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जितिया व्रत 2026: CM सम्राट चौधरी समेत बिहार के नेताओं ने दी शुभकामनाएं, संतान की दीर्घायु की कामना

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जितिया व्रत 2026: CM सम्राट चौधरी समेत बिहार के नेताओं ने दी शुभकामनाएं, संतान की दीर्घायु की कामना

सारांश

जितिया व्रत 2026 पर बिहार में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से लेकर विधानसभा अध्यक्ष, राज्यपाल, BJP-जदयू तक — सभी ने माताओं की आस्था और बलिदान को सलाम किया। यह पर्व बिहार की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग है।

मुख्य बातें

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) पर माताओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने व्रती माताओं की तपस्या और संतान के सुखमय जीवन की कामना की।
नागालैंड के राज्यपाल एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने प्रत्येक परिवार में खुशहाली की प्रार्थना की।
BJP बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी शुभकामनाएं दीं।
जदयू और BJP की बिहार इकाई ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से मातृत्व को समर्पित पर्व का सम्मान किया।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) के पावन अवसर पर प्रदेश की समस्त माताओं को हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित की हैं। उन्होंने कामना की कि मां और संतान के प्रेम का यह पवित्र बंधन सदैव अटूट बना रहे और सभी माताओं व उनके बच्चों के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'ममता, त्याग और संतान की दीर्घायु की कामना का पावन पर्व जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) के अवसर पर सभी माताओं को हार्दिक शुभकामनाएं। मां और संतान के प्रेम का यह पावन बंधन सदैव अटूट रहे व सभी माताओं और उनके बच्चों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।' यह व्रत बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में माताओं द्वारा अपनी संतानों की दीर्घायु और कुशलता के लिए निर्जला रखा जाता है।

विधानसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं की शुभकामनाएं

बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने व्रती माताओं को बधाई देते हुए कहा, 'मातृ प्रेम, त्याग और संतान की दीर्घायु के पावन पर्व जीवित्पुत्रिका (जितिया) व्रत की सभी व्रती माताओं को हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर सभी संतानों को सुखी, स्वस्थ और दीर्घायु जीवन प्रदान करें और माताओं की तपस्या सफल हो।'

नागालैंड के राज्यपाल और बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने भी अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'संतान की लंबी आयु, उज्ज्वल भविष्य और सुखमय जीवन के लिए श्रद्धा और आस्था से जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) करने वाली सभी माताओं-बहनों को हार्दिक बधाई। ईश्वर से प्रार्थना है कि हर संतान स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु रहे तथा प्रत्येक परिवार में समृद्धि और खुशहाली बनी रहे।'

भाजपा और जदयू का संदेश

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'इस पावन अवसर पर सभी संतानों के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की मंगलकामना करता हूं। यह पवित्र पर्व सभी परिवारों में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।' भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बिहार इकाई ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से लिखा, 'वात्सल्य, प्रेम, श्रद्धा और अटूट समर्पण के प्रतीक पवित्र जीवित्पुत्रिका निर्जला व्रत 'जितिया' की सभी माताओं को हार्दिक शुभकामनाएं।'

जनता दल (यूनाइटेड) — जदयू — ने भी अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। पार्टी ने लिखा, 'संतानों की दीर्घायु और समृद्धि के लिए मातृत्व को समर्पित पावन पर्व जीवित्पुत्रिका (जितिया) व्रत रखने वाली समस्त माताओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।'

शिक्षा मंत्री का संदेश

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी जितिया व्रत पर माताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा, 'ममता, त्याग और संतान की दीर्घायु की कामना का पावन पर्व जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) के अवसर पर सभी माताओं को हार्दिक शुभकामनाएं। मां और संतान के प्रेम का यह पावन बंधन सदैव अटूट रहे व सभी माताओं और उनके बच्चों के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि बनी रहे।'

जितिया व्रत का महत्व

जीवित्पुत्रिका व्रत — जिसे 'जितिया' के नाम से जाना जाता है — बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में माताओं का एक प्रमुख व्रत है, जिसमें वे अपनी संतानों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के साथ निर्जला उपवास रखती हैं। यह पर्व आस्था और मातृत्व के गहरे संबंध का प्रतीक है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सांस्कृतिक जुड़ाव और मतदाताओं तक पहुंच का एक साथ काम करती हैं। गौरतलब है कि बिहार में जितिया व्रत केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक-राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है — खासकर जब विधानसभा चुनाव नज़दीक हों। BJP और जदयू दोनों का एकसाथ इस पर्व को रेखांकित करना NDA की सांझी सांस्कृतिक राजनीति को दर्शाता है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) क्या है?
जीवित्पुत्रिका व्रत, जिसे जितिया भी कहते हैं, बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में माताओं द्वारा अपनी संतानों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाने वाला निर्जला उपवास है। यह पर्व मातृत्व, आस्था और त्याग का प्रतीक माना जाता है।
2026 में जितिया व्रत कब मनाया जा रहा है?
जितिया व्रत 2026 में 3 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन माताएं निर्जला व्रत रखकर अपनी संतानों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं।
बिहार के किन नेताओं ने जितिया की शुभकामनाएं दीं?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव, BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, BJP बिहार इकाई और जदयू ने जितिया 2026 पर शुभकामनाएं दी हैं।
जितिया व्रत बिहार में इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
जितिया बिहार की प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं में से एक है जिसमें माताएं अपनी संतानों के लिए कठोर निर्जला उपवास रखती हैं। यह पर्व समाज में मातृत्व के सम्मान और पारिवारिक आस्था की अभिव्यक्ति का पर्याय है।
CM सम्राट चौधरी ने जितिया पर क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मां और संतान के प्रेम का यह पावन बंधन सदैव अटूट रहे और सभी माताओं व उनके बच्चों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
राष्ट्र प्रेस
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