जमशेदपुर मेले में 'मौत के कुएं' के दौरान बाइक में आग, करतब दिखाती युवती झुलसी
सारांश
मुख्य बातें
जमशेदपुर के बर्मामाइंस दुर्गा पूजा मैदान में 26 अक्टूबर 2025 की रात 'मौत के कुएं' में मोटरसाइकिल से करतब दिखाते समय अचानक बाइक में आग लग गई, जिससे स्टंट कर रही युवती बुरी तरह झुलस गई। संतुलन बिगड़ने के बाद वह करीब 20 फीट ऊंचे ढाँचे के निचले हिस्से में जा गिरी और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्गा पूजा मेले के दौरान हुई इस घटना ने पलभर में वहाँ मौजूद दर्शकों में दहशत फैला दी।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती उस समय तेज रफ्तार से मौत के कुएं के भीतर मोटरसाइकिल चला रही थी। अचानक बाइक के इंजन के पास से धुआं उठने लगा और देखते-ही-देखते वाहन आग की लपटों में घिर गया। आग लगते ही युवती वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सकी और नीचे जा गिरी, जिससे वह झुलस गई।
घटना के बाद मेला परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कुएं के ऊपरी हिस्से में खड़े दर्शक आग की लपटें देखकर संकरी सीढ़ियों की ओर भागने लगे, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान कुछ लोग मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाते रहे।
आग पर काबू और बड़ी आपदा से बचाव
मेला संचालकों और कर्मचारियों ने हादसे के तुरंत बाद पानी और मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि आग लकड़ी से बने कुएं के ढाँचे तक नहीं फैली — यदि ऐसा होता तो बड़ा अग्निकांड हो सकता था। हालांकि, मोटरसाइकिल पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में दुर्गा पूजा और दशहरा मेलों में भीड़भाड़ चरम पर होती है और सुरक्षा इंतज़ाम अक्सर सवालों के घेरे में रहते हैं। गौरतलब है कि 'मौत के कुएं' जैसे ऊँचे जोखिम वाले स्टंट शो के लिए न्यूनतम अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था होना अनिवार्य मानी जाती है।
युवती की स्थिति और जाँच
घायल युवती को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, फिलहाल उसकी सटीक स्वास्थ्य स्थिति और आग लगने के सटीक कारणों की पुष्टि अधिकारियों की ओर से नहीं हो पाई है। जमशेदपुर पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
सोमवार 27 अक्टूबर को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हादसे की व्यापक चर्चा शुरू हो गई और मेले में सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल उठने लगे।
सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने त्योहारी मेलों में 'मौत के कुएं' जैसे उच्च-जोखिम स्टंट शो की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के आयोजनों में अग्निशमन उपकरण, प्रशिक्षित कर्मचारी और आपातकालीन निकासी योजना का अभाव अक्सर देखा जाता है। जाँच पूरी होने के बाद मेला आयोजकों की जवाबदेही तय किए जाने की उम्मीद है।