3 अगस्त 2026
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जल जीवन मिशन: स्वतंत्र देव सिंह का अल्टीमेटम — 24 घंटे में पेयजल शिकायतें निपटाएं, वरना होगी सख्त कार्रवाई

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जल जीवन मिशन: स्वतंत्र देव सिंह का अल्टीमेटम — 24 घंटे में पेयजल शिकायतें निपटाएं, वरना होगी सख्त कार्रवाई

सारांश

यूपी जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल जीवन मिशन समीक्षा बैठक में अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया — पेयजल शिकायतें 24 घंटे में निपटाएं, सड़कें तत्काल दुरुस्त करें, वरना मुख्यालय संबद्धता तय है। यह उत्तर प्रदेश में मिशन की जवाबदेही कसने की बड़ी कवायद है।

मुख्य बातें

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने 3 अगस्त को लखनऊ में जल जीवन मिशन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
नल से जल वाले गांवों में पेयजल शिकायतों का समाधान 24 घंटे के भीतर अनिवार्य किया गया।
लापरवाह अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध करने की चेतावनी दी गई — मंत्री ने इसे 'अंतिम चेतावनी' बताया।
पाइपलाइन कार्यों से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत के निर्देश जारी।
प्रत्येक जिले में 'जल चौपाल' और पूर्ण परियोजना वाले गांवों में 'जल अर्पण' कार्यक्रम आयोजित करने के आदेश।
मिशन की प्रगति रिपोर्ट 'जल सारथी' ऐप और पोर्टल के ज़रिए जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी।

उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार, 3 अगस्त को लखनऊ में आयोजित जल जीवन मिशन समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन गांवों में नल से जलापूर्ति चालू हो चुकी है, वहां पेयजल से जुड़ी किसी भी शिकायत का समाधान 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री की मुख्य चेतावनियां

स्वतंत्र देव सिंह ने बैठक में स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल हर घर तक नल कनेक्शन पहुंचाना नहीं, बल्कि निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलास्तरीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह अंतिम चेतावनी है — इसके बाद भी लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया जाएगा।

सड़क पुनर्स्थापन पर भी कड़ा रुख

मंत्री ने पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पुनर्स्थापन (रिस्टोरेशन) कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई जिलों में पाइपलाइन कार्यों के बाद सड़कें महीनों से बदहाल पड़ी हैं और आम नागरिकों में इसे लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

ग्राम भ्रमण और प्रभाव आकलन के निर्देश

स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से गांवों का दौरा करें और जल जीवन मिशन के व्यावहारिक प्रभाव का आकलन करें। उन्होंने कहा कि जलजनित बीमारियों में आई कमी, ग्रामीणों के जीवन स्तर में हुए सुधार और स्वच्छ पेयजल के प्रति बढ़ी जागरूकता का विशेष अध्ययन किया जाए। साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के महत्व के बारे में लगातार जागरूक किया जाए।

जल अर्पण और जल चौपाल कार्यक्रम

जलशक्ति मंत्री ने निर्देश दिया कि जिन गांवों में पेयजल परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, वहां 'जल अर्पण' कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाए, ताकि ग्रामीण योजना के लाभों से जुड़ सकें। प्रत्येक जिले में नियमित रूप से 'जल चौपाल' आयोजित करने और जनप्रतिनिधियों को मिशन की प्रगति रिपोर्ट 'जल सारथी' ऐप तथा पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। गौरतलब है कि यह पहल उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन की जवाबदेही को डिजिटल माध्यमों से मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जमीनी स्तर पर जवाबदेही का तंत्र अभी भी कमज़ोर दिखता है। 'अंतिम चेतावनी' जैसे शब्द तब तक प्रभावी नहीं होते जब तक पिछली चेतावनियों पर हुई कार्रवाई का सार्वजनिक रिकॉर्ड न हो। 'जल सारथी' ऐप और पोर्टल के ज़रिए पारदर्शिता की कोशिश सराहनीय है, पर असली परीक्षा यह है कि क्या ये डेटा नागरिकों के लिए भी सुलभ और सत्यापन योग्य होगा। जब तक शिकायत निस्तारण का स्वतंत्र ऑडिट नहीं होता, तब तक '24 घंटे' का वादा महज एक प्रशासनिक लक्ष्य ही रहेगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जल जीवन मिशन की शिकायतें 24 घंटे में निपटाने का निर्देश किसने और कब दिया?
उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने 3 अगस्त को लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नल से जल वाले गांवों में पेयजल शिकायतों का समाधान 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
लापरवाह अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने चेतावनी दी कि शिकायत निस्तारण या सड़क मरम्मत में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इसे 'अंतिम चेतावनी' बताते हुए कहा कि दोषी अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया जाएगा।
जल अर्पण और जल चौपाल कार्यक्रम क्या हैं?
'जल अर्पण' कार्यक्रम उन गांवों में आयोजित किया जाएगा जहां पेयजल परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, ताकि ग्रामीण योजना के लाभों से जुड़ सकें। 'जल चौपाल' प्रत्येक जिले में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी जिससे नागरिकों को स्वच्छ पेयजल के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके।
जल सारथी ऐप का क्या उपयोग है?
जल सारथी ऐप और पोर्टल के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को जल जीवन मिशन की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। यह मिशन की पारदर्शिता और डिजिटल जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम है।
क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
मंत्री ने निर्देश दिया कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान टूटी सड़कों की तत्काल मरम्मत की जाए। सड़क पुनर्स्थापन कार्यों में लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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