रांची में ₹4,189 करोड़ से बनेगा रिम्स-2 मेडिकल कॉलेज, हेमंत कैबिनेट ने 27 प्रस्तावों को दी हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची को जल्द ही एक विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान मिलने वाला है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 2 जुलाई 2026 को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में ₹4,189.42 करोड़ की लागत से 'रिम्स-2' (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज-2) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। इस बैठक में विकास, जनकल्याण और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कुल 27 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
रिम्स-2 परियोजना: क्या होगा खास
परियोजना की निर्बाध निगरानी और क्रियान्वयन के लिए 'जागृति पीएमयू' (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) का गठन किया जाएगा। आईआईएम रांची इस परियोजना में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की भूमिका निभाएगा, जबकि परियोजना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव के मूल्यांकन की जिम्मेदारी रांची स्थित जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विसेज को सौंपी गई है। यह परियोजना झारखंड में स्वास्थ्य अवसंरचना के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा एकल निवेश मानी जा रही है।
ग्रामीण रोज़गार और प्रशासनिक सुधार
कैबिनेट ने राज्य में मनरेगा व्यवस्था के स्थान पर 'विकसित भारत-जी-राम-जी' योजना लागू करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। इस योजना के अंतर्गत आदिम जनजाति समूहों के लिए अतिरिक्त रोज़गार और विशेष कार्यों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से 'एकल प्रशासनिक पदाधिकारी' व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई है। यह व्यवस्था उन प्रखंडों और अंचलों में लागू होगी जहाँ 12 से कम पंचायतें हैं। नई संरचना के तहत राज्य के 53 अंचलों में सीओ-सह-बीडीओ और 54 प्रखंडों में बीडीओ-सह-सीओ की तैनाती होगी, जबकि शेष 164 बड़े प्रखंडों में दोनों पद पूर्ववत अलग-अलग बने रहेंगे।
सड़क अवसंरचना और अन्य बड़े फैसले
कैबिनेट ने सड़क संपर्क सुधारने के लिए कई बड़े व्यय को हरी झंडी दी। दुमका-साहेबगंज मार्ग को ₹221 करोड़ की लागत से दो-लेन में तब्दील किया जाएगा, जिसमें पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ भी शामिल होगा। साहेबगंज में एक अन्य सड़क के लिए ₹88 करोड़ और पाकुड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क-संपर्क व नए पुलों के लिए ₹128 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी गई। चतरा के सिमरिया-टंडवा मार्ग के सुधार पर ₹33 करोड़ खर्च होंगे।
रांची के बिरसा चौक से धुर्वा गोलचक्कर और पुलिस मुख्यालय तक जाने वाली सड़क का व्यापक कायाकल्प होगा — इसमें साइकिल ट्रैक, हरित पट्टी और नागरिक सुविधाएँ भी विकसित की जाएंगी।
श्रावणी मेला, बाणसागर जल समझौता और निवेश सम्मेलन
विश्वप्रसिद्ध सुल्तानगंज-देवघर श्रावणी मेले (30 जुलाई से 28 अगस्त 2026) के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए 28 अस्थायी ओपी और 19 यातायात ओपी स्थापित करने की मंजूरी दी गई है।
बिहार और झारखंड के बीच वर्षों से लंबित बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सोन नदी के जल-बँटवारे के फार्मूले को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी, जिससे झारखंड को उसके हिस्से का पानी मिल सकेगा और सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इसके अतिरिक्त, झारखंड में निवेश को आकर्षित करने के लिए 8-9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 'नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन 2026' का आयोजन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे।
शासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए ज्वाइनिंग के समय 'निष्ठा और गोपनीयता की शपथ' अनिवार्य करने के प्रारूप को मंजूरी दी है। यह कदम राज्य की प्रशासनिक जवाबदेही को नई दिशा देने का प्रयास माना जा रहा है।