14 अगस्त 2026
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जम्मू में व्हाइट नाइट कॉर्प्स का 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान: छात्रों-समुदाय ने मिलकर लगाए नीम, पीपल, बरगद के पौधे

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जम्मू में व्हाइट नाइट कॉर्प्स का 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान: छात्रों-समुदाय ने मिलकर लगाए नीम, पीपल, बरगद के पौधे

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जम्मू में भारतीय सेना की 16 कोर ने देशभक्ति और पर्यावरण को एक साथ साधा — 'एक पेड़ मां के नाम' से हरियाली का संकल्प और 'हर घर तिरंगा' से राष्ट्रीय एकता का संदेश, छात्रों और समुदाय को एक मंच पर लाकर।

मुख्य बातें

व्हाइट नाइट कॉर्प्स (16 कोर) ने 13 अगस्त 2026 को जम्मू क्षेत्र में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान चलाया।
स्कूलों, कॉलेजों और गाँवों में नीम, पीपल, बरगद और फलदार पेड़ लगाए गए; प्रत्येक पौधा एक माँ को समर्पित।
'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत बाज़ारों, स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में ध्वज वितरण व प्रभात फेरियाँ आयोजित हुईं।
दोनों अभियानों का लक्ष्य 80वें स्वतंत्रता दिवस को पर्यावरण चेतना और देशभक्ति के साथ विशेष बनाना है।
स्थानीय समुदाय ने सेना की पहल की सराहना करते हुए एकजुटता और जागरूकता का संदेश मिलने की बात कही।

भारतीय सेना की 16 कोर (व्हाइट नाइट कॉर्प्स) ने 13 अगस्त 2026 को जम्मू क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें स्कूली छात्रों, बच्चों और स्थानीय समुदायों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित यह पहल पर्यावरण संरक्षण और मातृशक्ति के सम्मान को एक साथ साधती है।

अभियान का स्वरूप और भागीदारी

जम्मू के स्कूलों, कॉलेजों और गाँवों में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रमों में सैनिकों ने बच्चों और स्थानीय लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नीम, पीपल, बरगद और विभिन्न फलदार पेड़ लगाए। प्रत्येक पौधे को एक माँ को समर्पित किया गया — यह प्रतीकात्मक पहल मातृत्व और प्रकृति के बीच के गहरे रिश्ते को रेखांकित करती है।

कार्यक्रम में शामिल बच्चों ने अपने हाथों से रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया। व्हाइट नाइट कॉर्प्स के आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा की गई पोस्ट में कहा गया, 'प्यार की जड़ें। बेहतर कल के लिए विकास। इस पहल ने हमारी माताओं के साथ हमारे रिश्ते का जश्न मनाया, साथ ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई और एक हरे-भरे, स्वस्थ और टिकाऊ कल को संवारा।'

सामुदायिक प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों ने सेना की इस पहल की सराहना की। उनका कहना है कि इस अभियान से न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है, बल्कि समुदाय में एकजुटता और सहयोग का संदेश भी गया है। सेना के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण छोड़ना भी है।

'हर घर तिरंगा' अभियान का विस्तार

पौधारोपण के समानांतर, व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत जम्मू क्षेत्र के स्कूलों, बाज़ारों और सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज का वितरण किया और प्रभात फेरियाँ निकाली गईं। सैनिकों ने बच्चों को तिरंगे का ऐतिहासिक महत्व समझाया और उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया।

कोर के एक्स हैंडल पर साझा पोस्ट में लिखा गया, 'तिरंगे को हर घर, हर दिल और हर विरासत तक पहुँचाना। घरों से लेकर स्कूलों तक, तिरंगा सामूहिक भागीदारी और 'राष्ट्र प्रथम' का प्रतीक बन जाता है — एक तिरंगा, कई दिल, एक राष्ट्र।'

सेना का उद्देश्य

सेना के अधिकारियों के अनुसार, दोनों अभियानों का केंद्रीय लक्ष्य 80वें स्वतंत्रता दिवस को यादगार बनाना है। 'एक पेड़ मां के नाम' पर्यावरणीय चेतना का संदेश देता है, जबकि 'हर घर तिरंगा' देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनता है। यह दोनों अभियान मिलकर सेना की उस व्यापक सोच को दर्शाते हैं जिसमें रक्षा के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी शामिल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि पौधारोपण के बाद उनकी दीर्घकालिक देखभाल और जीवित रहने की दर को कौन सुनिश्चित करेगा — क्योंकि देशभर में ऐसे अभियानों में रोपे गए पेड़ों का एक बड़ा हिस्सा अनुवर्ती देखभाल के अभाव में नष्ट हो जाता है। संकल्प से ज़्यादा ज़रूरी है निगरानी।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान क्या है और इसे जम्मू में किसने चलाया?
यह केंद्र सरकार की पर्यावरण पहल है जिसमें हर व्यक्ति को अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। जम्मू में इसे भारतीय सेना की 16 कोर (व्हाइट नाइट कॉर्प्स) ने 13 अगस्त 2026 को आयोजित किया, जिसमें छात्र, बच्चे और स्थानीय समुदाय शामिल हुए।
जम्मू में पौधारोपण कार्यक्रम में कौन-कौन से पेड़ लगाए गए?
अभियान के तहत नीम, पीपल, बरगद और विभिन्न फलदार पेड़ लगाए गए। प्रत्येक पौधे को एक माँ को समर्पित किया गया, जो मातृशक्ति और प्रकृति के बीच के रिश्ते को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाता है।
'हर घर तिरंगा' अभियान जम्मू में कैसे मनाया गया?
व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने जम्मू के स्कूलों, बाज़ारों और सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज वितरित किए और प्रभात फेरियाँ निकाली गईं। सैनिकों ने बच्चों को तिरंगे का महत्व समझाया और उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया।
इन अभियानों का 80वें स्वतंत्रता दिवस से क्या संबंध है?
सेना के अधिकारियों के अनुसार, दोनों अभियान 15 अगस्त 2026 को पड़ने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस को विशेष बनाने के उद्देश्य से आयोजित किए गए। 'एक पेड़ मां के नाम' पर्यावरणीय संदेश देता है, जबकि 'हर घर तिरंगा' देशभक्ति और एकता की भावना को मज़बूत करता है।
स्थानीय समुदाय ने सेना की इस पहल पर क्या प्रतिक्रिया दी?
स्थानीय निवासियों ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है और समुदाय में एकजुटता का संदेश गया है। कार्यक्रम में शामिल बच्चों ने अपने हाथों से लगाए पौधों की देखभाल का संकल्प भी लिया।
राष्ट्र प्रेस
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