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साच पास दुर्घटना: बेंगलुरु के 7 लोगों की मौत पर कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने जताया शोक, सरकार से सहायता की माँग

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साच पास दुर्घटना: बेंगलुरु के 7 लोगों की मौत पर कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने जताया शोक, सरकार से सहायता की माँग

सारांश

छुट्टियों पर निकले बेंगलुरु के दो परिवारों के सात सदस्यों समेत आठ पर्यटकों की हिमाचल प्रदेश के साच पास के पास खाई में गाड़ी गिरने से मौत हो गई। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने शोक जताते हुए राज्य सरकार से पार्थिव शरीर वापस लाने और परिवारों की मदद की माँग की।

मुख्य बातें

29 मई की आधी रात को साच पास के निकट बैरागढ़-किल्लार मार्ग पर टूरिस्ट टैक्सी खाई में गिरी, 8 पर्यटकों की मौत।
मृतकों में बेंगलुरु के दो परिवारों के 7 सदस्य शामिल; सभी डलहौजी के एक होटल में ठहरे थे।
कठिन बचाव अभियान के बाद अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल से सभी आठ शव बरामद किए।
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त कर कर्नाटक सरकार से हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ समन्वय की माँग की।
विजयेंद्र ने पीड़ितों के पार्थिव शरीर को शीघ्र बेंगलुरु वापस लाने की व्यवस्था करने का आह्वान किया।

कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष एवं विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने सोमवार, 1 जून को हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में साच पास के निकट हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में बेंगलुरु के सात निवासियों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। इस दुर्घटना में कुल आठ पर्यटकों की जान गई, जिनमें बेंगलुरु के दो परिवारों के सात सदस्य शामिल थे — जो छुट्टियों पर हिमाचल प्रदेश के दर्शनीय स्थलों की सैर के लिए निकले थे।

दुर्घटना का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, पर्यटकों को ले जा रही एक टूरिस्ट टैक्सी 29 मई की आधी रात के आसपास बैरागढ़-किल्लार मार्ग पर कालाबान के निकट एक तीखे मोड़ पर नियंत्रण खोकर गहरी खाई में जा गिरी। वाहन बर्फ से ढके साच पास की ओर जा रहा था, जो हिमाचल प्रदेश के सबसे दुर्गम पहाड़ी मार्गों में से एक माना जाता है।

ये पर्यटक डलहौजी के एक होटल में ठहरे हुए थे और 29 मई को साच पास भ्रमण के लिए निकले थे। शाम तक वापस न लौटने पर होटल प्रबंधन ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच एक गहन खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल से सभी आठ शव बरामद कर लिए।

विजयेंद्र का बयान और माँग

विजयेंद्र ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि यह जानकर गहरा दुख हुआ कि छुट्टियों पर निकले परिवारों का इतना दुखद अंत हुआ। उन्होंने इसे 'दिल तोड़ने वाली त्रासदी' बताया।

उन्होंने कर्नाटक सरकार से आग्रह किया कि वह हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर शोक संतप्त परिवारों को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराए। विजयेंद्र ने विशेष रूप से पीड़ितों के पार्थिव शरीर को शीघ्र बेंगलुरु वापस लाने की व्यवस्था करने की माँग की।

साच पास: एक दुर्गम मार्ग

साच पास हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित एक अत्यंत ऊँचा और कठिन पहाड़ी दर्रा है, जो पर्यटकों के बीच साहसिक यात्राओं के लिए लोकप्रिय है। यह मार्ग वर्ष के अधिकांश समय बर्फ से ढका रहता है और संकरे मोड़ों तथा ढलानों के कारण अत्यंत जोखिम भरा माना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएँ लगातार उठती रही हैं।

आगे की स्थिति

अधिकारी पीड़ितों की पहचान और पार्थिव शरीर को उनके परिजनों तक पहुँचाने की प्रक्रिया में जुटे हैं। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की सरकारों के बीच समन्वय की उम्मीद जताई जा रही है ताकि प्रभावित परिवारों को राहत और आवश्यक प्रशासनिक सहायता मिल सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली जवाबदेही इस बात में है कि क्या प्रशासन ने उच्च जोखिम वाले मौसम में इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पर पर्याप्त नियंत्रण रखा था। पार्थिव शरीर वापस लाने की माँग स्वाभाविक है, परंतु दीर्घकालिक प्रश्न यह है कि पहाड़ी पर्यटन में सुरक्षा मानक कब तक केवल दुर्घटनाओं के बाद चर्चा का विषय बनते रहेंगे।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साच पास दुर्घटना में कितने लोगों की मौत हुई और वे कहाँ के थे?
इस दुर्घटना में कुल आठ पर्यटकों की मौत हुई, जिनमें बेंगलुरु के दो परिवारों के सात सदस्य शामिल थे। ये सभी हिमाचल प्रदेश में पर्यटन के लिए आए थे और डलहौजी के एक होटल में ठहरे हुए थे।
साच पास दुर्घटना कब और कैसे हुई?
यह दुर्घटना 29 मई की आधी रात के आसपास हुई, जब बैरागढ़-किल्लार मार्ग पर कालाबान के निकट एक तीखे मोड़ पर टूरिस्ट टैक्सी नियंत्रण खोकर गहरी खाई में जा गिरी। वाहन बर्फ से ढके साच पास की ओर जा रहा था।
विजयेंद्र ने सरकार से क्या माँग की है?
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कर्नाटक सरकार से हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ समन्वय कर पीड़ितों के पार्थिव शरीर को बेंगलुरु वापस लाने और शोक संतप्त परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।
साच पास इतना खतरनाक क्यों माना जाता है?
साच पास हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित एक अत्यंत ऊँचा और दुर्गम पहाड़ी दर्रा है, जो वर्ष के अधिकांश समय बर्फ से ढका रहता है। संकरे मोड़ों, तीव्र ढलानों और कठिन मौसमी परिस्थितियों के कारण यह मार्ग पर्यटकों के लिए जोखिम भरा माना जाता है।
बचाव अभियान कैसे चलाया गया?
होटल प्रबंधन द्वारा सूचना मिलने के बाद पुलिस ने खोज अभियान शुरू किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद चलाए गए गहन बचाव अभियान में अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल से सभी आठ शव बरामद कर लिए।
राष्ट्र प्रेस
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