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जेएसएलपीएस और आईआईएम कोलकाता के बीच ऐतिहासिक एमओयू: महिला उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम

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जेएसएलपीएस और आईआईएम कोलकाता के बीच ऐतिहासिक एमओयू: महिला उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम

सारांश

झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन समिति (जेएसएलपीएस) ने आईआईएमसीआईपी-कोलकाता के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किया है। इस समझौते से झारखंड की महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय को सफल बनाने के लिए आवश्यक कौशल और तकनीकी ज्ञान प्राप्त होगा।

मुख्य बातें

महिला उद्यमिता को सशक्त बनाने के लिए जेएसएलपीएस और आईआईएमसीआईपी के बीच एमओयू।
राज्य के सभी 24 जिलों में 264 प्रखण्डों में उद्यमिता कौशल का प्रशिक्षण।
पहले चरण में 50,000 महिलाओं का आंकड़ा और 500 का चयन।
इनक्यूबेशन तकनीक द्वारा 150 महिलाओं को एक करोड़ वार्षिक टर्नओवर की दिशा में प्रशिक्षित किया जाएगा।
यह सेवा निःशुल्क होगी और 5 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध है।

रांची, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन समिति (जेएसएलपीएस) ने नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब आईआईएमसीआईपी-कोलकाता (आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क) के सहयोग से झारखंड सखी मंडल से जुड़ी महिलाएं उद्यमिता की सफलता की बारीकियों को समझ सकेंगी।

महिला उद्यमियों को दक्षता प्रदान करने के लिए जेएसएलपीएस और आईआईएमसीआईपी कोलकाता के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह एक त्रिवर्षीय योजना के तहत कार्य करेगा। इस समझौते के माध्यम से, आईआईएमसीआईपी कोलकाता राज्य के सभी 24 जिलों के 264 प्रखण्डों में सखी मंडल से जुड़ी महिलाओं को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में अपने उद्यम को बाजार की मांग के अनुसार तैयार करने की जानकारी प्रदान करेगा।

योजना के पहले चरण में लगभग 50,000 ग्रामीण महिला उद्यमियों का आंकड़ा जुटाया जाएगा। इनमें से 500 सर्वश्रेष्ठ महिला उद्यमियों को समग्र उद्यम एवं व्यापार प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, उन्हें उच्च स्तरीय तकनीकी प्रबंधन विधियों से प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि उनका सालाना टर्नओवर करोड़ रुपए में कैसे पहुंचे, इसका ज्ञान प्रदान किया जा सके। योजना के अंतर्गत योग्य 150 ग्रामीण महिला उद्यमियों को इनक्यूबेशन तकनीक के माध्यम से एक करोड़ वार्षिक टर्नओवर वाले उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसके लिए जेएसएलपीएस के अधिकारियों और नॉन-फार्म सामुदायिक कैडर को इनक्यूबेटर स्किल में प्रशिक्षित किया जाएगा। योजना की अवधि समाप्त होने के बाद भी, राज्य की ग्रामीण महिला उद्यमियों को इनक्यूबेशन इकोसिस्टम की सेवाएं मिलती रहेंगी, इसके लिए आईआईएमसीआईपी द्वारा प्रत्येक प्रमंडल में एक स्थानीय इनक्यूबेटर विकसित किया जाएगा। यह सेवा महिलाओं के लिए पूरी तरह से निःशुल्क होगी।

इस योजना के तहत उद्यमियों के लिए इक्विटी फंड, चैलेंज फंड, और सॉफ्ट लोन के मद में 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह एमओयू जेएसएलपीएस के सीओओ विष्णु परिदा और आईआईएमसीआईपी कोलकाता के सीईओ डॉ विवेक कुमार रॉय के बीच हस्ताक्षरित हुआ। इस अवसर पर डॉ गौरव कपूर, नितिश कुमार सिन्हा, तुमुल् तरण, धीरज पांडेय, और निशांत देव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा। यह एक सकारात्मक कदम है जो उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह एमओयू किसके बीच हुआ है?
यह एमओयू झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन समिति (जेएसएलपीएस) और आईआईएमसीआईपी-कोलकाता के बीच हुआ है।
इस योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य झारखंड की महिला उद्यमियों को उद्यमिता कौशल और तकनीकी ज्ञान प्रदान करना है।
इस योजना के तहत कितनी महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा?
इस योजना के तहत लगभग 50,000 ग्रामीण महिला उद्यमियों का आंकड़ा तैयार किया जाएगा, जिनमें से 500 महिलाओं का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह योजना कब तक चलेगी?
यह योजना एक त्रिवर्षीय योजना के तहत कार्य करेगी।
क्या यह सेवा महिलाओं के लिए निःशुल्क होगी?
हाँ, यह सेवा महिलाओं के लिए पूरी तरह से निःशुल्क होगी।
राष्ट्र प्रेस
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