कर्नाटक CM शिवकुमार ने चेक उप-प्रधानमंत्री से मुलाकात की, बेंगलुरु से परे निवेश का दिया न्योता
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के विधानसौधा में चेक गणराज्य के उप प्रधानमंत्री करेल हावलीचेक के नेतृत्व वाले उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और चेक कंपनियों को कर्नाटक के अन्य जिलों में निवेश के दायरे को विस्तारित करने का आमंत्रण दिया। शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य में ऊर्जा, कृषि, ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेश के लिए विशाल संभावनाएँ हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश: बेंगलुरु से आगे बढ़ें
बैठक में मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा, 'कर्नाटक चेक गणराज्य का दीर्घकालिक भागीदार रहेगा। चेक कंपनियों को अपना निवेश सिर्फ बेंगलुरु तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि कर्नाटक के विभिन्न जिलों में अवसरों की तलाश करनी चाहिए।' यह बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य सरकार लंबे समय से निवेश का विकेंद्रीकरण करने पर जोर देती रही है।
किन क्षेत्रों में हैं अवसर
शिवकुमार ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि कर्नाटक कृषि, वानिकी, बागवानी और फूलों की खेती में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य देश के कुछ सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों और सबसे पुरानी पनबिजली सुविधाओं का केंद्र है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की भरपूर गुंजाइश है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने चेक कंपनियों को ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), अगली पीढ़ी की मोबिलिटी, टेस्टिंग और विशेष विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग तलाशने का न्योता दिया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें चेक प्रतिनिधिमंडल की एयरोस्पेस क्षेत्र में निवेश करने की रुचि के बारे में जानकारी मिली है, जो दोनों पक्षों के बीच सहयोग के नए रास्ते खोल सकती है।
सरकार की सहायता व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि कर्नाटक सरकार कई तंत्रों के माध्यम से इच्छुक कंपनियों को पूरा सहयोग देती है — जिनमें इन्वेस्ट कर्नाटक, कर्नाटक उद्योग मित्र, कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (KIADB) और राज्य की सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि ये तंत्र कंपनियों को उपयुक्त स्थानों का मूल्यांकन करने, आवश्यक अनुमोदन प्रक्रियाओं को समझने और संबंधित सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने में सहायक हैं।
चेकट्रेड की भूमिका और द्विपक्षीय सेतु
शिवकुमार ने यह भी कहा कि चेकट्रेड और चेक बिजनेस इनक्यूबेटर चेक कंपनियों तथा कर्नाटक सरकार के बीच सेतु की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बेंगलुरु में चेकट्रेड कार्यालय और चेक औद्योगिक समूहों की उस भूमिका को भी रेखांकित किया जो व्यावसायिक संबंधों को बढ़ावा देने, स्थानीय भागीदारों की पहचान करने और कर्नाटक में निवेश के अवसरों को समझने में मदद करती है।
प्राथमिकता और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया, 'ऐसे निवेशों को आकर्षित करना जो तकनीक लाएँ, स्थानीय उद्योग को मजबूत करें, गुणवत्तापूर्ण रोज़गार पैदा करें और निर्यात का समर्थन करें — यह हमारी प्राथमिकता है।' यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब कर्नाटक सरकार राज्य के विभिन्न जिलों में निवेश को विविधता देने की दिशा में सक्रिय प्रयास कर रही है। आगामी समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस द्विपक्षीय संवाद से ठोस समझौते और परियोजनाएँ किस रूप में सामने आती हैं।