2 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रांची में ₹4,189 करोड़ से बनेगा रिम्स-2 मेडिकल कॉलेज, हेमंत कैबिनेट ने 27 प्रस्तावों को दी हरी झंडी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रांची में ₹4,189 करोड़ से बनेगा रिम्स-2 मेडिकल कॉलेज, हेमंत कैबिनेट ने 27 प्रस्तावों को दी हरी झंडी

सारांश

हेमंत सोरेन की कैबिनेट ने एक ही बैठक में 27 बड़े फैसले लिए — सबसे बड़ा दांव है ₹4,189 करोड़ का रिम्स-2, जो झारखंड की स्वास्थ्य अवसंरचना में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। साथ में मनरेगा की जगह नई रोज़गार योजना, बाणसागर जल समझौता और नई दिल्ली में निवेश सम्मेलन — यह बैठक नीतिगत दृष्टि से असाधारण रही।

मुख्य बातें

हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 2 जुलाई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
₹4,189.42 करोड़ की लागत से रांची में रिम्स-2 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल स्थापित होगा; निगरानी के लिए 'जागृति पीएमयू' बनेगी।
मनरेगा की जगह 'विकसित भारत-जी-राम-जी' योजना लागू होगी, आदिम जनजाति समूहों को विशेष रोज़गार मिलेगा।
दुमका-साहेबगंज मार्ग पर ₹221 करोड़ , पाकुड़ में ₹128 करोड़ और साहेबगंज में ₹88 करोड़ की सड़क परियोजनाएँ स्वीकृत।
बाणसागर परियोजना के तहत बिहार-झारखंड के बीच सोन नदी जल-बँटवारे के फार्मूले को मंजूरी।
8-9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 'नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन 2026' का आयोजन; अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे।

झारखंड की राजधानी रांची को जल्द ही एक विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान मिलने वाला है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 2 जुलाई 2026 को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में ₹4,189.42 करोड़ की लागत से 'रिम्स-2' (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज-2) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। इस बैठक में विकास, जनकल्याण और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कुल 27 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

रिम्स-2 परियोजना: क्या होगा खास

परियोजना की निर्बाध निगरानी और क्रियान्वयन के लिए 'जागृति पीएमयू' (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) का गठन किया जाएगा। आईआईएम रांची इस परियोजना में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की भूमिका निभाएगा, जबकि परियोजना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव के मूल्यांकन की जिम्मेदारी रांची स्थित जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विसेज को सौंपी गई है। यह परियोजना झारखंड में स्वास्थ्य अवसंरचना के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा एकल निवेश मानी जा रही है।

ग्रामीण रोज़गार और प्रशासनिक सुधार

कैबिनेट ने राज्य में मनरेगा व्यवस्था के स्थान पर 'विकसित भारत-जी-राम-जी' योजना लागू करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। इस योजना के अंतर्गत आदिम जनजाति समूहों के लिए अतिरिक्त रोज़गार और विशेष कार्यों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से 'एकल प्रशासनिक पदाधिकारी' व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई है। यह व्यवस्था उन प्रखंडों और अंचलों में लागू होगी जहाँ 12 से कम पंचायतें हैं। नई संरचना के तहत राज्य के 53 अंचलों में सीओ-सह-बीडीओ और 54 प्रखंडों में बीडीओ-सह-सीओ की तैनाती होगी, जबकि शेष 164 बड़े प्रखंडों में दोनों पद पूर्ववत अलग-अलग बने रहेंगे।

सड़क अवसंरचना और अन्य बड़े फैसले

कैबिनेट ने सड़क संपर्क सुधारने के लिए कई बड़े व्यय को हरी झंडी दी। दुमका-साहेबगंज मार्ग को ₹221 करोड़ की लागत से दो-लेन में तब्दील किया जाएगा, जिसमें पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ भी शामिल होगा। साहेबगंज में एक अन्य सड़क के लिए ₹88 करोड़ और पाकुड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क-संपर्क व नए पुलों के लिए ₹128 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी गई। चतरा के सिमरिया-टंडवा मार्ग के सुधार पर ₹33 करोड़ खर्च होंगे।

रांची के बिरसा चौक से धुर्वा गोलचक्कर और पुलिस मुख्यालय तक जाने वाली सड़क का व्यापक कायाकल्प होगा — इसमें साइकिल ट्रैक, हरित पट्टी और नागरिक सुविधाएँ भी विकसित की जाएंगी।

श्रावणी मेला, बाणसागर जल समझौता और निवेश सम्मेलन

विश्वप्रसिद्ध सुल्तानगंज-देवघर श्रावणी मेले (30 जुलाई से 28 अगस्त 2026) के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए 28 अस्थायी ओपी और 19 यातायात ओपी स्थापित करने की मंजूरी दी गई है।

बिहार और झारखंड के बीच वर्षों से लंबित बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सोन नदी के जल-बँटवारे के फार्मूले को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी, जिससे झारखंड को उसके हिस्से का पानी मिल सकेगा और सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इसके अतिरिक्त, झारखंड में निवेश को आकर्षित करने के लिए 8-9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 'नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन 2026' का आयोजन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे।

शासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए ज्वाइनिंग के समय 'निष्ठा और गोपनीयता की शपथ' अनिवार्य करने के प्रारूप को मंजूरी दी है। यह कदम राज्य की प्रशासनिक जवाबदेही को नई दिशा देने का प्रयास माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

189 करोड़ का रिम्स-2 झारखंड की स्वास्थ्य राजनीति में एक महत्वाकांक्षी दांव है, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — राज्य में बड़ी परियोजनाओं के लंबित रहने का इतिहास रहा है। 'जागृति पीएमयू' और आईआईएम रांची की निगरानी भूमिका संरचनात्मक रूप से सकारात्मक है, फिर भी यह देखना होगा कि ये संस्थागत ढाँचे कागज़ से ज़मीन तक कितने प्रभावी साबित होते हैं। मनरेगा की जगह नई योजना लाने का निर्णय आदिम जनजाति समूहों के लिए राहत का वादा करता है, परंतु इसकी पारदर्शिता और पहुँच पर नज़र रखना ज़रूरी होगा। एक ही बैठक में 27 प्रस्तावों की स्वीकृति प्रशासनिक सक्रियता दर्शाती है, लेकिन इतनी योजनाओं के एक साथ क्रियान्वयन की क्षमता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिम्स-2 मेडिकल कॉलेज क्या है और इसकी लागत कितनी है?
रिम्स-2 रांची में प्रस्तावित एक विश्वस्तरीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल है, जिसे ₹4,189.42 करोड़ की लागत से स्थापित किया जाएगा। हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 2 जुलाई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में इस परियोजना को औपचारिक मंजूरी दी गई।
रिम्स-2 की निगरानी कौन करेगा?
परियोजना की निगरानी के लिए 'जागृति पीएमयू' (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) का गठन किया जाएगा। आईआईएम रांची 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में और जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विसेज सामाजिक-आर्थिक प्रभाव मूल्यांकन की भूमिका में काम करेगा।
झारखंड में मनरेगा की जगह कौन-सी नई योजना आएगी?
कैबिनेट ने मनरेगा के स्थान पर 'विकसित भारत-जी-राम-जी' योजना लागू करने को मंजूरी दी है। इसके तहत आदिम जनजाति समूहों के लिए अतिरिक्त रोज़गार और विशेष कार्यों की व्यवस्था की जाएगी।
बाणसागर परियोजना समझौते से झारखंड को क्या फायदा होगा?
बाणसागर परियोजना के तहत सोन नदी के जल-बँटवारे के फार्मूले को कैबिनेट की मंजूरी मिलने से झारखंड को उसके हिस्से का पूरा पानी मिल सकेगा। इससे राज्य की सिंचाई व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है।
झारखंड का 'नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन 2026' क्या है और कब होगा?
यह झारखंड में निवेश आकर्षित करने के लिए आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन है, जो 8-9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में होगा। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले