रिम्स-2 पर झारखंड स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की विपक्ष से अपील — राजनीति नहीं, सहयोग करें
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने 11 जून 2025 को रांची में पत्रकारों से बातचीत में विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे रिम्स-2 अस्पताल परियोजना पर सहयोगात्मक रवैया अपनाएं और इसमें किसी प्रकार की राजनीतिक बाधा न डालें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना किसी राजनीतिक दल के हित में नहीं, बल्कि झारखंड के आम नागरिकों की स्वास्थ्य ज़रूरतों को पूरा करने के लिए है।
रिम्स-2 की ज़रूरत क्यों
अंसारी ने बताया कि फिलहाल झारखंड के मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है। राज्य सरकार की ओर से इस मद में प्रतिवर्ष ₹25 से ₹30 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाती है, लेकिन उनके अनुसार इस राशि की कोई सार्थकता नहीं, क्योंकि मरीजों को बाहर जाकर भी अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पातीं। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे फोन आते हैं जिनमें एंबुलेंस की अनुपलब्धता की शिकायत होती है और कई परिवारों ने इलाज के लिए अपनी जमीन तक बेच दी।
मुख्यमंत्री का निर्देश और परियोजना का दायरा
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि रिम्स-2 का निर्माण हर कीमत पर होना चाहिए। उनके अनुसार यह अस्पताल एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल होगा, जिसमें आसपास के क्षेत्रों के लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना का उद्देश्य किसी को बेघर करना या परेशान करना नहीं है।
विपक्ष से अपील
अंसारी ने कहा कि यदि इस परियोजना पर राजनीति होती रही, तो इसे धरातल पर उतारना मुश्किल होगा। उन्होंने तर्क दिया कि जिस राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति बेहतर नहीं होगी, वहाँ विकास संभव नहीं है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि वे उनकी भावनाओं और इरादों को समझें।
मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद पर प्रतिक्रिया
इसके अलावा, अंसारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक दलित महिला को सम्मान देने का निर्णय किया था, लेकिन कथित तौर पर साजिशन उनका नामांकन रद्द कर दिया गया, जबकि परिमल नथवानी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया। उन्होंने इसे दोहरा रवैया करार दिया और इस पर सवाल उठाए।
आगे की राह
रिम्स-2 परियोजना झारखंड की स्वास्थ्य अवसंरचना में एक बड़ा बदलाव ला सकती है, बशर्ते राजनीतिक सहमति बने और क्रियान्वयन समयबद्ध हो। स्वास्थ्य मंत्री का यह बयान संकेत देता है कि सरकार इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखना चाहती है।