25 अक्टूबर 2026
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कच्छा-बनियान गिरोह का ₹1 लाख इनामी बदमाश सावन दिल्ली मुठभेड़ में गिरफ्तार, पिंडली में गोली लगी

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कच्छा-बनियान गिरोह का ₹1 लाख इनामी बदमाश सावन दिल्ली मुठभेड़ में गिरफ्तार, पिंडली में गोली लगी

सारांश

दिल्ली के मैदान गढ़ी इलाके में रविवार सुबह हुई मुठभेड़ में पुलिस ने कच्छा-बनियान गिरोह के ₹1 लाख इनामी बदमाश सावन को गिरफ्तार किया। आरोपी ने दो बार फायरिंग की — एक गोली पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट से टकराई। UP और पंजाब में हत्या-डकैती के कई मामलों में वांछित यह अपराधी अब एम्स ट्रॉमा सेंटर में है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 25 अक्टूबर 2026 को मैदान गढ़ी , दक्षिण दिल्ली में मुठभेड़ के बाद कच्छा-बनियान गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया।
आरोपी सावन उर्फ मुछोड़ा चाचा पर वाराणसी जोन पुलिस का ₹1 लाख का इनाम था।
संदिग्ध ने देसी पिस्तौल से दो बार फायरिंग की; एक गोली एसआई नरेंद्र कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट से टकराई।
जवाबी कार्रवाई में कांस्टेबल वसीम अकरम की गोली आरोपी की दाहिनी पिंडली में लगी; उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
आरोपी उत्तर प्रदेश (जौनपुर 2014, मथुरा 2016) और पंजाब (मानसा 2024) में हत्या-सह-डकैती के मामलों में वांछित है।
पुलिस के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और आगे की जाँच जारी है।

दिल्ली पुलिस ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को कुख्यात कच्छा-बनियान गिरोह (जिसे छैमार गिरोह भी कहा जाता है) के एक इनामी बदमाश को दक्षिण जिले के मैदान गढ़ी इलाके में हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर ₹1 लाख का इनाम था और वह डकैती की योजना के तहत फार्महाउसों की रेकी कर रहा था।

आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

गिरफ्तार बदमाश की पहचान सावन उर्फ सुधन उर्फ हीरा उर्फ मुछोड़ा फूफा उर्फ मुछोड़ा चाचा के रूप में हुई है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने जौनपुर जिले के शाहगंज पुलिस स्टेशन में 2014 में दर्ज डकैती-सह-हत्या के मामले में उसके विरुद्ध ₹1 लाख का इनाम घोषित किया था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड में मथुरा के राया पुलिस स्टेशन में 2016 में दर्ज डकैती-सह-हत्या की एफआईआर तथा पंजाब के मानसा स्थित सिटी-2 पुलिस स्टेशन में 2024 में दर्ज हत्या-सह-डकैती का मामला भी शामिल है। इस तरह वह उत्तर प्रदेश और पंजाब — दोनों राज्यों में पुलिस की नज़र में वांछित था।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह लगभग 6:25 बजे सावन बास गांव रोड से मोटरसाइकिल पर आया, जिसे एक मुखबिर ने पहचान लिया। मैदान गढ़ी पुलिस स्टेशन की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे रोकने का प्रयास किया।

टीम में सब-इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार, सहायक सब-इंस्पेक्टर अशोक मेहता, हेड कांस्टेबल सूबे सिंह, हेड कांस्टेबल शक्ति, हेड कांस्टेबल प्रदीप और कांस्टेबल वसीम अकरम शामिल थे। पुलिस के अनुसार, रुकने का इशारा मिलते ही संदिग्ध ने देसी पिस्तौल से पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी।

गोलीबारी और पुलिस की जवाबी कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, एसआई नरेंद्र कुमार ने तीन चेतावनी राउंड फायर किए, परंतु आरोपी ने दूसरी देसी पिस्तौल निकालकर दोबारा गोली चलाई। इस दूसरे फायर में एक गोली एसआई कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट से टकराई — वे बाल-बाल बचे। इसके बाद कांस्टेबल वसीम अकरम ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली संदिग्ध की दाहिनी पिंडली में लगी।

घायल अवस्था में आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया और बाद में उपचार के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी का तरीका था — पहले फार्महाउसों की रेकी करो, शिकार की पहचान करो और फिर डकैती को अंजाम दो। मैदान गढ़ी इलाके में उसी रेकी के दौरान पुलिस ने उसे घेर लिया।

कच्छा-बनियान गिरोह का खौफ

कच्छा-बनियान गिरोह लंबे समय से उत्तर भारत में आतंक का पर्याय रहा है। यह गिरोह अंधेरे में कच्छा-बनियान पहनकर घरों और फार्महाउसों में घुसकर डकैती करने और विरोध पर हत्या करने के लिए कुख्यात है। गौरतलब है कि यह गिरोह मुख्यतः उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब के ग्रामीण-अर्ध-शहरी इलाकों में सक्रिय रहा है। दिल्ली के दक्षिणी इलाके में इस गिरोह के सदस्य की रेकी, राजधानी में उसके विस्तार की ओर इशारा करती है।

आगे की जाँच

पुलिस ने बताया कि अन्य आपराधिक मामलों में आरोपी की भूमिका का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी की जा रही है। इस गिरफ्तारी को दक्षिण दिल्ली पुलिस की उल्लेखनीय कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जो एक बड़े बहु-राज्यीय नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह गिरफ्तारी भी एक और फाइल बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कच्छा-बनियान गिरोह क्या है और यह क्यों कुख्यात है?
कच्छा-बनियान गिरोह (जिसे छैमार गिरोह भी कहते हैं) उत्तर भारत का एक खूंखार डकैत गिरोह है, जो रात के अंधेरे में कच्छा-बनियान पहनकर घरों और फार्महाउसों में घुसकर डकैती करने और विरोध पर हत्या करने के लिए जाना जाता है। यह गिरोह मुख्यतः उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब में सक्रिय रहा है।
गिरफ्तार बदमाश सावन पर कितने और कहाँ-कहाँ मामले दर्ज हैं?
सावन उत्तर प्रदेश के जौनपुर (2014 डकैती-सह-हत्या), मथुरा (2016 डकैती-सह-हत्या) और पंजाब के मानसा (2024 हत्या-सह-डकैती) में दर्ज मामलों में वांछित है। वाराणसी जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने उस पर ₹1 लाख का इनाम घोषित किया था।
दिल्ली में सावन को कैसे पकड़ा गया?
मैदान गढ़ी पुलिस स्टेशन की टीम को गुप्त सूचना मिली कि सावन इलाके के फार्महाउसों की रेकी कर डकैती की तैयारी में है। रविवार सुबह लगभग 6:25 बजे बास गांव रोड पर मुखबिर ने उसकी पहचान की, पुलिस ने घेराबंदी की और मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
मुठभेड़ में पुलिसकर्मियों को चोट आई क्या?
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दो बार फायरिंग की और एक गोली सब-इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट से टकराई, जिससे वे बच गए। जवाबी कार्रवाई में कांस्टेबल वसीम अकरम की गोली आरोपी की दाहिनी पिंडली में लगी और उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
इस गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?
पुलिस के अनुसार, अन्य आपराधिक मामलों में आरोपी की भूमिका की जाँच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। आरोपी को संबंधित राज्यों की पुलिस को भी सौंपे जाने की संभावना है जहाँ उस पर मामले दर्ज हैं।
राष्ट्र प्रेस
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