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क्या कल्कि कोचलिन ने अपनी शर्तों पर जीवन जीने का साहस दिखाया?

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क्या कल्कि कोचलिन ने अपनी शर्तों पर जीवन जीने का साहस दिखाया?

सारांश

कल्कि कोचलिन का सफर दर्शाता है कि किस तरह उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की और व्यक्तिगत जीवन में चुनौतियों का सामना किया। उनका जीवन एक प्रेरणा है, जिसमें उन्होंने अपनी शर्तों पर जीना सीखा। जानिए उनके सफर के बारे में।

मुख्य बातें

कल्कि कोचलिन ने अपने करियर की शुरुआत 'देव डी' से की।
उन्होंने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया।
कल्कि एक बेटी की मां हैं और लिव-इन संबंध में रह रही हैं।
वे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं।
उनकी कहानी प्रेरणा देती है कि कैसे अपने सपनों का पीछा किया जाए।

मुंबई, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड में कई ऐसी अभिनेत्रियाँ रही हैं, जिन्होंने कास्टिंग काउच और फ़िल्मों के बदले मांगे जाने वाले फेवर पर चुपचाप बात की, लेकिन कल्कि कोचलिन का नाम उन साहसी और मजबूत अभिनेत्रियों में आता है, जिन्होंने हमेशा अपनी शर्तों पर जीवन जीया और आज भी ओटीटी पर अपनी अदाकारी के लिए प्रसिद्ध हैं।

10 जनवरी को कल्कि अपना 42वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं। उनका जन्म भारत के पुडुचेरी के एक छोटे से गाँव में हुआ था। उनके माता-पिता फ्रांसीसी थे। वे हिप्पी के रूप में भारत आए और यहाँ की संस्कृति से प्रभावित होकर बस गए।

कल्कि के पिता पेशे से इंजीनियर थे, लेकिन कल्कि ने एक्टिंग में अपने भविष्य की कल्पना की और उन्होंने लंदन विश्वविद्यालय के गोल्डस्मिथ्स कॉलेज से एक्टिंग की पढ़ाई की, जहाँ उन्होंने दो वर्षों तक अपनी कला को निखारा। उन्होंने विभिन्न थिएटर में काम किया है, जैसे कि "द ब्लू रूम," मारिवॉक्स का नाटक "द डिस्प्यूट," और "द राइज ऑफ द वाइल्ड हंट"।

कल्कि ने 16 अवॉर्ड अपने नाम किए हैं और उनकी किस्मत तब चमकी जब उन्हें पहला बॉलीवुड ब्रेक मिला। उन्हें वर्ष 2009 में आई फ़िल्म 'देव डी' के लिए चुना गया, हालाँकि अनुराग कश्यप को पहली नजर में कल्कि पसंद नहीं आई थीं, लेकिन उनके अभिनय के प्रति जुनून देखकर उन्होंने अपना फैसला बदला।

अपनी पहली ही फ़िल्म में कल्कि ने चंद्रमुखी का किरदार बखूबी निभाया और इस फ़िल्म ने उनकी किस्मत बदल दी। 'देव डी' की सफलता के बाद उन्हें लगातार फ़िल्में मिलने लगीं। उन्हें 2010 में 'द गर्ल इन येलो बूट', 2011 में 'शैतान', 2011 में 'जिंदगी न मिलेगी दोबारा', 2013 में 'ये जवानी है दीवानी', और 'मार्गरिटा विद अ स्ट्रॉ' में देखा गया। फ़िल्म 'देव डी' के दौरान कल्कि और अनुराग कश्यप की लव स्टोरी भी शुरू हुई थी। कुछ साल डेटिंग के बाद उन्होंने शादी की, लेकिन उनका रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला और दोनों का तलाक हो गया।

आज कल्कि एक बेटी की मां हैं और उनकी बेटी के पिता उनके बॉयफ्रेंड गाय हर्षबर्ग हैं। अभी तक दोनों की शादी नहीं हुई है, लेकिन वे लिव-इन में रहकर बच्ची की परवरिश कर रहे हैं। वर्तमान में, कल्कि ओटीटी वेब सीरीज 'भय - द गौरव तिवारी मिस्ट्री' में दिखाई दे रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो कुछ भी संभव है। आज की पीढ़ी को उनकी कहानी से प्रेरणा लेनी चाहिए।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कल्कि कोचलिन के कौन से प्रमुख फिल्में हैं?
कल्कि कोचलिन ने 'देव डी', 'शैतान', 'जिंदगी न मिलेगी दोबारा', 'ये जवानी है दीवानी', और 'मार्गरिटा विद अ स्ट्रॉ' जैसी प्रमुख फ़िल्मों में काम किया है।
कल्कि का जन्म कहाँ हुआ था?
कल्कि का जन्म भारत के पुडुचेरी के एक छोटे से गाँव में हुआ था।
क्या कल्कि कोचलिन ने शादी की है?
कल्कि ने पहले अनुराग कश्यप से शादी की थी, लेकिन उनका तलाक हो गया है। वर्तमान में, वे अपने बॉयफ्रेंड गाय हर्षबर्ग के साथ हैं।
कल्कि कोचलिन का अभिनय करियर कैसे शुरू हुआ?
कल्कि ने लंदन विश्वविद्यालय के गोल्डस्मिथ्स कॉलेज से एक्टिंग की पढ़ाई की और उसके बाद उन्होंने 'देव डी' फ़िल्म से बॉलीवुड में कदम रखा।
कल्कि कोचलिन के पुरस्कारों की संख्या कितनी है?
कल्कि कोचलिन ने अब तक 16 पुरस्कार अपने नाम किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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