28 जुलाई 2026
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जमशेदपुर में टाटा मोटर्स स्थापित करेगा आईडीटीआर, झारखंड में महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया होगी आसान

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जमशेदपुर में टाटा मोटर्स स्थापित करेगा आईडीटीआर, झारखंड में महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया होगी आसान

सारांश

झारखंड सरकार और टाटा मोटर्स के बीच एमओयू के तहत जमशेदपुर में आईडीटीआर स्थापित होगा। CM हेमंत सोरेन ने महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया सरल बनाने का निर्देश दिया और एक दिन में 10,000 से अधिक लाइसेंस वितरित किए गए — परिवहन क्षेत्र में महिला भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम।

मुख्य बातें

झारखंड परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच 28 जुलाई 2026 को जमशेदपुर में आईडीटीआर स्थापना हेतु एमओयू हस्ताक्षरित।
CM हेमंत सोरेन ने महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया।
कार्यक्रम के दिन राज्यभर में 10,000 से अधिक लोगों को ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस वितरित किए गए।
आईडीटीआर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा; सड़क दुर्घटनाओं में कमी और युवा रोज़गार वृद्धि लक्ष्य।
पलामू , सरायकेला-खरसावां और धनबाद के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सीधा संवाद किया गया।
हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को भी सरल बनाने का निर्देश।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण समझौते के अवसर पर घोषणा की कि राज्य में महिलाओं के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण, लर्निंग लाइसेंस और ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को और अधिक सरल, सुलभ तथा पारदर्शी बनाया जाएगा। यह घोषणा राज्य के परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच जमशेदपुर में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) की स्थापना हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर के मौके पर की गई।

एमओयू की मुख्य बातें

परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच हस्ताक्षरित इस समझौते के तहत जमशेदपुर में आईडीटीआर की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अनुसार यह संस्थान आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इससे युवाओं की रोज़गार क्षमता में वृद्धि होगी, प्रशिक्षित चालकों की संख्या बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह संस्थान केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि अनुसंधान और नवाचार का भी केंद्र बनेगा — जो परिवहन क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार की दिशा में एक ठोस कदम है।

महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और पुरुषों को परिवहन क्षेत्र में समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया — आवेदन से लेकर लाइसेंस प्राप्ति तक — को बाधारहित बनाया जाए, ताकि वे परिवहन क्षेत्र में रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसरों के ज़रिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में महिला श्रम-बल भागीदारी दर को बढ़ाने पर नीतिगत ज़ोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि परिवहन क्षेत्र परंपरागत रूप से पुरुष-प्रधान रहा है, और इस तरह की पहल उस असंतुलन को दूर करने का प्रयास करती है।

ज़िला स्तर पर समीक्षा और लाभार्थियों से संवाद

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पलामू, सरायकेला-खरसावां और धनबाद सहित विभिन्न ज़िलों के लाभार्थियों से सीधे बातचीत की और लाइसेंस प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने सभी ज़िलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया कि लंबित ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस आवेदनों की समीक्षा कर उनका समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित किया जाए।

उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम के अवसर पर राज्यभर में 10,000 से अधिक लोगों को ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस वितरित किए गए।

हेवी व्हीकल लाइसेंस और कौशल विकास

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को यह भी निर्देश दिया कि हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को भी सरल और पारदर्शी बनाया जाए, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोज़गार के अवसर मिल सकें। राज्य सरकार सड़क सुरक्षा, कौशल विकास और रोज़गार सृजन को प्राथमिकता देते हुए परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है।

समारोह में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस अवसर पर परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन, परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा तथा टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग छारिया सहित विभाग और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जमशेदपुर में आईडीटीआर की स्थापना झारखंड के परिवहन क्षेत्र में एक संरचनात्मक बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है — अगला कदम होगा इस संस्थान का वास्तविक क्रियान्वयन और महिला लाभार्थियों तक इसकी पहुँच सुनिश्चित करना।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि यह संस्थान ग्रामीण और अर्ध-शहरी महिलाओं तक कितनी पहुँच बना पाता है — जो अक्सर ऐसी केंद्रीकृत सुविधाओं से वंचित रह जाती हैं। लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्देश सराहनीय है, परंतु बिना ज़िला-स्तरीय जवाबदेही तंत्र के यह घोषणा कागज़ों तक सीमित रह सकती है। झारखंड में महिला श्रम-बल भागीदारी दर राष्ट्रीय औसत से पीछे है, और परिवहन क्षेत्र में प्रवेश की बाधाएँ — जिनमें प्रशिक्षण की अनुपलब्धता प्रमुख है — इसका एक बड़ा कारण रही हैं। यदि आईडीटीआर वास्तव में महिला-केंद्रित बैचों और लचीले प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ काम करे, तो यह मॉडल राज्य के अन्य ज़िलों के लिए भी अनुकरणीय बन सकता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में जमशेदपुर आईडीटीआर क्या है?
आईडीटीआर यानी इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च एक ऐसा संस्थान है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ड्राइविंग प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार प्रदान करेगा। यह झारखंड परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच हस्ताक्षरित एमओयू के तहत जमशेदपुर में स्थापित किया जाएगा।
झारखंड में महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया कैसे बदलेगी?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि महिलाओं के लिए लर्निंग लाइसेंस और ड्राइविंग लाइसेंस की आवेदन से लेकर प्राप्ति तक की पूरी प्रक्रिया को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया जाए। इसका उद्देश्य महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर दिलाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
इस एमओयू से झारखंड के युवाओं को क्या फायदा होगा?
आईडीटीआर में आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर का ड्राइविंग प्रशिक्षण मिलने से युवाओं की रोज़गार क्षमता बढ़ेगी। इसके अलावा हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को भी सरल बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे अधिक युवाओं को कौशल विकास के ज़रिए रोज़गार मिल सकेगा।
28 जुलाई को झारखंड में कितने लाइसेंस वितरित किए गए?
28 जुलाई 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम के अवसर पर राज्यभर में 10,000 से अधिक लोगों को ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पलामू, सरायकेला-खरसावां और धनबाद के लाभार्थियों से सीधे बातचीत भी की।
आईडीटीआर से सड़क सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अनुसार जमशेदपुर में स्थापित होने वाले आईडीटीआर में प्रशिक्षित चालकों की संख्या बढ़ने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। संस्थान अनुसंधान और नवाचार को भी बढ़ावा देगा, जो दीर्घकालिक सड़क सुरक्षा सुधार में सहायक होगा।
राष्ट्र प्रेस
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