जया किशोरी का डिवाइन कॉन्सर्ट मुंबई में हाउसफुल, बोलीं — 'रास्ता कॉन्सर्ट का, मंजिल ईश्वर की'
सारांश
मुख्य बातें
आध्यात्मिक वक्ता और कथावाचक जया किशोरी ने 28 जून 2025 को मुंबई में अपने पहले डिवाइन कॉन्सर्ट की ऐतिहासिक शुरुआत की — एक ऐसा आयोजन जिसमें बॉलीवुड गानों की जगह केवल भजनों की प्रस्तुति हुई, लेकिन भव्यता और ऊर्जा किसी भी बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट से कम नहीं रही। आधुनिक साउंड सिस्टम, शानदार स्टेज डिज़ाइन और आकर्षक लाइटिंग के बीच हज़ारों युवा श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूमते नज़र आए।
कॉन्सर्ट का स्वरूप और माहौल
इस डिवाइन कॉन्सर्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसे पूरी तरह सोल्ड आउट होने के बाद आयोजित किया गया। जया किशोरी के अनुसार, जब दर्शक केवल भावनात्मक नहीं बल्कि समय, मेहनत और आर्थिक रूप से भी किसी आयोजन में निवेश करते हैं, तो यह उस विचार से उनके गहरे जुड़ाव का प्रमाण है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया — भजन गाए, नृत्य किया और पूरे उत्साह के साथ इस आध्यात्मिक आयोजन का हिस्सा बने।
जया किशोरी की सोच: भक्ति को आधुनिक रूप
कॉन्सर्ट के बाद जया किशोरी ने बताया कि यह विचार उनके मन में लंबे समय से था। उनका कहना था कि कथाओं में भजन तो होते ही हैं, लेकिन उन्होंने सोचा — केवल भजनों को ही उसी भव्यता, तकनीक और संगीत स्तर पर क्यों न प्रस्तुत किया जाए, जैसा आज के बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट्स में देखने को मिलता है। उनका मानना है कि भक्ति संगीत भी आधुनिक प्रोडक्शन के साथ उसी प्रभाव से प्रस्तुत हो सकता है।
युवाओं को भक्ति से जोड़ने का प्रयास
जया किशोरी ने कहा कि आज के दौर में युवाओं तक पहुँचने के लिए उनकी रुचि और पसंद को समझना ज़रूरी है। उन्होंने कहा, 'अगर पदार्थों के रूप में आप बच्चों के अंदर उत्साह पैदा कर रहे हैं, तो मुझे लगता है वो सही रास्ता नहीं है। लेकिन अगर उस रास्ते से हटाना है, तो बहुत बेहतरीन तरीका है ईश्वर से जोड़ने का। रास्ता आप बताइए, मंजिल हम चुनेंगे — रास्ता आपका ही है कॉन्सर्ट, पर मंजिल है ईश्वर।' यह विचार उनकी पूरी अवधारणा का सार है — युवाओं की भाषा में, उनके माध्यम से, आध्यात्म की ओर ले जाना।
भविष्य की योजनाएँ
मुंबई की अभूतपूर्व सफलता से उत्साहित जया किशोरी ने कहा कि यदि ईश्वर की कृपा रही तो इस डिवाइन कॉन्सर्ट को देश के हर प्रमुख शहर और भविष्य में विदेशों तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुंबई से शुरुआत करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा और पहले ही प्रयास की यह सफलता उन्हें आगे बढ़ने का विश्वास देती है। यह आयोजन भारत में भक्ति संगीत को एक नए मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।