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दिल्ली: कालकाजी मंदिर के पास 17 वर्षीय किशोरी से गैंगरेप, पुलिसकर्मी बन धमकाए; एक आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार

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दिल्ली: कालकाजी मंदिर के पास 17 वर्षीय किशोरी से गैंगरेप, पुलिसकर्मी बन धमकाए; एक आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास सोमवार शाम एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ कथित गैंगरेप की दिल दहला देने वाली घटना। तीन आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर नाबालिगों को धमकाया। मुठभेड़ के बाद एक आरोपी गिरफ्तार, दो अभी फरार।

मुख्य बातें

नई दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ कथित गैंगरेप की घटना सोमवार, 22 सितंबर 2026 की शाम हुई।
तीन आरोपियों ( उम्र 25-30 वर्ष ) ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़िता और उसकी सहेली को धमकाया।
पुलिस को रात 8:45 बजे डीडी नंबर 93 पर पीसीआर कॉल के ज़रिए सूचना मिली।
मुठभेड़ के बाद एक आरोपी आसिफ को गोली लगी, गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं; विशेष पुलिस टीमें तलाश में जुटी हैं।
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग की जा रही है; POCSO सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज।

नई दिल्ली के कालकाजी मंदिर के निकट आस्था कुंज पार्क में 22 सितंबर 2026 की शाम एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ कथित गैंगरेप की घटना सामने आई है। तीन आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़िता और उसकी सहेली को धमकाया, जिसके बाद यह जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य फरार हैं।

घटनाक्रम: शाम से रात तक

पीड़िता के बयान के अनुसार, वह और उसकी 17 वर्षीय सहेली सोमवार शाम लगभग 7 बजे कालकाजी मंदिर में दर्शन के लिए आई थीं। दर्शन के बाद दोनों आस्था कुंज पार्क में चली गईं।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि शाम 7:30 बजे तीन व्यक्ति — जिनकी उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच बताई गई है — वहाँ पहुँचे और उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों नाबालिगों को धमकाया। इसके बाद उनमें से एक ने पीड़िता की सहेली को अलग कर लिया और पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।

रात 8:45 बजे डीडी नंबर 93 पर पीसीआर कॉल के ज़रिए पुलिस को इस्कॉन मंदिर के पास रेप की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी।

मुठभेड़ और गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी सर्विलांस के ज़रिए आरोपियों की पहचान की। जाँच के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच फायरिंग हुई, जिसमें एक आरोपी आसिफ को गोली लगी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'आसिफ नामक आरोपी को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया है। मुठभेड़ में उसे गोली लगी है। बाकी दो आरोपियों की तलाश जारी है।' घायल आरोपी आसिफ को फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पीड़िता की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है और उसकी काउंसलिंग भी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं जो शेष दो फरार आरोपियों की तलाश में सक्रिय हैं।

गौरतलब है कि यह घटना एक सार्वजनिक धार्मिक स्थल के समीप हुई, जहाँ आम तौर पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। आरोपियों द्वारा खुद को पुलिसकर्मी बताना मामले को और अधिक गंभीर बनाता है, क्योंकि इससे पीड़िता के विरोध की संभावना पहले ही कुंद हो गई थी।

विशेषज्ञ और सामाजिक प्रतिक्रिया

महिला सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक पार्कों और धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की ज़रूरत है। आलोचकों का यह भी कहना है कि सरकारी वर्दी का डर दिखाकर की जाने वाली वारदातें पुलिस और जनता के बीच भरोसे को कमज़ोर करती हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में महिला सुरक्षा को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने आश्वासन दिया है कि फरार दोनों आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा और मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आगे क्या होगा

पुलिस के अनुसार, इस मामले में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम सहित संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। शेष दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जाँच को और गति मिलने की उम्मीद है। पीड़िता के परिवार को भी पुलिस सुरक्षा दी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक व्यवस्थागत चेतावनी है — जब अपराधी पुलिस की वर्दी का भय हथियार की तरह इस्तेमाल करें, तो यह संस्था की विश्वसनीयता पर सीधा हमला है। राजधानी के एक प्रमुख धार्मिक स्थल के ठीक बगल में, खुले पार्क में दो नाबालिगों के साथ ऐसा होना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर करता है। सीसीटीवी और पुलिस गश्त का दावा तब खोखला लगता है जब शाम के वक्त ऐसे इलाके में तीन आरोपी बेखौफ घूमें। असली जवाबदेही तब तय होगी जब सभी आरोपी पकड़े जाएँ और न्यायिक प्रक्रिया बिना विलंब पूरी हो।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली कालकाजी मंदिर के पास गैंगरेप की घटना क्या है?
22 सितंबर 2026 की शाम दिल्ली के कालकाजी मंदिर के निकट आस्था कुंज पार्क में एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ कथित गैंगरेप हुआ। तीन आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़िता और उसकी सहेली को धमकाया और फिर इस घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने मामले में क्या कार्रवाई की है?
दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक आरोपी आसिफ को गिरफ्तार किया, जिसे गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश में विशेष टीमें लगाई गई हैं। POCSO सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पीड़िता की वर्तमान स्थिति क्या है?
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है। पुलिस के अनुसार पीड़िता 17 वर्ष की है और उसकी सहेली भी उसी उम्र की है।
आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी क्यों बताया?
पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों नाबालिगों को डराया ताकि वे विरोध न कर सकें। यह रणनीति पीड़िता की प्रतिरोध क्षमता को पहले ही कुंद करने के लिए अपनाई गई।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
पुलिस शेष दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय है। गिरफ्तारी के बाद POCSO और संबंधित धाराओं के तहत न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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