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दिल्ली झुग्गी बस्तियों के लिए ₹441 करोड़ का विकास पैकेज, CM रेखा गुप्ता ने बताई पूरी योजना

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दिल्ली झुग्गी बस्तियों के लिए ₹441 करोड़ का विकास पैकेज, CM रेखा गुप्ता ने बताई पूरी योजना

सारांश

दिल्ली सरकार ने झुग्गी बस्तियों के लिए ₹441 करोड़ की योजना उतारी है — 1,510 परियोजनाएँ, 13 से अधिक इलाके, और अटल कैंटीन तक का वादा। CM रेखा गुप्ता का कहना है कि DUSIB के ज़रिए शहर का हर वंचित नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार ने जे.जे.
क्लस्टर्स के लिए ₹441.10 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी दी है।
वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 में कुल 1,510 परियोजनाएँ स्वीकृत; सभी DUSIB बजट से संचालित।
2025-26 में 1,253 कार्यों पर ₹379.80 करोड़ और 2026-27 में 257 कार्यों पर ₹61.30 करोड़ मंजूर।
नरेला, जहाँगीरपुरी, त्रिलोकपुरी, शाहदरा, द्वारका सहित 13 से अधिक इलाकों को प्राथमिकता।
शौचालय, पेयजल, सीवर, स्ट्रीट लाइट, सड़क और सौंदर्यीकरण — सभी क्षेत्रों में काम शामिल।
ज़रूरतमंदों के लिए अटल कैंटीन स्थापित करने की भी योजना।

दिल्ली सरकार ने राजधानी के जे.जे. क्लस्टर्स (झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों) में रहने वाले लाखों निवासियों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए ₹441.10 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 26 जून 2026 को बताया कि दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) के माध्यम से बुनियादी नागरिक सुविधाओं से जुड़े निर्माण, मरम्मत और जनकल्याण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। यह राजधानी की झुग्गी बस्तियों में किया जाने वाला अब तक का सबसे बड़े पैमाने पर संगठित विकास प्रयास बताया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम: कितने कार्य, कितना बजट

सरकारी जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान कुल 1,510 विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 2025-26 में 1,253 कार्यों पर ₹379.80 करोड़ और 2026-27 में अब तक 257 कार्यों पर ₹61.30 करोड़ की मंजूरी दी जा चुकी है। ये सभी कार्य DUSIB के बजट से संचालित हो रहे हैं, जबकि अतिरिक्त विकास परियोजनाएँ दिल्ली सरकार के सामान्य बजट और विभिन्न विभागों के माध्यम से भी चल रही हैं।

किन सुविधाओं पर है फोकस

स्वीकृत परियोजनाओं में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण एवं मरम्मत, सामुदायिक भवनों का उन्नयन, पेयजल और सीवर व्यवस्था में सुधार, गलियों और आंतरिक सड़कों का विकास, नालों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और बिजली ढाँचे का सुदृढ़ीकरण, बाउंड्री वॉल और प्रवेश द्वारों का निर्माण, वर्षा जल निकासी व्यवस्था तथा सार्वजनिक स्थानों का सौंदर्यीकरण शामिल है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल बुनियादी ढाँचा तैयार करना नहीं, बल्कि जे.जे. क्लस्टर्स के निवासियों के दैनिक जीवन को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक बनाना है।

किन इलाकों को मिलेगी प्राथमिकता

नरेला, तिमारपुर, आदर्श नगर, जहाँगीरपुरी, बवाना, रोहिणी, सीमापुरी, त्रिलोकपुरी, शाहदरा, करावल नगर, संगम विहार, द्वारका और नजफगढ़ सहित कई क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। यह उल्लेखनीय है कि ये वही इलाके हैं जहाँ दशकों से बुनियादी नागरिक सुविधाओं की कमी को लेकर शिकायतें आती रही हैं।

अटल कैंटीन और अन्य जनकल्याण पहल

सरकार ने यह भी बताया कि राजधानी में कई स्थानों पर अटल कैंटीन स्थापित की जा रही हैं, जहाँ ज़रूरतमंद लोगों को सस्ती दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल झुग्गी बस्तियों के निवासियों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है।

आगे की राह

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आने वाले समय में इन विकास कार्यों की गति और तेज़ की जाएगी, ताकि शहर के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँच सके। सरकार का दावा है कि DUSIB के माध्यम से हर नागरिक को समान रूप से बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित करना इस कार्यकाल की प्राथमिकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

510 परियोजनाओं की यह घोषणा प्रभावशाली दिखती है, लेकिन दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं की खस्ता हालत दशकों पुरानी है — और हर सरकार ने इसी तरह के वादे किए हैं। असली कसौटी यह होगी कि इन 1,510 कार्यों की समयसीमा, निगरानी तंत्र और पूर्णता दर क्या रहती है। गौरतलब है कि DUSIB पर पहले भी अधूरे प्रोजेक्ट और धन के उपयोग को लेकर सवाल उठते रहे हैं। बिना स्वतंत्र सत्यापन और पारदर्शी प्रगति रिपोर्ट के, यह घोषणा भी उन वादों की श्रृंखला में जुड़ने का जोखिम रखती है जो कागज़ पर बड़े और ज़मीन पर अधूरे रहे।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली सरकार झुग्गी बस्तियों पर कितना खर्च कर रही है?
दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 में जे.जे. क्लस्टर्स के लिए कुल ₹441.10 करोड़ के 1,510 विकास कार्यों को मंजूरी दी है। यह राशि DUSIB के बजट से खर्च की जा रही है।
DUSIB क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) दिल्ली सरकार की वह संस्था है जो झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में बुनियादी नागरिक सुविधाएँ सुनिश्चित करने के लिए ज़िम्मेदार है। यह बोर्ड निर्माण, मरम्मत और जनकल्याण परियोजनाओं का क्रियान्वयन करता है।
किन इलाकों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है?
नरेला, तिमारपुर, आदर्श नगर, जहाँगीरपुरी, बवाना, रोहिणी, सीमापुरी, त्रिलोकपुरी, शाहदरा, करावल नगर, संगम विहार, द्वारका और नजफगढ़ सहित 13 से अधिक इलाकों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इन विकास कार्यों में क्या-क्या शामिल है?
परियोजनाओं में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण व मरम्मत, पेयजल और सीवर सुधार, गलियों व सड़कों का विकास, स्ट्रीट लाइट, नालों की मरम्मत, बाउंड्री वॉल, वर्षा जल निकासी और सार्वजनिक स्थानों का सौंदर्यीकरण शामिल है। इसके अलावा अटल कैंटीन भी स्थापित की जा रही हैं।
अटल कैंटीन योजना क्या है?
अटल कैंटीन दिल्ली सरकार की एक पहल है जिसके तहत झुग्गी बस्तियों और अन्य स्थानों पर ज़रूरतमंद लोगों को सस्ती दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना जे.जे. क्लस्टर्स के निवासियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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