28 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जम्मू में ₹4.10 करोड़ के रेलवे नौकरी फ्रॉड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जाँच जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जम्मू में ₹4.10 करोड़ के रेलवे नौकरी फ्रॉड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जाँच जारी

सारांश

जम्मू में ₹4.10 करोड़ के रेलवे नौकरी फ्रॉड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो गया है। रेलवे भर्ती और फर्जी टेंडर का झाँसा देकर की गई इस ठगी का यह मामला जम्मू-कश्मीर में बेरोज़गार युवाओं को निशाना बनाने वाले संगठित फ्रॉड नेटवर्क की बढ़ती श्रृंखला का हिस्सा है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ₹4.10 करोड़ के रेलवे नौकरी फ्रॉड में मुख्य आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार किया।
आरोपी ने रेलवे बोर्ड भर्ती और उत्तर रेलवे को पानी की बोतल सप्लाई का फर्जी टेंडर दिलाने का झाँसा देकर पैसे ठगे।
मामला जम्मू के छन्नी हिम्मत थाने में दर्ज; मुख्य आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में है।
जुलाई 2026 में बारामुला के अब्दुल रजाक तंत्रे के खिलाफ भी इसी तरह के फ्रॉड में एफआईआर दर्ज हुई थी।
2025 में बडगाम के मामले में EOW ने तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिनमें एक शिकायतकर्ता भी शामिल निकला।
CBI ने 8 फरवरी 2025 को कोंकण रेलवे के चीफ इंजीनियर सुमित खजूरिया के खिलाफ USBRL प्रोजेक्ट में रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू में ₹4.10 करोड़ के रेलवे नौकरी फ्रॉड मामले में मुख्य आरोपी को मंगलवार, 28 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया है। पुलिस के बयान के अनुसार, आरोपी ने रेलवे बोर्ड भर्ती प्रक्रिया के ज़रिए नौकरी दिलाने और उत्तर रेलवे को पानी की बोतल सप्लाई का फर्जी टेंडर दिलाने का झाँसा देकर पीड़ितों से यह राशि ठगी। मुख्य आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और जाँच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

मामले का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, इस ठगी को लेकर जम्मू के छन्नी हिम्मत थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जाँच में मुख्य आरोपी की पहचान हुई और उसे हिरासत में लिया गया। जाँच अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल शामिल व्यक्तियों की पहचान गोपनीय रखी जा रही है ताकि जाँच की निष्पक्षता बनी रहे।

जाँच का फोकस तीन बिंदुओं पर है — पूरे फ्रॉड नेटवर्क की पहचान, वित्तीय लेनदेन का पता लगाना और अन्य संदिग्धों की भूमिका तय करना। पुलिस ने कहा है कि अन्य संदिग्धों की तलाश और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

फ्रॉड का तरीका

आरोपियों ने पीड़ितों को रेलवे बोर्ड भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरी दिलाने और उत्तर रेलवे को पानी की बोतल सप्लाई के फर्जी टेंडर दिलाने का प्रलोभन दिया। नकद और बैंक ट्रांसफर दोनों माध्यमों से राशि वसूली गई। विश्वास दिलाने के लिए फर्जी रोल नंबर स्लिप और रसीद जैसे जाली दस्तावेज़ भी पीड़ितों को सौंपे गए।

जम्मू-कश्मीर में इसी तरह के पूर्व मामले

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में रेलवे नौकरी के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। गौरतलब है कि जुलाई 2026 में जम्मू क्राइम ब्रांच ने बारामुला के अब्दुल रजाक तंत्रे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। आरोपी ने रेलवे विभाग में नौकरी का वादा कर शिकायतकर्ता से पैसे लिए और फर्जी दस्तावेज़ थमाए।

2025 में बडगाम जिले के बीरवाह में एक और मामले में क्राइम ब्रांच कश्मीर की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में एफआईआर नंबर 08/2025 में चार्जशीट दाखिल की। इसमें अब्दुल हमीद शेख (बीरवाह), आदिल शाह (श्रीनगर/जेवान) और मुफ्ती गुलाम हसन कुमार (सोपोर/बीरवाह) आरोपी बनाए गए, जिन्होंने कथित तौर पर रेलवे नौकरियों के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए। जाँच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ताओं में से एक, मुफ्ती गुलाम हसन कुमार, खुद भी अन्य पीड़ितों से धन वसूलने में सक्रिय था।

इसके अलावा, 8 फरवरी 2025 को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने एक रिश्वतखोरी मामले में कोंकण रेलवे के चीफ इंजीनियर सुमित खजूरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। वे जम्मू-कश्मीर में रणनीतिक USBRL प्रोजेक्ट से जुड़े थे।

आगे की जाँच

फिलहाल जाँच एजेंसियाँ फ्रॉड नेटवर्क की पूरी जड़ तक पहुँचने की कोशिश में हैं। पुलिस का कहना है कि शेष संदिग्धों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में रेलवे भर्ती के नाम पर इस तरह के संगठित फ्रॉड नेटवर्क की बढ़ती संख्या इस क्षेत्र में बेरोज़गार युवाओं की असुरक्षा को उजागर करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जम्मू-कश्मीर में रेलवे भर्ती फ्रॉड की यह कोई इकलौती घटना नहीं — बारामुला, बडगाम और अब जम्मू तक फैले इन मामलों की श्रृंखला बताती है कि यह एक संगठित नेटवर्क है, न कि छिटपुट अपराध। असली सवाल यह है कि इतने मामलों के बावजूद ये ठगी के नेटवर्क बार-बार बनते और पीड़ितों को ठगते क्यों रहते हैं। जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरी की माँग और सीमित अवसरों के बीच की खाई इन ठगों के लिए उपजाऊ ज़मीन बन रही है। जब तक रेलवे भर्ती प्रक्रिया की जानकारी आम युवाओं तक सुलभ नहीं होगी और पकड़े गए आरोपियों को त्वरित सज़ा नहीं मिलेगी, ऐसे फ्रॉड थमने के आसार नहीं हैं।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू रेलवे नौकरी फ्रॉड मामला क्या है?
यह ₹4.10 करोड़ की ठगी का मामला है जिसमें आरोपियों ने पीड़ितों को रेलवे बोर्ड भर्ती प्रक्रिया के ज़रिए नौकरी और उत्तर रेलवे को पानी की बोतल सप्लाई का फर्जी टेंडर दिलाने का झाँसा दिया। पैसे नकद और बैंक ट्रांसफर के ज़रिए लिए गए और जाली दस्तावेज़ भी दिए गए।
मुख्य आरोपी को कब और कहाँ गिरफ्तार किया गया?
मुख्य आरोपी को मंगलवार, 28 अक्टूबर 2026 को जम्मू में गिरफ्तार किया गया। जम्मू पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी सार्वजनिक की। आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में है।
क्या जम्मू-कश्मीर में इससे पहले भी रेलवे भर्ती फ्रॉड के मामले आए हैं?
हाँ, जुलाई 2026 में जम्मू क्राइम ब्रांच ने बारामुला के अब्दुल रजाक तंत्रे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 2025 में बडगाम के बीरवाह में EOW ने तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसमें एक शिकायतकर्ता खुद भी आरोपी निकला।
CBI का USBRL प्रोजेक्ट से जुड़ा मामला क्या है?
8 फरवरी 2025 को CBI ने कोंकण रेलवे के चीफ इंजीनियर सुमित खजूरिया के खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया था। वे जम्मू-कश्मीर में रणनीतिक USBRL (उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक) प्रोजेक्ट से जुड़े थे।
अब जाँच का अगला कदम क्या होगा?
पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान, तलाश और गिरफ्तारी में जुटी है। जाँच का फोकस पूरे फ्रॉड नेटवर्क को उजागर करने, वित्तीय लेनदेन का पता लगाने और बाकी आरोपियों की भूमिका तय करने पर है। जाँच के दौरान आरोपियों की पहचान अभी गोपनीय रखी गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले