क्या जम्मू में सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए वीडीजी के 85 सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण मिला?

Click to start listening
क्या जम्मू में सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए वीडीजी के 85 सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण मिला?

सारांश

जम्मू के सीमावर्ती गाँवों के 85 वीडीजी सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह प्रशिक्षण सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, जिससे वे घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों का सामना कर सकें। एसएलआर राइफलों के साथ उनकी क्षमता में वृद्धि हुई है।

Key Takeaways

  • वीडीजी सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
  • प्रशिक्षण का उद्देश्य आत्मरक्षा और बंकर निर्माण है।
  • नए एसएलआर राइफलों के साथ सदस्यों का आत्मविश्वास बढ़ा है।
  • सुरक्षा बलों के साथ समन्वय की आवश्यकता।
  • सुरक्षा और स्थिरता के लिए वीडीजी की महत्वपूर्ण भूमिका।

जम्मू, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू जिले के अर्निया, आर एस पुरा और कनाचक क्षेत्रों के सीमावर्ती गाँवों से लगभग 85 विलेज डिफेंस ग्रुप (वीडीजी) सदस्यों को डिस्ट्रिक्ट पुलिस लाइंस (डीपीएल) जम्मू में गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण ऑटोमैटिक राइफल चलाने, बुनियादी रणनीतियों, आत्मरक्षा, बंकर निर्माण और दुश्मन के हमलों को रोकने पर केंद्रित है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन शनिवार को एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह, जेकेपीएस ने किया। इस अवसर पर एसपी हेडक्वार्टर जम्मू, एसपी ऑपरेशंस जम्मू और डीवाईएसपी डीएआर जम्मू भी उपस्थित थे। यह प्रशिक्षण एसओजी जम्मू के प्रशिक्षकों और अन्य विशेषज्ञों द्वारा दिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य वीडीजी सदस्यों को उनके गाँवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संकट की स्थिति में पहले प्रतिक्रियादाता (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) के रूप में तैयार करना है।

ये गाँव अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित हैं, जहाँ घुसपैठ, ड्रोन के माध्यम से हथियार और नशीले पदार्थ गिराने और सुरंगों के निर्माण का खतरा हमेशा बना रहता है। विशेष रूप से सर्दियों में कोहरे के कारण यह खतरा बढ़ जाता है। वीडीजी सदस्यों को हाल ही में पुरानी .303 राइफलों के स्थान पर सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर) प्रदान की गई हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।

वीडीजी सदस्यों ने प्रशिक्षण और हथियार उन्नति का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अब वे खुद को अधिक सक्षम मानते हैं और गाँव की रक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। एक सदस्य ने कहा, "एसएलआर मिलने से हमारा मनोबल ऊंचा हुआ है। पहले पुरानी राइफलों के कारण कठिनाई होती थी, लेकिन अब हम बेहतर तरीके से तैयार हैं।"

एसएसपी जोगिंदर सिंह ने इस अवसर पर जम्मू जिले में आंतरिक सुरक्षा, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में वीडीजी की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, "विलेज डिफेंस ग्रुप को मजबूत करना बहु-स्तरीय सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना है।" उन्होंने वीडीजी सदस्यों से सतर्क रहने और पुलिस तथा सुरक्षा बलों के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की।

Point of View

NationPress
05/01/2026

Frequently Asked Questions

वीडीजी सदस्यों को किस प्रकार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है?
वीडीजी सदस्यों को ऑटोमैटिक राइफल चलाने, आत्मरक्षा, बंकर निर्माण और दुश्मन के हमलों को रोकने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य क्या है?
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वीडीजी सदस्यों को उनके गाँवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आपात स्थिति में पहले प्रतिक्रिया देने वाले के रूप में तैयार करना है।
Nation Press