4 नवंबर 2026
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चलावाडी नारायणस्वामी के 'टुकड़े-टुकड़े' बयान पर कांग्रेस की गिरफ्तारी की मांग, BJP पर पद से हटाने का दबाव

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चलावाडी नारायणस्वामी के 'टुकड़े-टुकड़े' बयान पर कांग्रेस की गिरफ्तारी की मांग, BJP पर पद से हटाने का दबाव

सारांश

कोलार पदयात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 'टुकड़े-टुकड़े' कर अरब सागर में फेंकने की कथित धमकी अब राजनीतिक और कानूनी मोर्चे पर भाजपा नेता चलावाडी नारायणस्वामी को घेर रही है। KPCC ने गिरफ्तारी और पद से हटाने की दोहरी मांग कर दाँव ऊंचा कर दिया है।

मुख्य बातें

अंजनेय ने 4 नवंबर 2026 को विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाडी नारायणस्वामी की गिरफ्तारी की माँग की।
नारायणस्वामी ने कथित तौर पर कोलार की पदयात्रा में कहा था कि भाजपा समर्थक कांग्रेस कार्यकर्ताओं के टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें अरब सागर में फेंक देंगे।
कांग्रेस कोलार में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है और कानूनी विशेषज्ञों से अन्य स्थानों पर मामला दर्ज कराने की संभावना पर सलाह ले रही है।
अंजनेय ने भाजपा से माँग की कि वह नारायणस्वामी को विधान परिषद में विपक्ष के नेता के पद से हटाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में KPCC के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बी.एन.
धर्मसेना और वेंकटेश भी उपस्थित रहे।

कर्नाटक में राजनीतिक विवाद तब गहरा गया जब कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के उपाध्यक्ष एच. अंजनेय ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाडी नारायणस्वामी की विवादित टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। नारायणस्वामी ने कथित तौर पर कहा था कि यदि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाना जारी रखती है, तो भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यकर्ताओं के टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें अरब सागर में फेंक देंगे।

विवादित बयान की पृष्ठभूमि

नारायणस्वामी ने यह विवादित बयान कोलार में भाजपा द्वारा आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' पदयात्रा के दौरान दिया था। यह पदयात्रा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरुद्ध कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के प्रतिक्रियास्वरूप आयोजित की गई थी। गौरतलब है कि SIR को लेकर कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच पहले से ही तीखी तकरार चल रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता संघर्ष तेज़ है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर संवैधानिक मर्यादाएं तोड़ने के आरोप लगा रहे हैं।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया और मांगें

KPCC कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंजनेय ने सवाल किया कि क्या किसी जनप्रतिनिधि को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना शोभा देता है, या यह भाषा आतंकवादियों की होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा और आतंकवाद से जुड़ी भाषा का प्रयोग कर नारायणस्वामी ने महात्मा गांधी के सिद्धांतों में आस्था रखने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भड़काने का प्रयास किया।

अंजनेय ने कहा, 'हम हिंसा में विश्वास नहीं करते और न ही असंवैधानिक या असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करना चाहते हैं।' उन्होंने माँग की कि पुलिस स्वत: संज्ञान लेते हुए नारायणस्वामी के खिलाफ मामला दर्ज करे और उन्हें गिरफ्तार करे।

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

अंजनेय ने बताया कि कांग्रेस कोलार में नारायणस्वामी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है। इसके अतिरिक्त, कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श लेकर अन्य स्थानों पर भी मामले दर्ज कराने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी माँग की कि यदि भाजपा की कोई नैतिक जिम्मेदारी है, तो वह नारायणस्वामी को विधान परिषद में विपक्ष के नेता के पद से तत्काल हटाए।

कांग्रेस का पक्ष और पलटवार

भाजपा के इस आरोप पर कि कांग्रेस देश में अराजकता फैला रही है, अंजनेय ने कहा कि कांग्रेस ने न तो ट्रेनों में बम लगाए हैं और न ही किसी हिंसक गतिविधि में भाग लिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं।

अंजनेय ने कहा, 'हम वे लोग हैं जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों की गोलियां झेली थीं।' उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा देश की एकता, अखंडता और शांति को प्राथमिकता देती आई है।

नारायणस्वामी पर व्यक्तिगत निशाना

अंजनेय ने दावा किया कि नारायणस्वामी पहले कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और KPCC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर भी कार्य कर चुके हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने केवल अपना राजनीतिक दुपट्टा बदला है। अंजनेय ने आरोप लगाया कि नारायणस्वामी प्रचार पाने और खुद को बड़ा नेता साबित करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में KPCC के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बी.एन. चंद्रप्पा, KPCC एससी विभाग के अध्यक्ष आर. धर्मसेना और KPCC महासचिव वेंकटेश भी उपस्थित रहे। आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है और भाजपा नेतृत्व नारायणस्वामी के बयान पर कोई स्पष्टीकरण देता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह विरोध की सीमाएं तय करने की कोशिश में अतिवादी भाषा को सामान्य बनाने का हिस्सा बन रहा है। SIR को लेकर जो विवाद था, वह अब नारायणस्वामी के बयान से पूरी तरह पृष्ठभूमि में चला गया है — और कांग्रेस यही चाहती भी दिखती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि दोनों पक्ष इस विवाद का इस्तेमाल SIR बहस से जनता का ध्यान हटाने के लिए कर रहे हैं, जो मूल मुद्दा था।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चलावाडी नारायणस्वामी ने क्या विवादित बयान दिया था?
नारायणस्वामी ने कथित तौर पर कोलार में भाजपा की पदयात्रा के दौरान कहा था कि यदि कांग्रेस अराजकता फैलाना जारी रखती है, तो भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यकर्ताओं के टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें अरब सागर में फेंक देंगे। यह बयान तत्काल राजनीतिक विवाद का कारण बन गया।
KPCC ने नारायणस्वामी के खिलाफ क्या कार्रवाई की माँग की है?
KPCC उपाध्यक्ष एच. अंजनेय ने पुलिस से स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज कर नारायणस्वामी को गिरफ्तार करने की माँग की है। साथ ही भाजपा से माँग की है कि वह उन्हें विधान परिषद में विपक्ष के नेता के पद से हटाए।
'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' पदयात्रा किस लिए आयोजित की गई थी?
यह पदयात्रा भाजपा ने कोलार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरुद्ध कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के जवाब में आयोजित की थी। SIR को लेकर कर्नाटक में दोनों प्रमुख दलों के बीच पहले से तनातनी चल रही है।
कांग्रेस आगे कानूनी कार्रवाई कैसे करने की योजना बना रही है?
अंजनेय के अनुसार, कांग्रेस कोलार में नारायणस्वामी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएगी। इसके अलावा, कानूनी विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर अन्य स्थानों पर भी मामले दर्ज कराने की संभावना तलाशी जा रही है।
नारायणस्वामी और कांग्रेस का पुराना क्या संबंध बताया गया है?
KPCC उपाध्यक्ष अंजनेय ने दावा किया कि नारायणस्वामी पहले कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और KPCC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर भी कार्य कर चुके हैं। अंजनेय ने तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने केवल अपना राजनीतिक दुपट्टा बदला है।
राष्ट्र प्रेस
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