कांग्रेस कमज़ोर, जनता का विश्वास खो चुकी है पार्टी: हरियाणा भाजपा नेता मोहन लाल बड़ौली
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने 19 सितंबर 2026 को जींद में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार किया। बड़ौली ने कहा कि जब कोई राजनीतिक दल कमज़ोर पड़ जाता है और जनता का विश्वास खो देता है, तो वह अपनी विफलताओं की ज़िम्मेदारी दूसरों पर थोपने लगता है।
कांग्रेस पर निशाना
बड़ौली ने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर कहा कि पार्टी के पास न तो स्पष्ट नीति है और न ही प्रभावी नेतृत्व। उनके अनुसार, जब किसी दल का राष्ट्रीय नेतृत्व कमज़ोर होता है और जनता का भरोसा घटता है, तो राजनीतिक चुनौतियाँ स्वाभाविक रूप से बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की दिशा अभी स्पष्ट नहीं है और पार्टी का भविष्य उसके नेतृत्व एवं जनता के विश्वास पर टिका है।
पंजाब चुनाव को लेकर दावा
2027 में प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनाव पर बड़ौली ने दावा किया कि राज्य में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों में जनता का भरोसा है और पंजाब के मतदाता मौजूदा सरकार से बदलाव चाहते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में विभिन्न दलों के बीच गठजोड़ की संभावनाओं पर चर्चा तेज़ है।
हरियाणा में अपराध और नशे के विरुद्ध अभियान
हरियाणा में बढ़ते अपराध पर बड़ौली ने स्पष्ट किया कि राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अपराध में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई जारी है तथा कुछ मामलों में पुलिस मुठभेड़ भी हुई हैं। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्होंने नमो क्रिकेट लीग जैसी खेल गतिविधियों का उल्लेख किया और कहा कि खेलों से जुड़ाव युवाओं को आपराधिक गतिविधियों और मादक पदार्थों से बचाने का प्रभावी माध्यम है। नशे की ओर युवाओं को आकर्षित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी उन्होंने की।
मोहन भागवत की टिप्पणी पर बड़ौली का रुख
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की धर्म संबंधी टिप्पणी पर बड़ौली ने कहा कि धर्म का महत्व केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीति और व्यक्ति के जीवन में भी धर्म की भूमिका हो सकती है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि धर्म की व्याख्या संकीर्ण अर्थों में नहीं, बल्कि उसके व्यापक सामाजिक और नैतिक संदर्भ में की जानी चाहिए।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
गौरतलब है कि बड़ौली का यह बयान ऐसे समय आया है जब हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है। भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर आगामी चुनावी मौसम से पहले दोनों दलों की रणनीतिक तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले महीनों में पंजाब की राजनीतिक तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।