15 अगस्त 2026
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जेपीएससी आंदोलन: मंत्री इरफान अंसारी का दावा — '2-3 दिनों में निकलेगा समाधान', प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी ली

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जेपीएससी आंदोलन: मंत्री इरफान अंसारी का दावा — '2-3 दिनों में निकलेगा समाधान', प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी ली

सारांश

झारखंड में जेपीएससी मांगों को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मंत्री इरफान अंसारी ने दावा किया कि 2-3 दिनों में बातचीत से समाधान निकलेगा। प्रदर्शनकारियों के लिए मुफ्त इलाज और डॉक्टरों की तैनाती का आश्वासन भी दिया गया।

मुख्य बातें

झारखंड मंत्री इरफान अंसारी ने 15 अगस्त 2026 को कहा कि जेपीएससी आंदोलन अगले 2-3 दिनों में बातचीत से समाप्त हो सकता है।
प्रदर्शनकारियों के लिए डॉक्टरों की टीम तैनात, सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में मुफ्त इलाज का आश्वासन।
इलाज के नाम पर पैसे वसूलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।
मंत्री ने असामाजिक तत्वों और दिल्ली से आए लोगों पर आंदोलन को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
युवाओं से भूख हड़ताल न करने और स्वास्थ्य की रक्षा करने की अपील।
मुख्यमंत्री और राहुल गांधी कथित तौर पर मामले में सक्रिय और संबंधित पक्षों के संपर्क में।

झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने 15 अगस्त 2026 को जामताड़ा में कहा कि जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) से जुड़ी मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का समाधान अगले 2-3 दिनों में बातचीत के ज़रिए निकाले जाने की उम्मीद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युवाओं की मांगों को लेकर गंभीर है और प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए लगातार पहल जारी है।

मंत्री का बयान और सरकार की स्थिति

अंसारी ने कहा कि सरकार और आंदोलनकारी युवाओं के बीच वार्ता की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोनों इस मामले में सक्रिय हैं और संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं। उनके अनुसार, एक-दो दिनों में वार्ता पूरी होने और समझौते का रास्ता निकलने की संभावना है।

प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

मंत्री ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को पूरी तरह सचेत किया गया है और डॉक्टरों की टीम घटनास्थल पर तैनात है। जैसे ही किसी प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ती है, उसे तत्काल रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।

अंसारी ने स्पष्ट किया कि इलाज के लिए किसी भी प्रदर्शनकारी से पैसा नहीं लिया जाएगा — चाहे सरकारी अस्पताल हो या निजी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ने इलाज के नाम पर पैसे वसूले तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

असामाजिक तत्वों पर आरोप और राजनीतिक पहलू

अंसारी ने आरोप लगाया कि आंदोलन के बीच कुछ असामाजिक तत्वों के प्रवेश से स्थिति प्रभावित हुई। उनके अनुसार, दिल्ली से कुछ लोग और मीडिया से जुड़े व्यक्ति भी वहाँ पहुँचे, जिससे मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश हुई। इसी दौरान संसद में एक ऐसा कानून पारित हुआ जिसे वे झारखंड विरोधी मानते हैं, जिससे सरकार के सामने एक साथ कई मोर्चे खुल गए।

युवाओं से अपील

मंत्री ने प्रदर्शनकारी युवाओं से भावनात्मक अपील करते हुए कहा — 'जान है तो जहान है।' उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी मांगों को लेकर धरना ज़रूर दें, लेकिन भूख हड़ताल से परहेज़ करें और अपने स्वास्थ्य को खतरे में न डालें। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल युवा उनके लिए अपने बच्चों की तरह हैं और उनकी जिम्मेदारी वे पूरी तरह स्वीकार करते हैं।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में जेपीएससी परीक्षा प्रक्रिया और नियुक्तियों को लेकर छात्रों में लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। गौरतलब है कि राज्य में रोज़गार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े आंदोलन पहले भी होते रहे हैं। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता के नतीजे अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होंगे, जो झारखंड के युवाओं के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन झारखंड में जेपीएससी से जुड़े विवाद वर्षों पुराने हैं और इसी तरह के आश्वासन पहले भी दिए जाते रहे हैं। असली सवाल यह है कि सरकार युवाओं की किन मांगों पर वास्तव में सहमत होगी — और क्या वह सहमति लिखित रूप में होगी या केवल मौखिक। असामाजिक तत्वों और दिल्ली से आए लोगों पर आरोप लगाना एक परिचित राजनीतिक पैंतरा है जो मूल मुद्दे — पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया — से ध्यान हटाता है। जब तक जेपीएससी सुधारों पर ठोस समयसीमा सार्वजनिक नहीं होती, यह 'बातचीत जारी है' वाला बयान महज राहत का भ्रम बना रहेगा।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड जेपीएससी आंदोलन क्या है और यह क्यों शुरू हुआ?
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियुक्तियों में देरी को लेकर राज्य के युवाओं ने विरोध-प्रदर्शन शुरू किया है। छात्र लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
मंत्री इरफान अंसारी ने आंदोलन के बारे में क्या कहा?
मंत्री इरफान अंसारी ने 15 अगस्त 2026 को कहा कि सरकार और आंदोलनकारी युवाओं के बीच बातचीत जारी है और 2-3 दिनों में समाधान निकलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार युवाओं की मांगों को गंभीरता से ले रही है।
प्रदर्शनकारी छात्रों के इलाज की व्यवस्था क्या है?
सरकार ने घटनास्थल पर डॉक्टरों की टीम तैनात की है। सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में प्रदर्शनकारियों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया गया है, और इलाज के नाम पर पैसे वसूलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मंत्री ने असामाजिक तत्वों पर क्या आरोप लगाए?
अंसारी ने आरोप लगाया कि आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्व घुस आए और दिल्ली से भी कुछ लोग पहुँचे, जिससे मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश हुई। उन्होंने कहा कि इसी दौरान संसद में एक झारखंड विरोधी कानून भी पारित हुआ, जिससे परिस्थितियाँ जटिल हो गईं।
क्या राहुल गांधी और मुख्यमंत्री इस मामले में सक्रिय हैं?
मंत्री इरफान अंसारी के अनुसार, मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोनों इस मामले में सक्रिय हैं और संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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