जेपीएससी आंदोलन: मंत्री इरफान अंसारी का दावा — '2-3 दिनों में निकलेगा समाधान', प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी ली
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने 15 अगस्त 2026 को जामताड़ा में कहा कि जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) से जुड़ी मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का समाधान अगले 2-3 दिनों में बातचीत के ज़रिए निकाले जाने की उम्मीद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युवाओं की मांगों को लेकर गंभीर है और प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए लगातार पहल जारी है।
मंत्री का बयान और सरकार की स्थिति
अंसारी ने कहा कि सरकार और आंदोलनकारी युवाओं के बीच वार्ता की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोनों इस मामले में सक्रिय हैं और संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं। उनके अनुसार, एक-दो दिनों में वार्ता पूरी होने और समझौते का रास्ता निकलने की संभावना है।
प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
मंत्री ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को पूरी तरह सचेत किया गया है और डॉक्टरों की टीम घटनास्थल पर तैनात है। जैसे ही किसी प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ती है, उसे तत्काल रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।
अंसारी ने स्पष्ट किया कि इलाज के लिए किसी भी प्रदर्शनकारी से पैसा नहीं लिया जाएगा — चाहे सरकारी अस्पताल हो या निजी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ने इलाज के नाम पर पैसे वसूले तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
असामाजिक तत्वों पर आरोप और राजनीतिक पहलू
अंसारी ने आरोप लगाया कि आंदोलन के बीच कुछ असामाजिक तत्वों के प्रवेश से स्थिति प्रभावित हुई। उनके अनुसार, दिल्ली से कुछ लोग और मीडिया से जुड़े व्यक्ति भी वहाँ पहुँचे, जिससे मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश हुई। इसी दौरान संसद में एक ऐसा कानून पारित हुआ जिसे वे झारखंड विरोधी मानते हैं, जिससे सरकार के सामने एक साथ कई मोर्चे खुल गए।
युवाओं से अपील
मंत्री ने प्रदर्शनकारी युवाओं से भावनात्मक अपील करते हुए कहा — 'जान है तो जहान है।' उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी मांगों को लेकर धरना ज़रूर दें, लेकिन भूख हड़ताल से परहेज़ करें और अपने स्वास्थ्य को खतरे में न डालें। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल युवा उनके लिए अपने बच्चों की तरह हैं और उनकी जिम्मेदारी वे पूरी तरह स्वीकार करते हैं।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में जेपीएससी परीक्षा प्रक्रिया और नियुक्तियों को लेकर छात्रों में लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। गौरतलब है कि राज्य में रोज़गार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े आंदोलन पहले भी होते रहे हैं। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता के नतीजे अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होंगे, जो झारखंड के युवाओं के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।