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क्या झारखंड में 1994 बैच की आईपीएस तदाशा मिश्रा बनीं प्रभारी डीजीपी?

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क्या झारखंड में 1994 बैच की आईपीएस तदाशा मिश्रा बनीं प्रभारी डीजीपी?

सारांश

झारखंड सरकार ने अनुराग गुप्ता की ऐच्छिक सेवानिवृत्ति को मंजूरी देकर 1994 बैच की आईपीएस तदाशा मिश्रा को नया प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया है। जानिए इस बदलाव का क्या है महत्व!

मुख्य बातें

तदाशा मिश्रा को 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।
अनुराग गुप्ता की ऐच्छिक सेवानिवृत्ति को मंजूरी दी गई है।
तदाशा मिश्रा का कार्यकाल झारखंड पुलिस के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

रांची, 6 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड सरकार ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता की ऐच्छिक सेवानिवृत्ति को मंजूरी दे दी है। उनके स्थान पर 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा को राज्य का प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया गया है।

इससे पहले, तदाशा मिश्रा गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव के रूप में कार्यरत थीं। इस संदर्भ में गृह, कारा एवं आपदा विभाग ने गुरुवार की रात अधिसूचना जारी की।

बुंदेलखंड की मूल निवासी तदाशा मिश्रा को लगभग एक वर्ष पहले डीजी रैंक में प्रोन्नति मिली थी। उन्होंने झारखंड पुलिस में एडीजी, आईजी, और रांची में सिटी एसपी सहित कई महत्वपूर्ण पदों का कार्यभार संभाला है।

डीजीपी पद से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले अनुराग गुप्ता ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में आवेदन प्रस्तुत किया था। सरकार ने गुरुवार को इसको स्वीकृति दी।

अनुराग गुप्ता 1990 बैच के आईपीएस थे। उन्हें वर्ष 2022 में डीजी के पद पर पदोन्नति मिली थी और 26 जुलाई 2024 को प्रभारी डीजीपी बनाया गया था। विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने उन्हें पद से हटा दिया था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 28 नवंबर 2024 को हेमंत सोरेन सरकार ने उन्हें पुनः प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया था।

राज्य सरकार ने इस वर्ष फरवरी में डीजीपी नियुक्ति के लिए नई नियमावली लागू की थी, जिसके तहत अनुराग गुप्ता को दो वर्ष के कार्यकाल के लिए नियमित डीजीपी के रूप में नियुक्त किया गया था।

हालांकि, केंद्र सरकार और यूपीएससी ने इस नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को दो बार पत्र लिखकर गुप्ता को पद से हटाने की सिफारिश की थी, लेकिन राज्य सरकार ने अपनी नियमावली का हवाला देकर उन्हें पद पर बनाए रखा था।

सितंबर में सरकार ने उनसे एसीबी का प्रभार वापस ले लिया था, जिसके बाद उनके हटाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। अब उनकी ऐच्छिक सेवानिवृत्ति को मंजूरी मिलने के साथ ही उस पर औपचारिक मुहर लग गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना महत्वपूर्ण है कि झारखंड जैसे राज्यों में पुलिस प्रमुखों का चयन और उनकी कार्यशैली किस प्रकार से कानून और व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। तदाशा मिश्रा की नियुक्ति से राज्य में नए दृष्टिकोण आने की संभावना है, जो सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर सकता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तदाशा मिश्रा कौन हैं?
तदाशा मिश्रा 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्हें हाल ही में झारखंड का प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया गया है।
अनुराग गुप्ता की सेवानिवृत्ति कब हुई?
अनुराग गुप्ता की ऐच्छिक सेवानिवृत्ति को झारखंड सरकार ने 6 नवंबर को मंजूरी दी।
तदाशा मिश्रा का पिछला कार्य अनुभव क्या है?
तदाशा मिश्रा ने झारखंड पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिसमें एडीजी, आईजी, और रांची में सिटी एसपी शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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