जयपुर में 'कुरैशियां का ताजिया' में आग, फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा हादसा टला
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान की राजधानी जयपुर के बड़ी चौपड़ इलाके में 27 जून को मुहर्रम जुलूस के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ऐतिहासिक 'कुरैशियां का ताजिया' के सजावटी गुंबद में अचानक आग लग गई। पहले से तैनात फायर ब्रिगेड की टीम ने कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पाकर एक बड़े हादसे को टाल दिया। इस घटना में किसी के हताहत होने या जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
कैसे लगी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुलूस के दौरान हो रही आतिशबाजी की एक चिंगारी ताजिए के सजावटी गुंबद पर जा गिरी, जिससे आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी और कुछ पलों के लिए वहाँ मौजूद भीड़ में घबराहट फैल गई। हालाँकि, मौके पर पहले से मौजूद सुरक्षाकर्मियों और आपातकालीन टीमों ने तत्काल स्थिति को संभाल लिया।
फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी
मुहर्रम जुलूस के मद्देनजर जिला प्रशासन ने पूरे जुलूस मार्ग पर पहले से ही दमकल वाहन, पुलिस बल और आपातकालीन राहत दल तैनात किए हुए थे। इसी पूर्व तैयारी का नतीजा रहा कि फायर ब्रिगेड की टीम कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुँच गई और आग को तेजी से बुझा दिया। दमकल कर्मियों की सतर्कता के चलते आग न तो भीड़ तक पहुँची और न ही आसपास की किसी इमारत को कोई नुकसान हुआ।
घटना के बाद की स्थिति
अधिकारियों ने बताया कि ताजिए के प्रभावित हिस्से को छोड़कर कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हालात सामान्य होने के बाद मुहर्रम का जुलूस पुनः शुरू कर दिया गया। इस पूरी घटना में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कितनी अहम होती है।
राजस्थानभर में श्रद्धा के साथ मनाया मुहर्रम
जयपुर की इस घटना के बावजूद पूरे राजस्थान में मुहर्रम शांति और श्रद्धा के साथ मनाया गया। हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में राज्यभर में विभिन्न स्थानों पर ताजिए स्थापित किए गए, जहाँ लोगों ने बड़ी संख्या में पहुँचकर दुआ की और फूल अर्पित किए।
जोधपुर में उत्सव का माहौल, 27 ताजिए स्थापित
जोधपुर में मुहर्रम के अवसर पर मेले जैसा माहौल देखने को मिला। मुहर्रम एकता समिति के अध्यक्ष उस्ताद हाजी हमीम बख्श के अनुसार, शहर के मोती चौक, लाखारा बाजार, उम्मेद चौक, गोलनाड़ी, गुलजारपुरा, खांडा फलसा, नियारियों का मोहल्ला, इशाकिया स्कूल, शाहों का बास, मसूरिया, खेतानाड़ी और सूरसागर कबीर नगर समेत प्रमुख स्थानों पर कुल 27 ताजिए स्थापित किए गए। यहाँ नियाज़ के रूप में मिठाइयाँ बाँटी गईं, शरबत के स्टॉल लगाए गए और हलीम जैसे पारंपरिक व्यंजन भी तैयार कर लोगों में वितरित किए गए। प्रशासन की सतर्क तैयारी और समुदाय के सहयोग से इस वर्ष का मुहर्रम राजस्थान में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।