दिल्ली पुलिस ने 'कच्छा-बनियान गिरोह' का भंडाफोड़ किया, मुठभेड़ में छह गिरफ्तार — एक इनामी अपराधी भी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की दक्षिण जिला एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस) ने 3 मई 2026 की रात मध्य प्रदेश के कुख्यात 'कच्छा-बनियान गिरोह' के छह सदस्यों को दक्षिण दिल्ली में संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जिनमें एक घोषित इनामी अपराधी भी शामिल है। गोलीबारी के दौरान तीन आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई 1 मई 2026 की रात सर्वोदय एन्क्लेव स्थित एक आवासीय घर में हुई सेंधमारी के बाद शुरू हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घर में सोए लोगों के बीच अज्ञात चोर घुसे और नकदी व गहने लेकर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज की प्रारंभिक जाँच में पता चला कि तीन लोग विशेष सेंधमारी के औजारों से घर में घुसे थे।
आस-पास के इलाकों के फुटेज से खुलासा हुआ कि कुल छह अपराधी इस घटना में शामिल थे — तीन ने परिसर में प्रवेश किया, जबकि बाकी तीन विजय मंडल पार्क में बैकअप के रूप में तैनात थे। इन जानकारियों के आधार पर मालवीय नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई और गहन जाँच शुरू की गई।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
अपराध की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस स्टेशन, एएटीएस, स्पेशल स्टाफ और एएनएस साउथ डिस्ट्रिक्ट की कई संयुक्त टीमें गठित की गईं। विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर 3 मई 2026 की रात अंबेडकर नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में बीआरटी कॉरिडोर के किनारे जहांपनाह वन क्षेत्र के पास जाल बिछाया गया।
रात करीब 12:55 बजे संदिग्ध गिरोह के सदस्यों को देखा गया। जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें आत्मसमर्पण का इशारा किया, तो तीन आरोपियों ने टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान आरोपियों ने छह गोलियाँ चलाईं, जिनमें से एक टीम लीडर की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में आठ गोलियाँ चलाईं और अंततः सभी छह आरोपियों को काबू में कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास
घायल आरोपियों की पहचान निर्मल उर्फ निखिल (34), अंबर उर्फ दाविन (25) और सम्राट उर्फ समर उर्फ काला (30) के रूप में हुई है — ये तीनों मध्य प्रदेश के गुना जिले के निवासी हैं। शेष आरोपियों में काकेश उर्फ काके उर्फ गुज्जर (24), कृष उर्फ देवा (18) और रतलाम का एक 17 वर्षीय नाबालिग शामिल हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, निर्मल चार पुराने मामलों से जुड़ा है, जिनमें शस्त्र अधिनियम के तहत अपराध और चोरी-डकैती के आरोप शामिल हैं। अंबर एक घोषित इनामी अपराधी है, जिस पर मध्य प्रदेश में दर्ज अलग-अलग मामलों में ₹500 और ₹10,000 का इनाम था। काकेश हत्या सहित एक गंभीर आपराधिक मामले में वांछित है।
बरामद हथियार और उपकरण
अभियान के दौरान पुलिस ने सेंधमारी के औजारों और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया। इनमें हाइड्रोलिक प्रेशर कटर, स्टील बोल्ट कटर, क्रेसेंट रिंच, भारी-भरकम स्क्रूड्राइवर, एक जेड-आकार की लोहे की छड़, लोहे की जाली काटने की मशीन, लगभग 50 पत्थर के छर्रों से लैस चार गुलेल और तीन मशालें शामिल थीं।
हथियारों में एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल (7.65 मिमी) जिंदा व खाली कारतूसों के साथ, दो देसी पिस्तौलें (.315 बोर) गोला-बारूद सहित, और एक स्प्रिंग-चालित चाकू जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मालवीय नगर थाने में दर्ज सेंधमारी के मामले को सुलझाने में निर्णायक साबित हुई।
आगे की जाँच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की पहचान के लिए जाँच जारी है। नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा, जबकि वयस्क आरोपियों पर संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।