दुर्गा पूजा पास घोटाला: इंद्रनील सेन की बेटी अवेरी का दावा — कंपनियाँ सिर्फ कागज़ पर थीं मेरे नाम पर
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन यूनेस्को से जुड़े फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले में अब अपने ही परिवार की गवाहियों के सामने घिरते नज़र आ रहे हैं। पिछले महीने गिरफ्तार हुए सेन की बेटी अवेरी सेन ने भी पूछताछ में दावा किया है कि उनके नाम पर पंजीकृत कॉर्पोरेट संस्थाएँ आईस्केप और मायरा केवल कागज़ों पर उनकी थीं — असली निर्णय और परिचालन उनके पिता ही देखते थे। कोलकाता पुलिस के एक आंतरिक सूत्र ने इस जानकारी की पुष्टि की है।
परिवार के बयान: माँ के बाद अब बेटी की गवाही
इससे पहले सेन की पत्नी मधुछंदा सेन ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया था कि कंपनी 'मास आर्ट' भले ही उनके नाम पर पंजीकृत है, लेकिन सभी प्रशासनिक और परिचालन निर्णय उनके पति इंद्रनील सेन लेते थे। उन्होंने कहा कि कंपनी में उनकी भूमिका केवल पति के निर्देश पर दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने तक सीमित थी।
अब बेटी अवेरी सेन ने भी लगभग यही रुख अपनाया है। उनसे आईस्केप और मायरा में ट्रांसफर की गई भारी रकम के बारे में सवाल किए गए। अवेरी ने जाँचकर्ताओं को बताया कि ये दोनों संस्थाएँ उनके नाम पर केवल औपचारिक रूप से थीं और उनकी भूमिका भी दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने से अधिक नहीं थी — और वह भी पिता के निर्देश पर।
जाँच एजेंसियों के निष्कर्ष
कोलकाता पुलिस के एक अंदरूनी सूत्र के अनुसार, परिवार के इन बयानों ने जाँच अधिकारियों की उस धारणा को बल दिया है कि इंद्रनील सेन ने फर्जी पास मामले और राज्य पर्यटन विभाग तथा सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में निविदा अनियमितताओं से जुड़े मामलों में स्वयं को बचाने के लिए परिजनों को आगे रखा।
सूत्र के अनुसार, कथित तौर पर सेन ने अपने बैंक खातों की जगह पत्नी, बेटी और उनके नाम पर बनी कंपनियों के खातों का उपयोग वित्तीय लेनदेन के लिए किया। यह रणनीति, जाँचकर्ताओं के मुताबिक, पर्दे के पीछे से काम करने और धन के वास्तविक प्रवाह को छुपाने की कोशिश थी।
ध्रुबोज्यत्री बसु की गिरफ्तारी और सेन का रुख
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंद्रनील सेन ने 'मास आर्ट' के वरिष्ठ अधिकारी ध्रुबोज्यत्री बसु पर दोष मढ़ने की कोशिश शुरू कर दी थी। बसु को इस सप्ताह की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि यह मामला केवल फर्जी पास तक सीमित नहीं रहा — इसकी शाखाएँ विभागीय निविदाओं और वित्तीय अनियमितताओं तक फैली हुई हैं।
आगामी अदालती पेशी
इंद्रनील सेन को 10 नवंबर 2026 को कोलकाता की निचली अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं, ध्रुबोज्यत्री बसु को 13 नवंबर 2026 को उसी अदालत में पेश किया जाएगा। इस बीच, कोलकाता पुलिस की विशेष जाँच टीम (SIT) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों मिलकर फर्जी दुर्गा पूजा पास मामले की जाँच कर रहे हैं।
परिवार के भीतर से आती गवाहियाँ और दो केंद्रीय एजेंसियों की समानांतर जाँच यह संकेत देती है कि आने वाले सप्ताहों में इस मामले में कई और खुलासे संभव हैं।