8 अगस्त 2026
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जम्मू-कश्मीर में NRLM से 8.5 लाख महिलाएं बनीं उद्यमी, अवंतीपोरा में फूड एंटरप्राइज़ बना मिसाल

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जम्मू-कश्मीर में NRLM से 8.5 लाख महिलाएं बनीं उद्यमी, अवंतीपोरा में फूड एंटरप्राइज़ बना मिसाल

सारांश

अवंतीपोरा का फूड एंटरप्राइज़ सिर्फ एक उद्यम नहीं — यह JKRLM की उस रणनीति का प्रमाण है जो 8.5 लाख ग्रामीण महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने की दिशा में काम कर रही है। 12 जिलों में शुरुआत के बाद अब सभी 20 जिलों तक विस्तार का लक्ष्य है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में NRLM (JKRLM) के तहत महिला-नेतृत्व वाला फूड सर्विस एंटरप्राइज़ सफलतापूर्वक स्थापित।
राष्ट्रीय संसाधन संगठन 'कुडुम्बश्री' के साथ MOU के तहत पुलवामा सहित 12 जिलों में उद्यम शुरू।
सरकार का लक्ष्य — सभी 20 जिलों में फूड एंटरप्राइज़ स्थापित करना, महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाना।
जम्मू-कश्मीर में लगभग 96,000 स्वयं सहायता समूह सक्रिय; करीब 8.5 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
दूरदराज क्षेत्रों की महिलाओं को परिवहन की सुविधा के लिए योजना के तहत वाहन भी उपलब्ध कराए गए।

जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत महिलाओं के नेतृत्व में स्थापित एक फूड-प्रोसेसिंग उद्यम ने ग्रामीण सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी है। 8 अगस्त को सामने आई इस जानकारी के अनुसार, पुलवामा जिले में शुरू हुए इस उद्यम ने आजीविका के एक साधारण प्रयास को एक सफल व्यावसायिक मॉडल में तब्दील कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में NRLM को जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (JKRLM) — जिसे 'उम्मीद' के नाम से भी जाना जाता है — के रूप में लागू किया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एजाज असद ने बताया कि JKRLM ने पुलवामा सहित 12 जिलों में फूड सर्विस एंटरप्राइज़ स्थापित किए जा चुके हैं। इस काम के लिए राष्ट्रीय संसाधन संगठन 'कुडुम्बश्री' के साथ एक एमओयू (MOU) किया गया है, जो फूड सर्विस उद्यमों को स्थापित करने में विशेषज्ञता रखता है। असद ने कहा, 'हमारी कोशिश है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं सीमित न रहें, बल्कि वे लखपति दीदी भी बनें।'

विस्तार की योजना

सरकार का लक्ष्य है कि ये उद्यम जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में स्थापित किए जाएं, जहाँ स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं इन्हें स्वयं संचालित करेंगी। NRLM की अधिकारी शाबरा शर्मा ने बताया कि अवंतीपोरा में राष्ट्रीय संसाधन संगठन की सहायता से फूड सर्विस एंटरप्राइज़ को सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है, जो ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम है।

परिवहन की बाधा भी दूर

शर्मा ने यह भी बताया कि दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की सुविधा न होने की समस्या को देखते हुए, योजना के तहत महिलाओं को वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे उन महिलाओं को विशेष राहत मिली है जो बुनियादी आवागमन सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में रहती हैं।

आम जनता पर असर

वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में लगभग 96,000 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे करीब 8.5 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। यह पहल न केवल इन महिलाओं को सम्मानजनक आय का अवसर दे रही है, बल्कि उनके परिवारों और समुदायों में भी रोजगार के नए द्वार खोल रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में केंद्र और स्थानीय प्रशासन दोनों सक्रिय हैं।

क्या होगा आगे

JKRLM के विस्तार कार्यक्रम के अनुसार, शेष जिलों में भी इसी मॉडल को दोहराने की तैयारी है। 'कुडुम्बश्री' जैसे सिद्ध राष्ट्रीय संसाधन संगठनों की साझेदारी से यह उम्मीद जताई जा रही है कि यह उद्यम-मॉडल कश्मीर की ग्रामीण महिलाओं के लिए दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता का आधार बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी तब होगी जब यह 12 से 20 जिलों तक विस्तारित होगा — क्योंकि स्केलिंग में अक्सर गुणवत्ता और स्थिरता दोनों की परीक्षा होती है। 'लखपति दीदी' का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन 8.5 लाख महिलाओं में से कितनी वास्तव में इस आय-स्तर तक पहुँच पाती हैं, इसका सत्यापन-योग्य डेटा अभी सार्वजनिक नहीं है। 'कुडुम्बश्री' की साझेदारी एक सकारात्मक संकेत है — केरल में इस मॉडल की सफलता सिद्ध है — पर कश्मीर की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियाँ अलग हैं, जिन पर ध्यान देना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) जम्मू-कश्मीर में कैसे काम करता है?
जम्मू-कश्मीर में NRLM को JKRLM (जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन) के नाम से लागू किया जाता है, जिसे 'उम्मीद' भी कहते हैं। यह मिशन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम करता है।
अवंतीपोरा में स्थापित फूड एंटरप्राइज़ क्या है और इसे किसने शुरू किया?
अवंतीपोरा, पुलवामा में JKRLM के तहत एक महिला-नेतृत्व वाला फूड सर्विस एंटरप्राइज़ स्थापित किया गया है। इसे राष्ट्रीय संसाधन संगठन 'कुडुम्बश्री' के साथ MOU के तहत शुरू किया गया है, जो फूड सर्विस उद्यमों में विशेषज्ञता रखता है।
जम्मू-कश्मीर में कितनी महिलाएं JKRLM से जुड़ी हैं?
वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में लगभग 96,000 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे करीब 8.5 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों में भाग लेती हैं।
'लखपति दीदी' योजना का कश्मीर में क्या लक्ष्य है?
JKRLM का लक्ष्य है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं केवल सीमित आय तक न रहें, बल्कि प्रतिवर्ष ₹1 लाख या उससे अधिक की आय अर्जित करने वाली 'लखपति दीदी' बनें। इसके लिए फूड एंटरप्राइज़ जैसे व्यावसायिक मॉडल विकसित किए जा रहे हैं।
क्या जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में यह योजना लागू होगी?
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एजाज असद के अनुसार, अभी तक 13 जिलों (पुलवामा सहित) में फूड सर्विस एंटरप्राइज़ शुरू हो चुके हैं और सरकार की योजना सभी 20 जिलों में इन्हें स्थापित करने की है।
राष्ट्र प्रेस
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