कर्नाटक: हर्षा एंटरटेनमेंट धोखाधड़ी मामले में ईडी ने १.६६ करोड़ की संपत्तियां जब्त की

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कर्नाटक: हर्षा एंटरटेनमेंट धोखाधड़ी मामले में ईडी ने १.६६ करोड़ की संपत्तियां जब्त की

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने हर्षा एंटरटेनमेंट के धोखाधड़ी मामले में १.६६ करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य निवेशकों के साथ किए गए धोखाधड़ी के मामलों की जांच करना है।

Key Takeaways

  • ईडी ने १.६६ करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की।
  • धोखाधड़ी का संबंध हर्षा एंटरटेनमेंट से है।
  • यह कार्रवाई पीएमएलए, २००२ के तहत की गई।
  • आरोपी उच्च ब्याज दरों का वादा करते थे।
  • जांच में निवेशकों के धन का दुरुपयोग सामने आया।

बेंगलुरु, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मंगलुरु उप क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में उल्लेख किया कि उसने हरिप्रसाद जयन्ना और गजानना वाडेयार के नाम पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), २००२ के तहत १.६६ करोड़ रुपए की कृषि भूमि और एलआईसी पॉलिसियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई हर्षा एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के निवेशकों के साथ हुए धोखाधड़ी मामले से जुड़ी है।

इस बयान में बताया गया कि ईडी ने २३ मार्च को पीएमएलए, २००२ के प्रावधानों के तहत हरिप्रसाद जयन्ना और गजानना वाडेयार के नाम पर १.६६ करोड़ रुपए की कृषि भूमि और एलआईसी पॉलिसियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।

केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि मामला दर्ज होने के बाद, धारवाड़ उपमंडल के कालाघाटगी पुलिस स्टेशन में सत्यबोधा खसनीस उर्फ हर्षा, संजीव खसनीस, श्रीकांत खसनीस और अन्य के खिलाफ १५ अप्रैल, २०१७ को दर्ज एफआईआर के आधार पर पीएमएलए जांच प्रारंभ की गई। इन आरोपियों पर विभिन्न व्यक्तियों से उच्च ब्याज दरों का वादा करके धन वसूलने और भुगतान न करने का आरोप है।

ईडी की जांच में यह पता चला कि आरोपी सत्यबोधा श्रीनिवासराव खसनीस, संजीव और श्रीकांत ने अपनी संबंधित कंपनियों हर्षा लाइफ लाइट और हर्षा एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से वित्तीय वर्ष २००९-१० और २०१६-१७ के बीच आम निवेशकों से भारी मात्रा में धन जुटाया, उन्हें निवेशित पूंजी पर चार से छह प्रतिशत प्रति माह तक का अत्यधिक रिटर्न देने का वादा करके।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने सार्वजनिक निवेशकों से जुटाई गई धनराशि का उपयोग शेयर बाजार में ट्रेडिंग, फिल्म निर्माण और अन्य अज्ञात उद्देश्यों के लिए किया और निवेशकों को २२.५८ करोड़ रुपए की राशि वापस नहीं की।

ईडी ने आगे कहा कि जांच में यह भी पता चला कि फिल्म निर्देशकों में से एक, पवन कुमार ने उस धनराशि का एक हिस्सा अपने पिता गजानना वाडेयार के नाम पर एलआईसी पॉलिसी खरीदने के लिए इस्तेमाल किया, और दूसरे फिल्म निर्देशक हरिप्रसाद जयन्ना ने आरोपियों से नकद में प्राप्त धनराशि का उपयोग अज्ञात उद्देश्यों के लिए किया। इसके चलते पीएमएलए की धारा ५ के तहत उनकी संपत्तियों, जैसे कि गजानना वाडेयार के नाम पर १.३१ करोड़ रुपए की एलआईसी पॉलिसी और हरिप्रसाद जयन्ना के नाम पर ३५ लाख रुपए की अचल संपत्ति को जब्त कर लिया गया।

केंद्रीय एजेंसी को यह भी पता चला कि फिल्म निर्देशक पवन कुमार ने उस धनराशि का कुछ हिस्सा अपने पिता गजानना वाडेयार के नाम पर एलआईसी पॉलिसी खरीदने में इस्तेमाल किया। इन पॉलिसियों का मूल्य १.३१ करोड़ रुपए है और इन्हें अब जब्त कर लिया गया है। आगे की जांच जारी है।

Point of View

बल्कि यह भी बताता है कि कैसे कुछ कंपनियां निवेशकों के विश्वास का दुरुपयोग कर सकती हैं। इस संदर्भ में, ईडी की कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है, जो धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त संदेश भेजती है।
NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

ईडी ने कितनी संपत्तियां जब्त की हैं?
ईडी ने १.६६ करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की हैं।
यह धोखाधड़ी का मामला किससे संबंधित है?
यह मामला हर्षा एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित है।
किस कानून के तहत यह कार्रवाई की गई?
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), २००२ के तहत की गई है।
आरोपियों पर क्या आरोप हैं?
आरोपियों पर उच्च ब्याज दरों का वादा करके धन वसूलने और भुगतान न करने का आरोप है।
जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं?
जांच में पता चला है कि आरोपियों ने निवेशकों से जुटाई गई धनराशि का दुरुपयोग किया।
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