जामिया प्रशासन पर इमरान मसूद का हमला: 'छात्रों की बात सुनने की जगह एफआईआर दर्ज की जा रही है'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 26 अक्टूबर 2026 को जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय प्रशासन पर तीखा हमला बोला और कहा कि परिसर में छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान देने की बजाय उनके खिलाफ और उनका समर्थन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा रहा है। मसूद स्वयं उन लोगों में शामिल हैं जिनके खिलाफ जामिया कैंपस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रॉक्टर की नियुक्ति पर सवाल
मसूद ने विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर मेहताब रिजवी की नियुक्ति को कथित तौर पर 'गैरकानूनी' बताया और आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ पहले से कई एफआईआर दर्ज हैं। उन्होंने रजिस्ट्रार की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए।
उन्होंने यह भी कहा कि जब छात्र भूख हड़ताल पर बैठे थे, तब प्रशासन को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए था — न कि चुप्पी साधनी चाहिए थी।
परिसर सुरक्षा और सीसीटीवी विवाद
मसूद ने परिसर में कश्मीर से संबंधित नारे लिखे जाने के मामले में भी प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आईटीबीपी की फर्जी वर्दी पहनकर परिसर में घुसे एक व्यक्ति को छात्रों ने पकड़ा — न कि प्रशासन ने।
मसूद ने पूछा कि परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद उनकी फुटेज सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही। उनका कहना था कि इससे जवाबदेही पर सवाल खड़ा होता है।
दीवार फांदने के विवाद पर सफाई
जामिया परिसर की दीवार फांदने के सवाल पर मसूद ने कहा कि प्रशासन ने सभी रास्ते बंद कर दिए थे, जिससे अभिभावकों और समर्थकों के सामने कोई विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने सवाल किया, 'चारों तरफ से रास्ते बंद करने की ज़रूरत क्यों पड़ी और लोगों को अपने बच्चों से मिलने से क्यों रोका गया?'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज होने से वे डरने वाले नहीं हैं।
लखनऊ पोस्टर और गठबंधन पर रुख
लखनऊ में गठबंधन के विरोध में लगाए गए पोस्टरों पर मसूद ने कहा कि इनसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का डर ज़ाहिर होता है। उन्होंने सुझाया कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि ये पोस्टर किसने लगवाए और उनके लिए धन कहाँ से आया।
मसूद ने ज़ोर देकर कहा कि विपक्षी गठबंधन मज़बूत है और इस तरह के प्रयासों से उसमें कोई दरार नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सीटों के बंटवारे पर जल्द ही फैसला हो जाएगा।
खड़गे की टिप्पणी पर समर्थन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई विवादित टिप्पणी का बचाव करते हुए मसूद ने कहा कि 'खड़गे ने सही जवाब दिया है और आगे भी इसी तरह जवाब देते रहेंगे।' उन्होंने सरकार पर 'गुंडागर्दी' का आरोप लगाया और कहा कि एफआईआर के ज़रिए उन्हें चुप नहीं कराया जा सकता।
यह पूरा विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देशभर के कई विश्वविद्यालयों में छात्र-प्रशासन टकराव की घटनाएँ सामने आ रही हैं। जामिया मामले में आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर नज़रें टिकी हैं।