24 अक्टूबर 2026
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जामिया मिलिया इस्लामिया में 'फ्री कश्मीर' नारों पर बवाल, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद हिरासत में

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जामिया मिलिया इस्लामिया में 'फ्री कश्मीर' नारों पर बवाल, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद हिरासत में

सारांश

जामिया मिलिया इस्लामिया में 'फ्री कश्मीर' नारों की खबर के बाद भड़के तनाव के बीच दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को हिरासत में लिया। मसूद छात्रसंघ बहाली की माँग को लेकर छात्रों के समर्थन में पहुँचे थे, लेकिन भारत-विरोधी नारों से खुद को अलग किया।

मुख्य बातें

23 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर के बाहर हिरासत में लिया।
परिसर में कथित तौर पर 'फ्री कश्मीर' से जुड़े नारे लिखे जाने की रिपोर्टों के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
मसूद छात्रसंघ बहाली की माँग को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शन में एकजुटता जताने पहुँचे थे।
मसूद ने भारत-विरोधी नारों से खुद को अलग करते हुए कहा, 'कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।' विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

दिल्ली पुलिस ने 23 अक्टूबर 2026 को जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय परिसर के बाहर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को हिरासत में लिया, जब वे छात्रसंघ बहाली की माँग को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शन में एकजुटता जताने पहुँचे थे। परिसर में कथित तौर पर 'फ्री कश्मीर' से जुड़े नारे लिखे जाने की खबरों के बाद विश्वविद्यालय और उसके आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर 'फ्री कश्मीर' से संबंधित नारे लिखे जाने की रिपोर्टें सामने आने के बाद शुक्रवार को परिसर के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया। इसी दौरान इमरान मसूद छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

इमरान मसूद का बयान

हिरासत से पहले इमरान मसूद ने छात्रों की माँगों को पूरी तरह जायज़ बताया और सवाल किया कि छात्रसंघ को अब तक बहाल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा, 'छात्र इस देश का भविष्य हैं। आखिर देश के भविष्य को कुचलने की कोशिश क्यों की जा रही है? छात्रसंघ को दोबारा शुरू क्यों नहीं किया जा रहा?'

मसूद ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी भारत-विरोधी नारे का समर्थन नहीं करते। उनके शब्दों में, 'जो लोग भारत को तोड़ने की बात करते हैं, उनका हम किसी भी परिस्थिति में समर्थन नहीं करेंगे। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। इस पूरे आंदोलन को भटकाने के लिए इन पोस्टरों और नारों का इस्तेमाल किया जा रहा है।'

छात्रों की माँगें और विश्वविद्यालय विवाद

जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की माँग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन कुछ समय से जारी है। मसूद ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय से कुछ छात्रों को निष्कासित किया गया है और उनके अधिकारों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। गौरतलब है कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनावों को लेकर विवाद नया नहीं है — यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र-राजनीति और परिसर स्वायत्तता का सवाल एक बार फिर बहस के केंद्र में है।

मसूद ने भावनात्मक लहजे में कहा, 'मैं अपने बच्चों के लिए जान भी दे सकता हूँ। ये छात्र मेरे बच्चे हैं और मेरे देश का भविष्य हैं। उनके अधिकारों को दबाने की कोशिश की जा रही है। आखिर छात्रसंघ को बहाल न करने की वजह क्या है?'

पुलिस की प्रतिक्रिया

दिल्ली पुलिस ने परिसर के अंदर और बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। अधिकारियों के अनुसार, तनाव को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। इमरान मसूद की हिरासत को लेकर कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।

आगे क्या

छात्रसंघ बहाली की माँग को लेकर प्रदर्शन फिलहाल जारी है और पुलिस हालात पर नज़र बनाए हुए है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह मामला आने वाले दिनों में संसदीय और राजनीतिक हलकों में भी गूँज सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यही वह बिंदु है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चूक जाती है। मसूद का भारत-विरोधी नारों से खुद को अलग करना राजनीतिक रूप से चतुर कदम है, लेकिन हिरासत की कार्रवाई यह सवाल खड़ा करती है कि क्या एक निर्वाचित सांसद का परिसर में जाना कानून-व्यवस्था के लिए खतरा था या महज़ एक एहतियाती दिखावा।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद को जामिया मिलिया इस्लामिया में क्यों हिरासत में लिया गया?
दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को 23 अक्टूबर 2026 को जामिया मिलिया इस्लामिया के बाहर उस समय हिरासत में लिया जब वे छात्रसंघ बहाली की माँग को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शन में शामिल होने पहुँचे थे। परिसर में कथित 'फ्री कश्मीर' नारों के बाद तनाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
जामिया मिलिया इस्लामिया में 'फ्री कश्मीर' नारों का विवाद क्या है?
रिपोर्टों के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर 'फ्री कश्मीर' से जुड़े नारे लिखे गए, जिसके बाद प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। इमरान मसूद ने इन नारों की आलोचना करते हुए कहा कि ये छात्रसंघ बहाली के असली आंदोलन को भटकाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
जामिया में छात्रसंघ बहाली की माँग क्यों हो रही है?
जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू करने की माँग कर रहे हैं। मसूद ने आरोप लगाया कि कुछ छात्रों को निष्कासित किया गया है और उनके अधिकारों को दबाया जा रहा है।
इमरान मसूद ने भारत-विरोधी नारों पर क्या कहा?
मसूद ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी भारत-विरोधी नारे का समर्थन नहीं करते। उन्होंने कहा, 'कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा' और इन नारों को छात्र आंदोलन को भटकाने की कोशिश बताया।
जामिया मिलिया इस्लामिया विवाद में आगे क्या होगा?
फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस तैनाती जारी है और छात्रों का प्रदर्शन बना हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, और यह मामला संसदीय हलकों में भी उठ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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