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जेपीएससी आंदोलन: अनशनकारी छात्र राहुल क्रांति आईसीयू में, स्वास्थ्य मंत्री और बाबूलाल मरांडी पहुंचे रांची सदर अस्पताल

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जेपीएससी आंदोलन: अनशनकारी छात्र राहुल क्रांति आईसीयू में, स्वास्थ्य मंत्री और बाबूलाल मरांडी पहुंचे रांची सदर अस्पताल

सारांश

जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ रांची में जारी छात्र आंदोलन ने 7 अगस्त को गंभीर मोड़ लिया — एक ही दिन में तीन अनशनकारी छात्रों को अस्पताल ले जाना पड़ा। राहुल क्रांति आईसीयू में हैं, जबकि सरकार की ओर से अभी कोई ठोस वार्ता प्रस्ताव नहीं आया है।

मुख्य बातें

पलामू के छात्र नेता राहुल क्रांति को 7 अगस्त को तबीयत बिगड़ने पर एंबुलेंस से रांची सदर अस्पताल ले जाया गया; डॉक्टरों ने आईसीयू में भर्ती किया।
राहुल मंगलवार रात से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे।
एक ही दिन में तीन अनशनकारी छात्र — राहुल क्रांति, बी.
पांडे और कोडरमा के ब्रजकिशोर — को अस्पताल ले जाना पड़ा।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी अस्पताल पहुंचे।
मरांडी ने आरोप लगाया कि 2019 के बाद राज्य में कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएँ सामने आई हैं।
आंदोलन की मूल माँगों पर सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस वार्ता प्रस्ताव नहीं।

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच 7 अगस्त को पलामू के छात्र नेता राहुल क्रांति की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें एंबुलेंस से रांची सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती किया। राहुल मंगलवार रात से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे और शुक्रवार को खड़े होने पर उन्हें तेज चक्कर आने लगे।

मुख्य घटनाक्रम

राहुल क्रांति के अलावा आंदोलन से जुड़े छात्र बी. पांडे की भी नारेबाजी के दौरान तबीयत बिगड़ गई और उन्हें भी अस्पताल ले जाना पड़ा। वहीं, लगातार हो रही बारिश के बीच धरने पर बैठे कोडरमा के छात्र ब्रजकिशोर की हालत भी खराब हुई और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। इस प्रकार एक ही दिन में तीन अनशनकारी छात्रों को चिकित्सा सहायता की ज़रूरत पड़ी, जो आंदोलन की गंभीरता को दर्शाता है।

सरकार की प्रतिक्रिया

छात्रों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि बीमार छात्रों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। मंत्री का अस्पताल पहुंचना सरकार की ओर से पहली प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया मानी जा रही है, हालाँकि आंदोलन की मूल माँगों पर अभी कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है।

विपक्ष की आवाज़

बाद में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी सदर अस्पताल पहुंचे और दोनों छात्रों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। मरांडी ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के कारण छात्रों को अपनी जान दाँव पर नहीं लगानी चाहिए और उन्हें लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 के बाद राज्य में हुई कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएँ सामने आई हैं और झारखंड में परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का भरोसा लगातार टूट रहा है।

आम जनता और युवाओं पर असर

मरांडी ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन महज कुछ अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि राज्य के उन तमाम युवाओं की आवाज़ है जो निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और रोज़गार के अवसरों की माँग कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड के लाखों युवा सरकारी नौकरियों के लिए जेपीएससी और जेएसएससी जैसी परीक्षाओं पर निर्भर हैं।

क्या होगा आगे

फिलहाल आंदोलन जारी है और अनशनकारी छात्रों की माँगें अनसुनी बनी हुई हैं। सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस वार्ता प्रस्ताव सामने नहीं आया है। चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती छात्रों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। आने वाले दिनों में यदि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद नहीं हुआ, तो स्थिति और विकट होने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह केवल प्रतीकात्मक प्रतिक्रिया तक सीमित है — स्वास्थ्य मंत्री का अस्पताल दौरा राहत है, नीतिगत जवाब नहीं। गौरतलब है कि 2019 के बाद से जेपीएससी और जेएसएससी पर अनियमितता के आरोप बार-बार उठे हैं, फिर भी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का ढाँचा नहीं बना। जब तक सरकार माँगों पर ठोस वार्ता नहीं करती, यह आंदोलन और बड़ा होने का जोखिम रखता है — और स्वास्थ्य संकट की ज़िम्मेदारी सीधे प्रशासनिक उदासीनता पर जाती है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल क्रांति कौन हैं और वे अनशन पर क्यों बैठे थे?
राहुल क्रांति पलामू के एक छात्र नेता हैं जो जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। वे मंगलवार रात से अनशन पर थे और शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।
जेपीएससी आंदोलन में छात्रों की मुख्य माँगें क्या हैं?
छात्र जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जाँच और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की माँग कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के अनुसार, यह आंदोलन राज्य के उन सभी युवाओं की आवाज़ है जो पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और रोज़गार के अवसर चाहते हैं।
7 अगस्त को कितने छात्रों को अस्पताल ले जाना पड़ा?
7 अगस्त को एक ही दिन में तीन अनशनकारी छात्रों — राहुल क्रांति, बी. पांडे और कोडरमा के ब्रजकिशोर — की तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। राहुल क्रांति को आईसीयू में भर्ती किया गया है।
झारखंड सरकार ने इस आंदोलन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों को बीमार छात्रों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। हालाँकि आंदोलन की मूल माँगों पर सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस वार्ता प्रस्ताव सामने नहीं आया है।
बाबूलाल मरांडी ने अस्पताल पहुंचकर क्या कहा?
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के कारण छात्रों को अपनी जान नहीं देनी चाहिए और उन्हें लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 के बाद राज्य में कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएँ सामने आई हैं और सरकार से छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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