जम्मू में ₹4.10 करोड़ के रेलवे नौकरी फ्रॉड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जाँच जारी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू में ₹4.10 करोड़ के रेलवे नौकरी फ्रॉड मामले में मुख्य आरोपी को मंगलवार, 28 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया है। पुलिस के बयान के अनुसार, आरोपी ने रेलवे बोर्ड भर्ती प्रक्रिया के ज़रिए नौकरी दिलाने और उत्तर रेलवे को पानी की बोतल सप्लाई का फर्जी टेंडर दिलाने का झाँसा देकर पीड़ितों से यह राशि ठगी। मुख्य आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और जाँच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
मामले का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, इस ठगी को लेकर जम्मू के छन्नी हिम्मत थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जाँच में मुख्य आरोपी की पहचान हुई और उसे हिरासत में लिया गया। जाँच अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल शामिल व्यक्तियों की पहचान गोपनीय रखी जा रही है ताकि जाँच की निष्पक्षता बनी रहे।
जाँच का फोकस तीन बिंदुओं पर है — पूरे फ्रॉड नेटवर्क की पहचान, वित्तीय लेनदेन का पता लगाना और अन्य संदिग्धों की भूमिका तय करना। पुलिस ने कहा है कि अन्य संदिग्धों की तलाश और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
फ्रॉड का तरीका
आरोपियों ने पीड़ितों को रेलवे बोर्ड भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरी दिलाने और उत्तर रेलवे को पानी की बोतल सप्लाई के फर्जी टेंडर दिलाने का प्रलोभन दिया। नकद और बैंक ट्रांसफर दोनों माध्यमों से राशि वसूली गई। विश्वास दिलाने के लिए फर्जी रोल नंबर स्लिप और रसीद जैसे जाली दस्तावेज़ भी पीड़ितों को सौंपे गए।
जम्मू-कश्मीर में इसी तरह के पूर्व मामले
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में रेलवे नौकरी के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। गौरतलब है कि जुलाई 2026 में जम्मू क्राइम ब्रांच ने बारामुला के अब्दुल रजाक तंत्रे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। आरोपी ने रेलवे विभाग में नौकरी का वादा कर शिकायतकर्ता से पैसे लिए और फर्जी दस्तावेज़ थमाए।
2025 में बडगाम जिले के बीरवाह में एक और मामले में क्राइम ब्रांच कश्मीर की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में एफआईआर नंबर 08/2025 में चार्जशीट दाखिल की। इसमें अब्दुल हमीद शेख (बीरवाह), आदिल शाह (श्रीनगर/जेवान) और मुफ्ती गुलाम हसन कुमार (सोपोर/बीरवाह) आरोपी बनाए गए, जिन्होंने कथित तौर पर रेलवे नौकरियों के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए। जाँच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ताओं में से एक, मुफ्ती गुलाम हसन कुमार, खुद भी अन्य पीड़ितों से धन वसूलने में सक्रिय था।
इसके अलावा, 8 फरवरी 2025 को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने एक रिश्वतखोरी मामले में कोंकण रेलवे के चीफ इंजीनियर सुमित खजूरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। वे जम्मू-कश्मीर में रणनीतिक USBRL प्रोजेक्ट से जुड़े थे।
आगे की जाँच
फिलहाल जाँच एजेंसियाँ फ्रॉड नेटवर्क की पूरी जड़ तक पहुँचने की कोशिश में हैं। पुलिस का कहना है कि शेष संदिग्धों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में रेलवे भर्ती के नाम पर इस तरह के संगठित फ्रॉड नेटवर्क की बढ़ती संख्या इस क्षेत्र में बेरोज़गार युवाओं की असुरक्षा को उजागर करती है।