CM शिवकुमार ने पोलैंड के PM टस्क से बेंगलुरु में मुलाकात, 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2027' में भागीदारी का न्योता
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 23 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के एक निजी होटल में पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से द्विपक्षीय वार्ता की और राज्य के 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2027' में पोलैंड को 'कंट्री पार्टनर' के रूप में शामिल होने का निमंत्रण दिया। पोलैंड के प्रधानमंत्री टस्क और उनका प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार रात दिल्ली से बेंगलुरु पहुँचा था।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहे
इस उच्चस्तरीय बैठक में पोलैंड के वित्त मंत्री आंद्रेज डोमांस्की और पोलैंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कर्नाटक की ओर से भारी एवं मध्यम उद्योग तथा बुनियादी ढाँचा विकास मंत्री एम.बी. पाटिल, आईटी-बीटी एवं गृह मंत्री प्रियांक खड़गे, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव तुषार गिरि नाथ और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव एस. सेल्वकुमार भी वार्ता में शामिल रहे।
निवेश और रोज़गार की संभावनाएँ
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बैठक के दौरान एक पोलिश बिजनेस ग्रुप की ओर से प्रस्तावित निवेश का उल्लेख किया, जिससे कर्नाटक में लगभग 1,000 नौकरियाँ सृजित होने का अनुमान है। उन्होंने पोलैंड की प्रौद्योगिकी कंपनियों को बेंगलुरु में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सॉफ्टवेयर, गेमिंग, रोबोटिक्स, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप इनोवेशन के क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
शिवकुमार ने कहा, 'पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और उनके प्रतिनिधिमंडल का बेंगलुरु में स्वागत करना खुशी की बात है। बेंगलुरु, कर्नाटक का एक ऐसा वैश्विक केंद्र है, जो तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के लिए जाना जाता है।' उन्होंने कहा कि राज्य निवेश, तकनीक, नवाचार और रोज़गार के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को अधिक गहरा करना चाहता है।
कर्नाटक-काटोविस डिजिटल कॉरिडोर का प्रस्ताव
शिवकुमार ने 'चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री इन काटोविस' और 'काटो.हब' के साथ हस्ताक्षरित 'लेटर ऑफ इंटेंट' का उल्लेख किया। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गेमिंग और डीप-टेक इनोवेशन में सहयोग को बढ़ावा देना है, जिसमें 'कर्नाटक-काटोविस डिजिटल एंड गेमिंग कॉरिडोर' का प्रस्ताव भी शामिल है। इस पहल से दोनों पक्षों के स्टार्टअप्स, तकनीकी कंपनियों और शोध संस्थानों को साझा परियोजनाओं और एक-दूसरे के बाज़ारों में विस्तार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
हरित ऊर्जा और टिकाऊ विकास पर भी ज़ोर
मुख्यमंत्री ने सहयोग के लिए नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी), वेस्ट-टू-एनर्जी, स्लज मैनेजमेंट, वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी समाधान जैसे प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की पर्यावरणीय प्राथमिकताओं और टिकाऊ औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए पोलैंड की विशेषज्ञता का लाभ उठाया जा सकता है। उन्होंने इन्फोसिस की पोलैंड में लगभग 20 वर्षों की मौजूदगी का उदाहरण देते हुए दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद व्यावसायिक संबंधों को रेखांकित किया।
आगे क्या होगा
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब कर्नाटक सरकार ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2027 की तैयारियों को गति दे रही है और वैश्विक साझेदारों की तलाश में है। पोलैंड के प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा भारत-यूरोप व्यापार संबंधों को नई दिशा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है। मेडिकल उत्पादों, हेल्थकेयर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में निवेश संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।