12 अगस्त 2026
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रिम्स रांची में मेडिकल सीटें बढ़ेंगी: यूजी में 70, पीजी में 99 और पोस्ट-पीजी में 89 नई सीटें, ₹830 करोड़ का विस्तार प्रस्ताव

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रिम्स रांची में मेडिकल सीटें बढ़ेंगी: यूजी में 70, पीजी में 99 और पोस्ट-पीजी में 89 नई सीटें, ₹830 करोड़ का विस्तार प्रस्ताव

सारांश

रिम्स रांची में यूजी, पीजी और पोस्ट-पीजी — तीनों स्तरों पर मेडिकल सीटें बढ़ाने की तैयारी है। एनएमसी की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद ₹830 करोड़ के बुनियादी ढाँचे के साथ झारखंड पूर्वी भारत के चिकित्सा शिक्षा के केंद्र के रूप में उभरने की कोशिश में है।

मुख्य बातें

रिम्स, रांची में यूजी सीटें 180 से 250 , पीजी सीटें 176 से 275 और पोस्ट-पीजी सीटें 11 से 100 करने की योजना है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने यूजी सीट वृद्धि को कुछ शर्तों के साथ सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
आईपीडी, ओपीडी और एकेडमिक ब्लॉक के नवीनीकरण के लिए ₹380 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र प्रायोजित योजना के तहत भेजा जाएगा।
पीजी हॉस्टल, स्टेडियम कॉम्प्लेक्स समेत अन्य परियोजनाओं पर ₹450 करोड़ खर्च का अनुमान; पीपीपी मॉडल पर विकास का प्रस्ताव।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने मरीज भर्ती के लिए एसओपी तैयार करने और रेफरल व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

झारखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में मेडिकल शिक्षा की क्षमता बड़े पैमाने पर बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। 12 अगस्त 2026 को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में तय किया गया कि यूजी सीटें 180 से बढ़ाकर 250, पीजी सीटें 176 से बढ़ाकर 275 और पोस्ट-पीजी सीटें 11 से बढ़ाकर 100 की जाएंगी। इन विस्तार योजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।

बैठक में क्या हुआ

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई इस समीक्षा बैठक में रिम्स के शैक्षणिक विस्तार और अस्पताल प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, रिम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा और सहायक निदेशक बाघमारे प्रसाद कृष्ण सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

एनएमसी की सैद्धांतिक मंजूरी

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने यूजी सीटों में वृद्धि के प्रस्ताव को कुछ शर्तों के साथ सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मेडिकल कॉलेजों में सीटों की कमी और डॉक्टर-मरीज अनुपात को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि झारखंड जैसे राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच अभी भी राष्ट्रीय औसत से पीछे है, जिससे इस विस्तार का महत्व और बढ़ जाता है।

बुनियादी ढाँचे पर ₹830 करोड़ का निवेश

सीटों में वृद्धि के साथ रिम्स के बुनियादी ढाँचे को भी आधुनिक बनाने की योजना है। पुराने आईपीडी, ओपीडी और एकेडमिक ब्लॉक के नवीनीकरण एवं विस्तार के लिए करीब ₹380 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे केंद्र प्रायोजित योजना (सेंट्रल स्पॉन्सर्ड स्कीम) के तहत भेजा जाएगा। इसके अलावा रिम्स के नॉर्थ और साउथ कैंपस में स्थित हॉस्टल और क्वार्टर के जीर्णोद्धार के साथ पीजी और पोस्ट-पीजी हॉस्टल के निर्माण तथा स्टेडियम कॉम्प्लेक्स के विकास पर करीब ₹450 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इन परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित करने का प्रस्ताव है।

मरीज प्रबंधन में सुधार के निर्देश

बैठक में मरीजों की भर्ती और छुट्टी की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को उचित रेफरल व्यवस्था के जरिए ही रिम्स भेजा जाए और बिना रेफरल आने वाले मरीजों को केवल आवश्यक परिस्थितियों में ही भर्ती किया जाए।

आगे क्या होगा

डीपीआर तैयार होने के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। एनएमसी की शर्तें पूरी होने पर यूजी सीटों में वृद्धि को औपचारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है। यदि सभी प्रस्ताव स्वीकृत होते हैं, तो रिम्स झारखंड ही नहीं, बल्कि पूर्वी भारत के प्रमुख मेडिकल संस्थानों में से एक बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या बुनियादी ढाँचा और फैकल्टी उसी रफ्तार से तैयार होंगे। देश के कई मेडिकल संस्थानों में सीटें तो बढ़ीं, पर शिक्षकों की कमी और जर्जर सुविधाओं ने शिक्षा की गुणवत्ता पर असर डाला। एनएमसी की 'कुछ शर्तें' यही संकेत देती हैं कि नियामक भी इस जोखिम को पहचानता है। ₹830 करोड़ का प्रस्ताव कागज़ पर प्रभावशाली है, लेकिन पीपीपी मॉडल और केंद्रीय फंडिंग पर निर्भरता — दोनों में देरी और अनिश्चितता का इतिहास रहा है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिम्स रांची में कितनी नई मेडिकल सीटें बढ़ाई जाएंगी?
प्रस्ताव के अनुसार यूजी सीटें 180 से बढ़ाकर 250 (70 नई), पीजी सीटें 176 से 275 (99 नई) और पोस्ट-पीजी सीटें 11 से 100 (89 नई) की जाएंगी। इन सभी के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।
एनएमसी ने रिम्स की सीट वृद्धि को मंजूरी दी है?
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने यूजी सीटों में वृद्धि के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी है। पीजी और पोस्ट-पीजी सीटों के लिए डीपीआर तैयार होने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
रिम्स के बुनियादी ढाँचे पर कितना खर्च होगा?
कुल मिलाकर करीब ₹830 करोड़ खर्च होने का अनुमान है — आईपीडी, ओपीडी और एकेडमिक ब्लॉक के नवीनीकरण पर ₹380 करोड़ और पीजी हॉस्टल व स्टेडियम कॉम्प्लेक्स समेत अन्य परियोजनाओं पर ₹450 करोड़। पहली राशि केंद्र प्रायोजित योजना से और दूसरी पीपीपी मॉडल से जुटाने का प्रस्ताव है।
रिम्स में मरीजों की भर्ती प्रक्रिया में क्या बदलाव होगा?
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने निर्देश दिया है कि मरीजों की भर्ती और छुट्टी के लिए स्पष्ट एसओपी बनाई जाए। बिना रेफरल आने वाले मरीजों को केवल आवश्यक परिस्थितियों में ही भर्ती किया जाए और अन्य को उचित रेफरल व्यवस्था के जरिए रिम्स भेजा जाए।
रिम्स विस्तार योजना से झारखंड को क्या फायदा होगा?
इस विस्तार से झारखंड में मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ेगी, जिससे अधिक छात्रों को राज्य में ही उच्च चिकित्सा शिक्षा मिल सकेगी। साथ ही बेहतर बुनियादी ढाँचे से रिम्स की स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता में भी सुधार होगा, जिसका सीधा लाभ झारखंड के मरीजों को मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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