जामिया मिलिया इस्लामिया में 12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने 600+ के साथ किया योगाभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) के कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ ने 21 जून 2026 को नवाब मंसूर अली खान पटौदी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY 2026) के अवसर पर विश्वविद्यालय के केंद्रीय समारोह का नेतृत्व किया। इस आयोजन में 600 से अधिक संकाय सदस्य, कर्मचारी, एनएसएस-एनसीसी स्वयंसेवक और आसपास के समुदायों के लोग शामिल हुए।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रतिभागियों ने परिसर में लगी विशाल स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी संबोधन का सीधा प्रसारण देखा और राष्ट्रीय उत्सव से जुड़े। इसके बाद प्रोफेसर आसिफ ने 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' — IDY 2026 की आधिकारिक थीम — पर केंद्रित योग सत्र का संचालन किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन JMI के खेल एवं क्रीड़ा विभाग ने छात्र कल्याण डीन कार्यालय के सहयोग से किया। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप पूरा सत्र आयोजित हुआ।
कुलपति का संदेश
प्रोफेसर आसिफ ने योग के समग्र दर्शन और आधुनिक जीवनशैली में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से बोला। उन्होंने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए तीन तत्व अनिवार्य हैं — आहार (संतुलित भोजन), विहार (पर्याप्त नींद व विश्राम) और व्यवहार (सकारात्मक आचरण) — और ये तीनों ही योग के मूल में हैं।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है; यह मन को पोषित करने और क्रोध तथा नकारात्मक भावनाओं पर नियंत्रण पाने का भी सशक्त माध्यम है।
विशेषज्ञ मार्गदर्शन
व्यावहारिक योग सत्र का संचालन प्रोफेसर बदरुल इस्लाम कैरनवी ने किया, जो डॉ. बीके योग संस्थान और आयुष पैरामेडिक्स क्लिनिक, नई दिल्ली के निदेशक हैं और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पूर्व प्रशिक्षण आयुक्त (KVS BSG) रह चुके हैं। उन्होंने IDY 2026 की थीम के अनुरूप विभिन्न मुद्राओं और आसनों का प्रदर्शन किया तथा जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के उपचार, लचीलेपन, जोड़ों की गतिशीलता और आंतरिक अंगों को स्वस्थ रखने में योग की भूमिका समझाई।
उपस्थित गणमान्य
कार्यक्रम में खेल एवं क्रीड़ा समिति के अध्यक्ष मोहम्मद महफूजुल हक, खेल निदेशक नफीस अहमद, उप निदेशक मोहम्मद आबिद, मुख्य निरीक्षक मोहम्मद असद मलिक, CIE निदेशक रिहान खान सूरी और विभिन्न संकायों के डीन भी उपस्थित रहे।
आगे की राह
जामिया का यह आयोजन उस व्यापक राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है जिसके तहत आयुष मंत्रालय ने देशभर के शिक्षण संस्थानों, सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक स्थलों पर एक साथ योग सत्र आयोजित कराए। विशेषज्ञों का मानना है कि 'स्वस्थ वृद्धावस्था' की थीम ऐसे समय में विशेष रूप से प्रासंगिक है जब भारत की बुजुर्ग आबादी तेज़ी से बढ़ रही है और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ युवाओं को भी प्रभावित कर रही हैं।