कबीरधाम में ₹2.23 करोड़ का गांजा बरामद: कंटेनर के गुप्त चेंबर से 447 किलो जब्त, पंजाब का आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में चिल्फी पुलिस ने 31 अगस्त 2026 को एक कंटेनर ट्रक की तलाशी के दौरान 447.445 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹2 करोड़ 23 लाख 75 हजार 250 रुपए बताई गई है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पंजाब के अमृतसर निवासी आरोपी बलजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे हुई कार्रवाई
31 अगस्त को थाना चिल्फी पुलिस की टीम एनएच-30 मेन रोड पर वाहनों की नियमित जाँच कर रही थी। इसी दौरान बोडला की ओर से आ रहे एक संदिग्ध कंटेनर ट्रक को रोका गया। वाहन चालक की गतिविधियाँ संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने पूछताछ शुरू की, जिसमें उसने अपना नाम बलजीत सिंह, पुत्र रवेल सिंह, निवासी पट्टी सरा दी गांव चाटीपिंड, थाना चाटीपिंड, जिला अमृतसर, पंजाब बताया।
विधिवत तलाशी के दौरान पुलिस को ड्राइवर सीट के ऊपर विशेष रूप से निर्मित एक गुप्त चेंबर का पता चला। इस चेंबर में खाकी रंग के टेप से लिपटे पैकेटों में बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा गया था। वजन कराने पर कुल मात्रा 4 क्विंटल 47 किलो 445 ग्राम निकली।
जब्त सामग्री का विवरण
पुलिस ने आरोपी बलजीत सिंह के कब्जे से गांजे के अतिरिक्त एक मोबाइल फोन और तस्करी में प्रयुक्त कंटेनर ट्रक भी जब्त किया है। कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के अनुसार, गांजे और कंटेनर को मिलाकर कुल ₹4 करोड़ 50 लाख का सामान जब्त किया गया है।
नेटवर्क की जाँच जारी
गौरतलब है कि यह अंतर्राज्यीय तस्करी का मामला है — गांजा पंजाब से छत्तीसगढ़ लाया जा रहा था। एएनटीएफ (Anti-Narcotics Task Force) की टीम आरोपी से गहन पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस के अनुसार, गांजे को गुप्त चेंबर में इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य जाँच में पकड़ में न आए।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक, राजनांदगांव रेंज, अजय यादव के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अंतर्राज्यीय सीमा निगरानी अभियान का हिस्सा है।
पुलिस टीम को पुरस्कार
इस सफल कार्रवाई पर पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव ने कबीरधाम पुलिस और थाना चिल्फी की टीम को ₹25 हजार का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। यह पुरस्कार मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में टीम की मुस्तैदी और सतर्कता को मान्यता देता है।
आने वाले दिनों में एएनटीएफ की जाँच से तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने की उम्मीद है, जो इस मामले को और बड़े रैकेट से जोड़ सकती है।