जम्मू में व्हाइट नाइट कॉर्प्स का 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान: छात्रों-समुदाय ने मिलकर लगाए नीम, पीपल, बरगद के पौधे
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना की 16 कोर (व्हाइट नाइट कॉर्प्स) ने 13 अगस्त 2026 को जम्मू क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें स्कूली छात्रों, बच्चों और स्थानीय समुदायों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित यह पहल पर्यावरण संरक्षण और मातृशक्ति के सम्मान को एक साथ साधती है।
अभियान का स्वरूप और भागीदारी
जम्मू के स्कूलों, कॉलेजों और गाँवों में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रमों में सैनिकों ने बच्चों और स्थानीय लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नीम, पीपल, बरगद और विभिन्न फलदार पेड़ लगाए। प्रत्येक पौधे को एक माँ को समर्पित किया गया — यह प्रतीकात्मक पहल मातृत्व और प्रकृति के बीच के गहरे रिश्ते को रेखांकित करती है।
कार्यक्रम में शामिल बच्चों ने अपने हाथों से रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया। व्हाइट नाइट कॉर्प्स के आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा की गई पोस्ट में कहा गया, 'प्यार की जड़ें। बेहतर कल के लिए विकास। इस पहल ने हमारी माताओं के साथ हमारे रिश्ते का जश्न मनाया, साथ ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई और एक हरे-भरे, स्वस्थ और टिकाऊ कल को संवारा।'
सामुदायिक प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों ने सेना की इस पहल की सराहना की। उनका कहना है कि इस अभियान से न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है, बल्कि समुदाय में एकजुटता और सहयोग का संदेश भी गया है। सेना के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण छोड़ना भी है।
'हर घर तिरंगा' अभियान का विस्तार
पौधारोपण के समानांतर, व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत जम्मू क्षेत्र के स्कूलों, बाज़ारों और सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज का वितरण किया और प्रभात फेरियाँ निकाली गईं। सैनिकों ने बच्चों को तिरंगे का ऐतिहासिक महत्व समझाया और उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया।
कोर के एक्स हैंडल पर साझा पोस्ट में लिखा गया, 'तिरंगे को हर घर, हर दिल और हर विरासत तक पहुँचाना। घरों से लेकर स्कूलों तक, तिरंगा सामूहिक भागीदारी और 'राष्ट्र प्रथम' का प्रतीक बन जाता है — एक तिरंगा, कई दिल, एक राष्ट्र।'
सेना का उद्देश्य
सेना के अधिकारियों के अनुसार, दोनों अभियानों का केंद्रीय लक्ष्य 80वें स्वतंत्रता दिवस को यादगार बनाना है। 'एक पेड़ मां के नाम' पर्यावरणीय चेतना का संदेश देता है, जबकि 'हर घर तिरंगा' देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बनता है। यह दोनों अभियान मिलकर सेना की उस व्यापक सोच को दर्शाते हैं जिसमें रक्षा के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी शामिल है।