30 अक्टूबर 2026
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नीतीश कुमार के 20 साल पूरे: जेडीयू 24 नवंबर को 'सुशासन दिवस' मनाएगी, पटना में तैयारी बैठक आयोजित

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नीतीश कुमार के 20 साल पूरे: जेडीयू 24 नवंबर को 'सुशासन दिवस' मनाएगी, पटना में तैयारी बैठक आयोजित

सारांश

नीतीश कुमार के बिहार की सत्ता सँभालने के 20 साल पूरे होने पर जेडीयू 24 नवंबर को 'सुशासन दिवस' के रूप में मनाएगी। पटना में तैयारी बैठक हुई, लेशी सिंह को समन्वयक बनाया गया और राज्यभर में 'नीतीश संवाद' कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जाएगी।

मुख्य बातें

जनता दल (यूनाइटेड) ने 24 नवंबर 2026 को 'सुशासन दिवस' मनाने का ऐलान किया।
यह दिन नीतीश कुमार के बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने की 20वीं वर्षगांठ पर मनाया जाएगा।
29 अक्टूबर को पटना के कर्पूरी हॉल में हुई बैठक की अध्यक्षता राज्य अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने की।
राज्य मंत्री लेशी सिंह को कार्यक्रम का समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) नियुक्त किया गया।
राज्यस्तरीय 'नीतीश संवाद' कार्यक्रमों में साइकिल योजना, जीविका स्वयं सहायता समूह और पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा।
जिला अध्यक्षों को तैयारी समितियाँ गठित करने और पार्टी विंगों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए।

जनता दल (यूनाइटेड) 24 नवंबर 2026 को 'सुशासन दिवस' के रूप में मनाएगी, जो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 24 नवंबर 2005 को पहली बार पदभार संभालने की 20वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाएगा। 29 अक्टूबर 2026 को पटना स्थित जेडीयू राज्य मुख्यालय के कर्पूरी हॉल में इस आयोजन की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की गई।

बैठक का आयोजन और उपस्थित नेता

जेडीयू के राज्य अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, राज्य मंत्री लेशी सिंह और श्वेता गुप्ता, विधान परिषद के उप-नेता ललन कुमार सर्राफ, मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह 'गांधी' तथा मुख्यालय प्रभारी शंभू कुशवाहा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, विधायक, जिला अध्यक्ष और पार्टी के विभिन्न विंगों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।

कार्यक्रम की रूपरेखा और जिम्मेदारियाँ

बैठक में 'नीतीश संवाद' नाम से राज्यस्तरीय कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित करने पर सहमति बनी, जिसमें बीते दो दशकों में नीतीश कुमार सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों, जन कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुधारों को रेखांकित किया जाएगा। लेशी सिंह को इस पूरे कार्यक्रम का समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) नियुक्त किया गया है। उमेश सिंह कुशवाहा ने जिला अध्यक्षों को तैयारी समितियाँ गठित करने और पार्टी के विभिन्न विंगों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

संजय कुमार झा का संदेश: उपलब्धियाँ जन-जन तक पहुँचाएँ

बैठक को संबोधित करते हुए संजय कुमार झा ने पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे नीतीश सरकार की नीतियों का प्रभाव पूरे बिहार के लोगों तक पहुँचाएँ। उन्होंने साइकिल योजना, जीविका स्वयं सहायता समूह और उद्यमिता कार्यक्रमों जैसी पहलों का विशेष उल्लेख करते हुए पार्टी नेताओं को निर्देश दिया कि वे लाभार्थियों की जानकारी जुटाएँ और उनके अनुभव दर्शाने वाले वीडियो तैयार करें। झा ने नीतीश कुमार को एक राजनीतिक नेता और समाज सुधारक दोनों के रूप में रेखांकित किया और 'मानव श्रृंखला' जैसी सामाजिक जागरूकता पहलों का उदाहरण दिया।

बिहार की चुनौतियाँ और दो दशकों का सफर

उमेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि जब 24 नवंबर 2005 को नीतीश कुमार ने पदभार संभाला था, तब बिहार कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा था। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ भी पार्टी के एजेंडे पर हैं, और 'सुशासन दिवस' का आयोजन जेडीयू के लिए न केवल एक उत्सव बल्कि राजनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण संदेश देने का अवसर भी माना जा रहा है।

कार्यक्रम में किन वर्गों को शामिल किया जाएगा

लेशी सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम में किसानों, छात्रों, महिलाओं, समाज सेवियों के साथ-साथ आरक्षण नीतियों और पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को भी शामिल किया जाएगा। सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें आमंत्रित किया जाएगा ताकि वे बता सकें कि इन पहलों ने उनके जीवन पर क्या प्रभाव डाला। आने वाले हफ्तों में जिलास्तरीय तैयारी समितियाँ गठित होने के साथ पूरे राज्य में कार्यक्रमों की एक व्यापक श्रृंखला का आकार लेना तय माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर सत्ता नहीं छोड़ी — यह राजनीतिक लचीलापन उनकी ताकत भी है और आलोचकों की नजर में उनकी पहचान का विरोधाभास भी। 'नीतीश संवाद' जैसे कार्यक्रमों के जरिए जमीनी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की यह कोशिश बताती है कि पार्टी 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह जन-संवाद केवल प्रचार का माध्यम बनता है या बिहार की बदली हुई अपेक्षाओं के साथ वास्तविक संवाद भी स्थापित करता है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेडीयू का 'सुशासन दिवस' क्या है और यह कब मनाया जाएगा?
जनता दल (यूनाइटेड) द्वारा 24 नवंबर 2026 को 'सुशासन दिवस' मनाया जाएगा, जो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 24 नवंबर 2005 को पहली बार पदभार संभालने की 20वीं वर्षगांठ है। इस अवसर पर राज्यभर में 'नीतीश संवाद' कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
नीतीश कुमार ने बिहार की सत्ता कब सँभाली थी?
नीतीश कुमार ने पहली बार 24 नवंबर 2005 को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। 2026 में यह उनके सत्ता में आने के 20 वर्ष पूरे होते हैं।
'सुशासन दिवस' कार्यक्रम में किन-किन लोगों को शामिल किया जाएगा?
इस कार्यक्रम में किसान, छात्र, महिलाएँ, समाज सेवी, आरक्षण नीतियों और पेंशन योजनाओं के लाभार्थी तथा साइकिल योजना व जीविका स्वयं सहायता समूह जैसे कार्यक्रमों से जुड़े लोग शामिल होंगे। इन लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें आमंत्रित किया जाएगा ताकि वे अपने अनुभव साझा कर सकें।
तैयारी बैठक में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
29 अक्टूबर को पटना के कर्पूरी हॉल में हुई बैठक में राज्य अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, राज्य मंत्री लेशी सिंह और श्वेता गुप्ता, विधान परिषद के उप-नेता ललन कुमार सर्राफ, मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह 'गांधी' और मुख्यालय प्रभारी शंभू कुशवाहा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) किसे बनाया गया है?
राज्य मंत्री लेशी सिंह को 'सुशासन दिवस' कार्यक्रम का समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) नियुक्त किया गया है। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर तैयारियाँ पूरी करने का भरोसा दिलाया है।
राष्ट्र प्रेस
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