क्या झारखंड में 48 नगर निकायों के मेयर और अध्यक्षों के आरक्षण की सूची जारी हुई?

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क्या झारखंड में 48 नगर निकायों के मेयर और अध्यक्षों के आरक्षण की सूची जारी हुई?

सारांश

झारखंड के 48 नगर निकायों में चुनाव की तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने मेयर और अध्यक्षों के आरक्षण की सूची जारी की है, जिससे चुनाव की घोषणा जल्द होने की संभावना है। जानें कौन से नगर निगम और परिषदें किस वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

Key Takeaways

  • झारखंड के 48 नगर निकायों में चुनाव की तैयारी पूरी हो चुकी है।
  • मेयर और अध्यक्षों के लिए आरक्षण की सूची जारी की गई है।
  • रांची में मेयर पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।
  • महिलाओं के लिए कई नगर परिषदों में अध्यक्ष पद आरक्षित हैं।
  • चुनाव की घोषणा जल्द होने की संभावना है।

रांची, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के 48 नगर निकायों में चुनाव की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगमों में मेयर और नगर परिषदों एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष के आरक्षण की सूची शुक्रवार को जारी की है।

आयोग के सूत्रों के अनुसार, इन सभी निकायों में चुनाव की घोषणा जल्द की जा सकती है। आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, रांची में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि धनबाद, देवघर और बोकारो नगर निगम में यह पद अनारक्षित होगा। पलामू और मानगो नगर निगम में मेयर की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। हजारीबाग नगर निगम में यह पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 के लिए आरक्षित होगा। गिरिडीह नगर निगम में अनुसूचित जाति और आदित्यपुर नगर निगम में अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार मेयर का चुनाव लड़ सकेंगे।

राज्य के 48 नगर निकायों में 13 ऐसे हैं जहां 2020 से ही चुनाव लंबित हैं, जबकि रांची सहित शेष अन्य नगर निगम एवं निकायों में 2022 से चुनाव लंबित हैं। नगर परिषदों में गढ़वा, चतरा, दुमका, चाईबासा और कपाली में अध्यक्ष के पद अनारक्षित हैं। विश्रामपुर, पाकुड़, मिहिजाम, चिरकुंडा और जुगसलाई में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। फुसरो नगर परिषद में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति की महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित रहेगा। रामगढ़ और गुमला नगर परिषदों में अनुसूचित जनजाति की महिला उम्मीदवारों के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित किया गया है।

मधुपुर नगर परिषद में अध्यक्ष पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग–I की महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किया गया है। साहेबगंज नगर परिषद में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। लोहरदगा, सिमडेगा और चक्रधरपुर नगर परिषद में अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित होगा। गोड्डा नगर परिषद अत्यंत पिछड़ा वर्ग–I के लिए और झुमरीतिलैया नगर परिषद पिछड़ा वर्ग–II के लिए आरक्षित किया गया है। राज्य में 19 नगर पंचायतों में से पांच मंझिआंव, छत्तरपुर, कोडरमा, धनवार और सरायकेला में अध्यक्ष का पद अनारक्षित होगा यानी यहां किसी भी वर्ग का उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र होगा। श्री बंशीधरनगर, बड़की सरैया, बड़हरवा, बासुकीनाथ और जामताड़ा नगर पंचायत में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। पलामू जिले की हरिहरगंज नगर पंचायत में अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए और खूंटी एवं चाकुलिया नगर पंचायत में यह पद अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।

पलामू प्रमंडल की हुसैनाबाद नगर पंचायत का अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए और लातेहार, महागामा एवं बुण्डू नगर पंचायत का अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है। साहेबगंज जिले की राजमहल नगर पंचायत का अध्यक्ष पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 और कोडरमा जिले की डोमचांच नगर पंचायत का अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग-2 के लिए आरक्षित किया गया है।

Point of View

लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। यह चुनाव न केवल स्थानीय शासन को सशक्त करेगा, बल्कि विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

झारखंड में कितने नगर निकाय हैं?
झारखंड में कुल 48 नगर निकाय हैं।
मेयर और अध्यक्षों के आरक्षण की सूची कब जारी हुई?
यह सूची 9 जनवरी को जारी की गई।
कौन से नगर निगमों में मेयर का पद आरक्षित है?
रांची में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।
क्या सभी नगर परिषदों में अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण है?
नहीं, कुछ नगर परिषदों में अध्यक्ष पद अनारक्षित है।
महिलाओं के लिए कौन से नगर निकायों में अध्यक्ष पद आरक्षित है?
विश्रामपुर, पाकुड़, मिहिजाम, चिरकुंडा और जुगसलाई में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित है।
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