कांशीराम की पुण्यतिथि पर CM योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर 9 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित राज्य के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और BSP दोनों दलों के नेताओं ने कांशीराम के सामाजिक न्याय एवं वंचित वर्गों के सशक्तीकरण में योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'सामाजिक न्याय, समानता और वंचित समाज के अधिकारों को सशक्त स्वर देने वाले मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। सामाजिक भागीदारी और वंचित वर्गों के सशक्तीकरण के लिए उनका संघर्ष हमें समान अवसर, सम्मान व अधिकारों से युक्त समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है।' यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब BJP और BSP राज्य में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं।
उपमुख्यमंत्री और BJP नेताओं की श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांशीराम को 'शोषितों और वंचितों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्षरत' नेता बताया। उन्होंने लिखा, 'उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के उपेक्षित वर्गों को अधिकार, सम्मान और समान अवसर दिलाने के लिए समर्पित कर दिया। सामाजिक समरसता और समानता के लिए उनके प्रयास सदैव स्मरणीय रहेंगे।'
उत्तर प्रदेश BJP के अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कांशीराम को 'सड़क से संसद तक वंचितों का हक बुलंद करने वाले सामाजिक न्याय के महानायक' कहते हुए नमन किया। BJP सांसद संजय सेठ और BJP विधायक अदिति सिंह ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
BSP का कांशीराम को नमन
बहुजन समाज पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने अपने संदेश में कांशीराम के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने लिखा, 'मान्यवर साहब ने सामाजिक परिवर्तन और राजनीतिक सशक्तीकरण का जो ऐतिहासिक आंदोलन शुरू किया, वह आज भी करोड़ों शोषितों, वंचितों और उपेक्षितों के संघर्ष, स्वाभिमान व अधिकारों की लड़ाई को दिशा दे रहा है।' उन्होंने आगे कहा कि कांशीराम के विचार, संघर्ष और मिशन 'सदैव हम सभी को प्रेरित करते रहेंगे।'
अदिति सिंह और अन्य नेताओं के विचार
BJP विधायक अदिति सिंह ने कांशीराम की विरासत की सराहना करते हुए कहा कि 'उन्होंने जन-जागरूकता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से समाज के उपेक्षित वर्गों को नई पहचान व नेतृत्व प्रदान किया।' उन्होंने जोड़ा कि सामाजिक न्याय की दिशा में कांशीराम का योगदान भारतीय राजनीति में 'सदैव प्रासंगिक रहेगा।'
कांशीराम की विरासत और राजनीतिक महत्व
गौरतलब है कि कांशीराम ने 1984 में बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की थी और दलित, पिछड़े एवं अल्पसंख्यक वर्गों को एक राजनीतिक मंच पर संगठित करने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनकी विरासत आज भी भारतीय राजनीति में प्रासंगिक बनी हुई है और विपक्षी तथा सत्तारूढ़ दोनों खेमों के नेता उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं। यह तथ्य भारतीय लोकतंत्र में उनके स्थायी प्रभाव को रेखांकित करता है।