झारखंड: JPSC-JSSC भूख हड़ताल 19वें दिन, सदर अस्पताल में 4 छात्र भर्ती; डॉक्टरों ने बताई स्थिति स्थिर
सारांश
मुख्य बातें
रांची के सदर अस्पताल में जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन के तहत भूख हड़ताल पर बैठे 4 छात्र भर्ती हैं, जिनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। 12 अगस्त 2026 को यह आंदोलन अपने 19वें दिन में प्रवेश कर गया है। नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों में बदलाव की माँग को लेकर छात्र अड़े हुए हैं।
भर्ती छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने जानकारी दी कि अस्पताल में फिलहाल चार से पाँच उपवासरत छात्र भर्ती हैं। इनमें देवेंद्र महतो, मनीष कुमार, हबीबा और क्रांति शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'ये सभी चारों अभी स्थिर स्थिति में हैं, और कोई बड़ी समस्या नहीं है। उपवास के कारण उन्हें थोड़ी इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की दिक्कत है, लेकिन उपवास से जुड़े अन्य कोई लक्षण नहीं हैं।'
डॉ. सिंह ने आगे बताया, 'फास्टिंग के जो लक्षण सामान्य तौर पर आते हैं, वही हैं। हमारे फिजिशियन लगातार उन सभी की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जैसे ही उनकी स्थिति सामान्य हो जाएगी, हम उन्हें यहाँ से डिस्चार्ज कर देंगे।'
आंदोलन की पृष्ठभूमि
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों द्वारा यह प्रदर्शन पिछले कई हफ्तों से जारी है। छात्रों की मुख्य माँगें नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और मौजूदा नियमों में बदलाव से जुड़ी हैं। गौरतलब है कि 19 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है, जिससे छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सियासी हलचल
इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक तापमान भी चढ़ा हुआ है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने आरोप लगाया है कि झारखंड में इंडिया ब्लॉक समर्थित सरकार होने के बावजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आंदोलनकारी छात्रों के पास नहीं पहुँच रहे। वहीं, इंडिया ब्लॉक के नेताओं का दावा है कि वे विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। इन सबके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
प्रशासन और सरकार पर दबाव
छात्रों की भूख हड़ताल के लंबे खिंचने से प्रशासन और राज्य सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, भर्ती छात्रों को तत्काल उपचार और आवश्यक सहायता दी जा रही है। डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उनकी सेहत पर नज़र रख रही है।
आगे क्या
आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी माँगों पर ठोस आश्वासन नहीं देती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों में पहले से ही असंतोष व्याप्त है। आने वाले दिनों में सरकार और छात्रों के बीच वार्ता की संभावना पर सभी की निगाहें टिकी हैं।