6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक कांग्रेस का BJP पर पलटवार: स्पीकर-चेयरमैन उम्मीदवारों के ऐलान में कोई संवैधानिक उल्लंघन नहीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक कांग्रेस का BJP पर पलटवार: स्पीकर-चेयरमैन उम्मीदवारों के ऐलान में कोई संवैधानिक उल्लंघन नहीं

सारांश

कर्नाटक में कांग्रेस और BJP के बीच संवैधानिक विवाद गहराया। केपीसीसी अध्यक्ष हरिप्रसाद ने BJP के आरोपों को 'अज्ञानता' बताते हुए 2019 और 2024 की BJP की अपनी मिसालें सामने रख दीं — जब पार्टी ने खुद चुनाव से पहले स्पीकर उम्मीदवार घोषित किए थे।

मुख्य बातें

केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने 4 अगस्त को कांग्रेस के स्पीकर-चेयरमैन उम्मीदवारों के ऐलान का बचाव किया।
कांग्रेस ने जीएस पाटिल (स्पीकर), एएस पोन्नाना (डिप्टी स्पीकर), सलीम अहमद (विधान परिषद चेयरमैन) और उमाश्री (डिप्टी चेयरमैन) को नामित किया है।
हरिप्रसाद ने संविधान के अनुच्छेद 178 और 182 का हवाला देते हुए BJP के आरोपों को खारिज किया।
BJP की 2019 और 2024 की अपनी मिसालें गिनाईं, जब पार्टी ने चुनाव से पहले स्पीकर उम्मीदवार घोषित किए थे।
अदालत ने पहले एमके प्रणेश के विधान परिषद डिप्टी चेयरमैन चुनाव को अनियमितताओं के कारण रद्द किया था।

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने 4 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा विधान परिषद के चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन पदों के लिए कांग्रेस द्वारा उम्मीदवारों के ऐलान का कड़ा बचाव किया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संवैधानिक उल्लंघन के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पार्टी पर 'अज्ञानता' का आरोप लगाया।

विवाद का मूल कारण

BJP ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने इन पदों के रिक्त होने से पहले ही नामों की घोषणा करके संविधान का उल्लंघन किया है। कांग्रेस आलाकमान ने जीएस पाटिल को विधानसभा अध्यक्ष, एएस पोन्नाना को डिप्टी स्पीकर, सलीम अहमद को विधान परिषद का चेयरमैन और उमाश्री को डिप्टी चेयरमैन पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

हरिप्रसाद का संवैधानिक तर्क

हरिप्रसाद ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने केवल अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है, किसी को संवैधानिक पद पर नियुक्त नहीं किया है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 178 और 182 का हवाला दिया, जिनके अनुसार विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष तथा परिषद के चेयरमैन-डिप्टी चेयरमैन का चुनाव संबंधित सदनों द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा, "BJP नेताओं को पहले संविधान पढ़ना चाहिए और फिर कांग्रेस पार्टी का लेटरहेड देखना चाहिए।"

BJP पर पूर्व मिसालों से पलटवार

हरिप्रसाद ने BJP की ओर से ही पेश किए गए ऐतिहासिक उदाहरणों से अपनी बात को पुख्ता किया। उन्होंने याद दिलाया कि 2019 में BJP ने चुनाव से पहले विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी को स्पीकर पद का उम्मीदवार घोषित किया था। इसी प्रकार, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 2024 के चुनाव से पहले ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बताया था। पश्चिम बंगाल में BJP नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी मतदान से पहले रथीन्द्र बोस को स्पीकर पद का उम्मीदवार घोषित किया था।

BJP पर नैतिक अधिकार का सवाल

केपीसीसी प्रमुख ने BJP पर संवैधानिक मूल्यों पर उपदेश देने का नैतिक अधिकार न होने का आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि अदालत ने अनियमितताओं के कारण विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन के रूप में एमके प्रणेश के चुनाव को बाद में रद्द कर दिया था। हरिप्रसाद ने कहा, "कांग्रेस को एमके प्रणेश भाजपा से संविधान के बारे में सीख लेने की जरूरत नहीं है।"

आगे की राह

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक विधानमंडल में इन महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर चुनाव की प्रक्रिया निकट है। कांग्रेस और BJP के बीच यह तीखी नोकझोंक राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को और गहरा कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर साथ ही यह भी याद दिलाता है कि विधानमंडल के पदों पर विवाद कर्नाटक में नई बात नहीं।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में स्पीकर और चेयरमैन उम्मीदवारों के ऐलान पर विवाद क्यों हुआ?
BJP ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पद रिक्त होने से पहले ही उम्मीदवारों की घोषणा कर संविधान का उल्लंघन किया। केपीसीसी अध्यक्ष हरिप्रसाद ने इसे खारिज करते हुए कहा कि पार्टी ने केवल उम्मीदवार घोषित किए हैं, किसी को नियुक्त नहीं किया।
कांग्रेस ने किन पदों के लिए कौन-से उम्मीदवार घोषित किए हैं?
कांग्रेस ने जीएस पाटिल को विधानसभा अध्यक्ष, एएस पोन्नाना को डिप्टी स्पीकर, सलीम अहमद को विधान परिषद चेयरमैन और उमाश्री को डिप्टी चेयरमैन पद के लिए नामित किया है।
हरिप्रसाद ने BJP पर क्या संवैधानिक तर्क दिया?
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 178 और 182 का हवाला दिया, जो कहते हैं कि इन पदों का चुनाव संबंधित सदनों द्वारा होता है। उन्होंने यह भी बताया कि 2019 और 2024 में BJP ने खुद चुनाव से पहले स्पीकर उम्मीदवार घोषित किए थे।
एमके प्रणेश का मामला इस विवाद से कैसे जुड़ा है?
हरिप्रसाद ने याद दिलाया कि अदालत ने अनियमितताओं के कारण एमके प्रणेश के विधान परिषद डिप्टी चेयरमैन चुनाव को रद्द कर दिया था। इससे उन्होंने BJP के संवैधानिक मूल्यों पर उपदेश देने के नैतिक अधिकार पर सवाल उठाया।
कर्नाटक विधानमंडल में इन पदों का चुनाव कब होगा?
अभी तक चुनाव की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है। कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद यह प्रक्रिया निकट भविष्य में पूरी होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. 6 दिन पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले