मिशन की प्रगति रिपोर्ट 'जल सारथी' ऐप तथा पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। गौरतलब है कि यह पहल उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन की जवाबदेही को डिजिटल माध्यमों से मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।