जामिया में छात्र आंदोलन 16वें दिन भी जारी, गेट नंबर 7 पर BNSS धारा 163 लागू
सारांश
मुख्य बातें
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में छात्रों का आंदोलन मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को 16वें दिन में प्रवेश कर गया। दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय के गेट नंबर 7 के बाहर एक आधिकारिक नोटिस चस्पा किया, जिसमें सूचित किया गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है और उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आंदोलन 12 अक्टूबर 2026 से जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ (JMIASU) की बहाली और प्रदर्शनकारियों पर कथित कार्रवाई के लिए ज़िम्मेदार विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा सलाहकार को हटाने की माँग को लेकर जारी है।
निषेधाज्ञा और सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस द्वारा लगाए गए नोटिस में गैरकानूनी सभाओं, बैठकों और जुलूसों पर स्पष्ट रोक लगाई गई है। उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग की भी चेतावनी दी गई है। निषेधाज्ञा लागू होने के बाद गेट नंबर 7 के बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। गौरतलब है कि यह वही प्रवेश द्वार है जहाँ छात्र पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से धरना दे रहे हैं।
छात्रों की माँगें और रुख
छात्रों ने विश्वविद्यालय कुलपति को औपचारिक पत्र सौंपकर अपनी माँगें स्पष्ट की हैं। इन माँगों में शामिल हैं — छात्र संघ के संविधान और चुनावों के लिए स्पष्ट समयसीमा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द करना, तथा मुख्य सुरक्षा सलाहकार का इस्तीफा। पत्र में छात्रों ने लिखा, 'कोई भी प्रदर्शनकारी छात्र शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए माफी नहीं माँगेगा।'
छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया, 'जब तक हमारी ये माँगें पूरी नहीं हो जातीं, हम अपनी भूख हड़ताल और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। हम विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह करते हैं कि वह छात्र संघ की स्थापना की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करवाए।'
विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया
जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने सोमवार, 26 अक्टूबर को प्रदर्शनकारी छात्रों की कुछ माँगें स्वीकार कीं। प्रशासन ने घोषणा की कि छात्र संघ चुनाव कराए जाएँगे, छात्र संघ का संविधान तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा, और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई रद्द की जाएगी। हालाँकि, प्रशासन ने इन प्रक्रियाओं के लिए कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई।
छात्रों ने सोमवार को एक बयान में प्रशासन के इस नोटिस को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इसमें छात्र संघ की बहाली के लिए 'कोई स्पष्ट और असंदिग्ध प्रतिबद्धता' नहीं दी गई है। उन्होंने माँग की कि प्रशासन 'रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा भूख हड़ताल के संबंध में जारी अधिसूचना पर पुनर्विचार करे' और उनकी माँगों को 'पूरी तरह से संबोधित' करे।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह आंदोलन 12 अक्टूबर 2026 से चल रहा है, जब जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ (JMIASU) के समर्थन में छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू की थी। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ को निलंबित कर लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से उन्हें वंचित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनावों और स्वायत्तता को लेकर विवाद जारी हैं।
आगे की स्थिति
छात्रों के पत्र में स्पष्ट किया गया है, 'छात्र प्रशासन से इन माँगों को पूरा करने और लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित छात्र संघ के गठन में सहयोग देने की स्पष्ट प्रतिबद्धता की अपेक्षा करते हैं।' BNSS धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। प्रशासन और छात्रों के बीच समयसीमा को लेकर सहमति ही इस गतिरोध का समाधान तय करेगी।