कानपुर-मुरादाबाद मुठभेड़: राजू करिया समेत दो वांछित आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कानपुर और मुरादाबाद में पुलिस ने 5 जून 2026 को अलग-अलग मुठभेड़ों में हत्या और फायरिंग के गंभीर मामलों में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। कानपुर में 38 आपराधिक मुकदमों के आरोपी राजू करिया को पैर में गोली लगने के बाद दबोचा गया, जबकि मुरादाबाद में नारियल कारोबार विवाद से जुड़े फायरिंग कांड के मुख्य आरोपी मनीष को देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। दोनों मामलों में आरोपियों के कब्जे से हथियार बरामद किए गए हैं।
कानपुर मुठभेड़: राजू करिया गिरफ्तार
कानपुर के रेलबाजार थाना क्षेत्र में 4 जून 2026 को पुलिस को हत्या के एक मामले में वांछित आरोपी की सूचना मिली। चेकिंग अभियान के दौरान जब पुलिस टीम ने संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया, तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजू करिया (28) के रूप में हुई, जो बादशाही नाका थाना क्षेत्र का निवासी है। उसके कब्जे से एक .315 बोर का तमंचा, एक कारतूस और एक सर्जिकल ब्लेड बरामद किए गए। पूछताछ में उसने 29 मई को एचएस जाहिद खूंटी की हत्या करने की बात स्वीकार की, जिसके संबंध में 31 मई को रेलबाजार थाने में मुकदमा दर्ज था।
घायल आरोपी को अस्पताल भेजा गया। पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि वांछित आरोपी से पूछताछ जारी है। राजू करिया के खिलाफ हत्या, चोरी और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब 38 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
मुरादाबाद मुठभेड़: नारियल विवाद के फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी पकड़ा
मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र में 1 जून 2026 को नारियल के कारोबार को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आरंभिक झड़प के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया था, लेकिन इसके बावजूद एक पक्ष ने दूसरे पर फायरिंग कर दी।
जाँच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी मनीष को चिन्हित किया। देर रात न्यू मुरादाबाद स्थित एमडीए कार्यालय के पास हुई मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हथियार भी बरामद किए।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया, '1 जून को मझोला थाना क्षेत्र में फायरिंग की घटना हुई थी। नारियल के कारोबार को लेकर दो समूहों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ। हालांकि दोनों के बीच समझौता हो गया था, लेकिन बाद में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर गोली चला दी।'
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
दोनों मामलों में आरोपियों के पास से हथियार जब्त किए गए हैं। कानपुर में बरामद हथियारों में .315 बोर का तमंचा, कारतूस और सर्जिकल ब्लेड शामिल हैं। मुरादाबाद में भी आरोपी मनीष के कब्जे से हथियार बरामद हुए हैं, हालाँकि पुलिस ने उनका विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया है। दोनों मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वांछित और इनामी अपराधियों को मुठभेड़ों के जरिए गिरफ्तार किया जाता है। गौरतलब है कि राज्य में हाल के वर्षों में ऐसी कार्रवाइयों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। दोनों ही मामलों में पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहले फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।