जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल का ऐतिहासिक कदम: स्कूली छात्रों के लिए भारत का पहला प्री-लॉ समर प्रोग्राम, 14 जून से शुरू
सारांश
मुख्य बातें
जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल (JGLS), ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (JGU), सोनीपत ने कक्षा 9 से 12 तक के हाई स्कूल छात्रों के लिए भारत का पहला रेजिडेंशियल प्री-लॉ समर प्रोग्राम लॉन्च किया है। 'प्री-लॉ मूटिंग और एडवोकेसी में ईमानदार ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम' नाम से शुरू की गई यह पहल 14 जून से 20 जून 2026 तक आयोजित होगी। यह कार्यक्रम युवा छात्रों को विश्वविद्यालय प्रवेश से पहले ही कानूनी शिक्षा, एडवोकेसी और संवैधानिक मूल्यों से परिचित कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
कार्यक्रम की संरचना और विशेषताएँ
यह सात दिवसीय रेजिडेंशियल कार्यक्रम JGU परिसर में स्थित ईमानदार (IMANDAR — वकालत, बातचीत, विवाद निर्णय, मध्यस्थता और समाधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय मूटिंग अकादमी) में आयोजित किया जाएगा, जो दुनिया की सबसे बड़ी अकादमिक मूट कोर्ट सुविधाओं में से एक मानी जाती है। कार्यक्रम का पाठ्यक्रम एडवोकेसी, क्रिटिकल थिंकिंग, लीगल रीजनिंग, डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन, पब्लिक स्पीकिंग, एथिक्स और लीडरशिप डेवलपमेंट को एकीकृत करता है।
प्रतिभागियों को निम्नलिखित क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा: एडवोकेसी और पब्लिक स्पीकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग और लीगल रीजनिंग, मूट कोर्ट तकनीक और कोर्टरूम एटीकेट, नेगोशिएशन, मेडिएशन और अल्टरनेटिव डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन, लीगल एथिक्स और प्रोफेशनल रिस्पॉन्सिबिलिटी, तथा रिसर्च, आर्ग्युमेंटेशन और केस एनालिसिस।
ग्रैंड मूट कोर्ट: कार्यक्रम की मुख्य विशेषता
कार्यक्रम की सबसे उल्लेखनीय विशेषता 'ग्रैंड मूट कोर्ट' होगी, जिसमें प्रतिभागी एक विशेषज्ञ पैनल के समक्ष सिम्युलेटेड मूट कोर्ट कार्यवाही में भाग लेंगे। छात्रों को कोर्टरूम एडवोकेसी, कानूनी तर्क-वितर्क और संरचित विवाद समाधान का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा। गौरतलब है कि विशिष्ट फैकल्टी सदस्यों, कानूनी विद्वानों, एडवोकेसी ट्रेनर्स और प्रैक्टिशनर्स द्वारा संचालित यह कार्यक्रम पारंपरिक मूटिंग से आगे बढ़कर विश्लेषणात्मक और समस्या-समाधान कौशल पर केंद्रित है।
संस्थापकों और डीन की प्रतिक्रिया
JGU के संस्थापक कुलपति और JGLS के संस्थापक डीन सी. राज कुमार ने कहा,