25 अक्टूबर 2026
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दिलीप घोष का बड़ा बयान: जम्मू-कश्मीर आतंकमुक्त, फारूक अब्दुल्ला पर पाकिस्तान-समर्थन का आरोप

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दिलीप घोष का बड़ा बयान: जम्मू-कश्मीर आतंकमुक्त, फारूक अब्दुल्ला पर पाकिस्तान-समर्थन का आरोप

सारांश

BJP नेता दिलीप घोष ने न्यूटाउन में दावा किया कि जम्मू-कश्मीर अब आतंकवाद से पूरी तरह मुक्त है। साथ ही उन्होंने फारूक अब्दुल्ला पर पाकिस्तान के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया — यह बयान NC-BJP के बीच बढ़ती राजनीतिक तकरार की नई कड़ी है।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने 25 अक्टूबर 2026 को न्यूटाउन में कहा कि जम्मू-कश्मीर अब आतंकवाद से मुक्त हो चुका है।
फारूक अब्दुल्ला पर आरोप — कथित तौर पर पाकिस्तान के पक्ष में बयानबाज़ी और उसके साथ हाथ मिलाने की कोशिश।
फारूक अब्दुल्ला ने बारामूला सम्मेलन में कहा था कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीरियों की आवाज़ उठाता है।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर घोष ने कहा — उन्हें विपक्ष को एकजुट करने की पहल करनी चाहिए।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विवाद पर घोष ने कहा — अलगावादी तत्व देश को बाँटने की कोशिश में हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगे।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 25 अक्टूबर 2026 को न्यूटाउन में कहा कि जम्मू-कश्मीर अब आतंकवाद से मुक्त हो चुका है और वहाँ विकास की बयार चल रही है। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर पाकिस्तान के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए उनके हालिया बयान की तीखी निंदा की।

जम्मू-कश्मीर की बदली तस्वीर पर घोष का दावा

घोष ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर में अब कोई आतंकवादी नहीं बचा है। वहाँ के लोग आतंकवाद नहीं चाहते, वे विकास चाहते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों के साथ जोड़कर विकास की दिशा में काम कर रही है। उनके अनुसार, वहाँ के नेता इस क्षेत्र को अलग रखकर राजनीति करते आए हैं, लेकिन अब इस तरह की राजनीति नहीं चलेगी।

गौरतलब है कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से केंद्र सरकार लगातार जम्मू-कश्मीर में विकास और सामान्य स्थिति की बहाली का दावा करती रही है। यह बयान उसी राजनीतिक संदर्भ में आया है।

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर पलटवार

दरअसल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने उत्तर कश्मीर के बारामूला में एक पार्टी कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहा था कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाकर वहाँ के लोगों की आवाज़ उठा रहा है और उनकी रक्षा कर रहा है।

इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला कभी पाकिस्तान के साथ हाथ मिलाते दिखते हैं, तो कभी उसके पक्ष में बोलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब्दुल्ला केवल पाकिस्तान का भय दिखाकर राजनीति करते हैं। घोष ने यह भी कहा कि जो परिवर्तन आज आया है, वह पहले भी संभव था लेकिन उस समय नहीं किया गया।

नसीरुद्दीन शाह और जामिया विश्वविद्यालय विवाद पर प्रतिक्रिया

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के एक बयान पर भी घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि नसीरुद्दीन शाह को ऐसा लगता है, तो उन्हें पहल करनी चाहिए, किसी आंदोलन में शामिल होने की कोशिश करनी चाहिए और सभी विपक्षी दलों को एकजुट करना चाहिए। घोष ने कहा कि शाह को यह समझना चाहिए कि देश की जनता आखिर क्या चाहती है।

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से जुड़े हालिया विवाद पर उन्होंने कहा कि देश में अभी भी कुछ अलगावादी तत्व हैं जो देश को बाँटने और भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने दावा किया कि देश बहुत आगे बढ़ चुका है और जनता जागरूक है, इसलिए ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।

राजनीतिक संदर्भ और व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार सत्ता में है और केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर राजनीतिक खींचतान जारी है। BJP और NC के बीच कश्मीर की पहचान, राज्यत्व बहाली और विकास एजेंडे पर तीखे मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आते रहे हैं।

आलोचकों का कहना है कि कश्मीर पर इस तरह के राजनीतिक बयान अक्सर ज़मीनी हकीकत से अलग होते हैं और केवल राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

आगे क्या

इस विवाद के बाद जम्मू-कश्मीर और केंद्र के बीच राजनीतिक तापमान बढ़ने की संभावना है। नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से अभी तक दिलीप घोष के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उस पर प्रतिक्रिया तथ्य से कम और ध्रुवीकरण से अधिक संचालित लगती है। असली सवाल यह है कि 'आतंकमुक्त' और 'विकसित' के दावों को ज़मीनी आँकड़ों — रोज़गार, पर्यटन, निवेश और नागरिक स्वतंत्रता — से कितना बल मिल रहा है। बिना इन पैमानों के, यह बहस राजनीतिक शोरगुल बनकर रह जाती है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने जम्मू-कश्मीर पर क्या कहा?
BJP नेता दिलीप घोष ने 25 अक्टूबर 2026 को न्यूटाउन में कहा कि जम्मू-कश्मीर अब आतंकवाद से मुक्त हो चुका है और वहाँ केंद्र सरकार के नेतृत्व में विकास कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि वहाँ के लोग खुश हैं और केवल विकास चाहते हैं।
फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को लेकर क्या बयान दिया था?
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने उत्तर कश्मीर के बारामूला में एक पार्टी सम्मेलन में कथित तौर पर कहा था कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाकर वहाँ के लोगों की आवाज़ और रक्षा कर रहा है। इसी बयान पर दिलीप घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
दिलीप घोष कौन हैं और उनका यह बयान क्यों अहम है?
दिलीप घोष BJP के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री हैं। उनका यह बयान जम्मू-कश्मीर में NC सरकार के सत्ता में आने के बाद BJP और NC के बीच बढ़ती राजनीतिक तकरार के व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
नसीरुद्दीन शाह के बयान पर घोष ने क्या कहा?
दिलीप घोष ने कहा कि यदि अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को ऐसा लगता है तो उन्हें खुद पहल करनी चाहिए, किसी आंदोलन में शामिल होने की कोशिश करनी चाहिए और सभी विपक्षी दलों को एकजुट करना चाहिए। घोष ने कहा कि शाह को देश की जनता की इच्छा समझनी चाहिए।
जामिया विश्वविद्यालय मामले पर घोष का क्या रुख है?
दिलीप घोष ने कहा कि देश में अभी भी कुछ अलगावादी तत्व मौजूद हैं जो देश को बाँटने और भ्रम फैलाने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश की जागरूक जनता ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देगी।
राष्ट्र प्रेस
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