दिलीप घोष का बड़ा बयान: जम्मू-कश्मीर आतंकमुक्त, फारूक अब्दुल्ला पर पाकिस्तान-समर्थन का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 25 अक्टूबर 2026 को न्यूटाउन में कहा कि जम्मू-कश्मीर अब आतंकवाद से मुक्त हो चुका है और वहाँ विकास की बयार चल रही है। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर पाकिस्तान के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए उनके हालिया बयान की तीखी निंदा की।
जम्मू-कश्मीर की बदली तस्वीर पर घोष का दावा
घोष ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर में अब कोई आतंकवादी नहीं बचा है। वहाँ के लोग आतंकवाद नहीं चाहते, वे विकास चाहते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों के साथ जोड़कर विकास की दिशा में काम कर रही है। उनके अनुसार, वहाँ के नेता इस क्षेत्र को अलग रखकर राजनीति करते आए हैं, लेकिन अब इस तरह की राजनीति नहीं चलेगी।
गौरतलब है कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से केंद्र सरकार लगातार जम्मू-कश्मीर में विकास और सामान्य स्थिति की बहाली का दावा करती रही है। यह बयान उसी राजनीतिक संदर्भ में आया है।
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर पलटवार
दरअसल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने उत्तर कश्मीर के बारामूला में एक पार्टी कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहा था कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाकर वहाँ के लोगों की आवाज़ उठा रहा है और उनकी रक्षा कर रहा है।
इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला कभी पाकिस्तान के साथ हाथ मिलाते दिखते हैं, तो कभी उसके पक्ष में बोलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब्दुल्ला केवल पाकिस्तान का भय दिखाकर राजनीति करते हैं। घोष ने यह भी कहा कि जो परिवर्तन आज आया है, वह पहले भी संभव था लेकिन उस समय नहीं किया गया।
नसीरुद्दीन शाह और जामिया विश्वविद्यालय विवाद पर प्रतिक्रिया
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के एक बयान पर भी घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि नसीरुद्दीन शाह को ऐसा लगता है, तो उन्हें पहल करनी चाहिए, किसी आंदोलन में शामिल होने की कोशिश करनी चाहिए और सभी विपक्षी दलों को एकजुट करना चाहिए। घोष ने कहा कि शाह को यह समझना चाहिए कि देश की जनता आखिर क्या चाहती है।
दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से जुड़े हालिया विवाद पर उन्होंने कहा कि देश में अभी भी कुछ अलगावादी तत्व हैं जो देश को बाँटने और भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने दावा किया कि देश बहुत आगे बढ़ चुका है और जनता जागरूक है, इसलिए ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक परिप्रेक्ष्य
यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार सत्ता में है और केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर राजनीतिक खींचतान जारी है। BJP और NC के बीच कश्मीर की पहचान, राज्यत्व बहाली और विकास एजेंडे पर तीखे मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आते रहे हैं।
आलोचकों का कहना है कि कश्मीर पर इस तरह के राजनीतिक बयान अक्सर ज़मीनी हकीकत से अलग होते हैं और केवल राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
आगे क्या
इस विवाद के बाद जम्मू-कश्मीर और केंद्र के बीच राजनीतिक तापमान बढ़ने की संभावना है। नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से अभी तक दिलीप घोष के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।