कर्नाटक विधानसभा में बैलेट पेपर बिल पर भाजपा का वॉकआउट: राजनीतिक हलचल

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कर्नाटक विधानसभा में बैलेट पेपर बिल पर भाजपा का वॉकआउट: राजनीतिक हलचल

सारांश

कर्नाटक सरकार ने ईवीएम को बैलेट पेपर से बदलने का प्रस्ताव रखा, जिससे भाजपा ने विधानसभा में वॉकआउट किया। यह कदम राजनीतिक विवाद की नई लहर पैदा कर रहा है।

मुख्य बातें

बैलेट पेपर का उपयोग चुनावों में पारदर्शिता बढ़ा सकता है।
भाजपा का वॉकआउट इस मुद्दे पर विरोध का संकेत है।
ईवीएम पर जनता का घटता विश्वास एक गंभीर चिंता का विषय है।

बेंगलुरु, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों के लिए ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के स्थान पर बैलेट पेपर का उपयोग करने वाला बिल पेश कर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

मंत्री प्रियांक खड़गे द्वारा प्रस्तुत 'कर्नाटक ग्राम स्वराज और पंचायत राज (संशोधन) बिल, 2026' में बैलेट-आधारित मतदान पर लौटने का प्रस्ताव है, जिसका कारण ईवीएम पर जनता का घटता विश्वास और हाल के चुनावों में हुई कथित गड़बड़ियों को बताया गया है।

खड़गे ने कहा कि बैलेट पेपर अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा। उन्होंने वोटों में अचानक वृद्धि और गिनती में विसंगतियों की घटनाओं का उदाहरण देते हुए चुनाव आयोग की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।

भाजपा ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने इसे तुगलकी फरमान करार दिया और ईवीएम का बचाव करते हुए उन्हें भरोसेमंद बताया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की जांच भी शामिल है।

भाजपा के नेताओं ने चेतावनी दी कि बैलेट पेपर पर लौटने से चुनावी धांधली फिर से शुरू हो सकती है, जो कर्नाटक की प्रगति को प्रभावित कर सकती है, खासकर जब कर्नाटक एक टेक्नोलॉजी हब के रूप में जाना जाता है।

सदन में तनाव बढ़ने पर भाजपा सदस्यों ने वॉकआउट किया और इस बिल को धोखाधड़ी वाला बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गया है। यह घटना न केवल चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है, बल्कि कर्नाटक की तकनीकी प्रगति पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक सरकार ने बैलेट पेपर का उपयोग क्यों करने का प्रस्ताव रखा?
कर्नाटक सरकार ने बैलेट पेपर का उपयोग करने का प्रस्ताव इसलिए रखा क्योंकि ईवीएम पर जनता का भरोसा घट रहा है और हाल के चुनावों में गड़बड़ियों की शिकायतें आई हैं।
भाजपा ने इस बिल पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा ने इस बिल को धोखाधड़ी वाला बताते हुए इसका विरोध किया और विधानसभा में वॉकआउट किया।
क्या बैलेट पेपर पर वापस लौटने से चुनावी धांधली हो सकती है?
भाजपा नेताओं का मानना है कि बैलेट पेपर पर लौटने से चुनावी धांधली फिर से शुरू हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस